Sawan 2026: 30 जुलाई यानी कल से सावन का महीना शुरू होने जा रहा है. मान्यता है कि इस पूरे महीने भगवान शिव और माता पार्वती पृथ्वी लोक पर निवास करते हैं और अपने भक्तों की हर मनोकामना पूरी करते हैं. सावन के दौरान जितना महत्व पूजा-पाठ का होता है, उतना ही इस बात का भी रखना जरूरी है कि हमसे कोई ऐसी भूल न हो जाए जिससे भोलेनाथ अप्रसन्न हों. ज्योतिषियों की मानें तो, सावन के महीने में कुछ कामों को करने की सख्त मनाही होती है. आइए जानते हैं उन गलतियों के बारे में.
तामसिक भोजन और नशीली चीजों का सेवन
सावन के पवित्र महीने में लहसुन, प्याज, मांस, मछली और अंडे जैसी तामसिक चीजों का सेवन बिल्कुल न करें. इसके साथ ही शराब या किसी भी प्रकार के नशे से पूरी तरह दूर रहना चाहिए. सावन में सात्विक जीवन शैली अपनाने से ही पूजा का पूर्ण फल मिलता है.
शिवलिंग पर न चढ़ाएं ये चीजें
हल्दी व कुमकुम
हल्दी और कुमकुम स्त्रियों से संबंधित सामग्री मानी जाती हैं, इसलिए इन्हें शिवलिंग पर न चढ़ाएं.
तुलसी के पत्ते
पौराणिक कथा के अनुसार, जालंधर राक्षस का वध करने के कारण तुलसी जी ने शिवजी की पूजा में अपने पत्तों के प्रयोग पर रोक लगाई थी.
केतकी का फूल
केतकी के फूल को भगवान शिव ने अपनी पूजा से त्याग दिया था.
कटे-फटे बेलपत्र
खंडित या कटे-फटे बेलपत्र कभी भी शिवलिंग पर न अर्पित करें.
तांबे के बर्तन से दूध अर्पित करना
शिवलिंग पर दूध चढ़ाना अत्यंत शुभ माना जाता है, लेकिन ध्यान रहे कि कभी भी तांबे के लोटे या बर्तन से दूध न चढ़ाएं. तांबे के पात्र में दूध रखने से वह विषैला हो जाता है. दूध हमेशा पीतल, चांदी या स्टील के बर्तन से ही अर्पित करें. तांबे के बर्तन से केवल जल ही चढ़ाना चाहिए.
शरीर पर तेल लगाना और बाल व नाखून काटना
शास्त्रों के अनुसार सावन के महीने में शरीर पर तेल लगाना वर्जित माना जाता है. विशेष रूप से रविवार के दिन तेल की मालिश नहीं करनी चाहिए. इसके अलावा, इस पावन महीने में बाल कटवाना, दाढ़ी बनाना और नाखून काटना भी अशुभ माना गया है.
दोपहर के समय सोना
यदि आप सावन के सोमवार का व्रत रख रहे हैं या सामान्य दिनों में भी शिव भक्ति कर रहे हैं, तो सावन के दौरान दिन में सोने से बचना चाहिए. यह समय शिव नाम के स्मरण और मंत्र जप के लिए सबसे उत्तम माना जाता है.
जीवों को नुकसान पहुंचाना या अपमान करना
सावन में किसी भी जानवर या जीव-जंतु को न सताएं. विशेष रूप से सांप और सांड को भगाने के लिए डंडा न मारें और न ही उन्हें नुकसान पहुंचाएं, क्योंकि नंदी भगवान शिव के वाहन हैं और नाग देवता उनके आभूषण हैं.
कड़वे बोल बोलना और क्रोध करना
सावन का महीना आत्मिक शुद्धि का समय होता है. इस दौरान किसी का दिल न दुखाएं, न किसी की चुगली करें और न ही किसी पर क्रोध करें. घर के बुजुर्गों, महिलाओं या किसी भी व्यक्ति का अपमान करने से शिवजी की पूजा का फल नष्ट हो जाता है.
हरी सब्जियों का परहेज
धार्मिक और वैज्ञानिक दोनों कारणों से सावन में बैंगन खाना वर्जित माना गया है. शास्त्रों में बैंगन को अशुद्ध माना गया है, वहीं वैज्ञानिक दृष्टि से सावन के मौसम में इसमें कीड़े लग जाते हैं, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं.
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