Raksha Bandhan 2026: रक्षाबंधन पर बहन-बुआ से जुड़ा ग्रह अस्त! खुशियों में डाल सकता है बाधा

28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन बहन और बुआ के कारक ग्रह बुध अस्त अवस्था में रहेंगे. शेष रूप से छोटी बहन के साथ संबंधों में बुध की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है. बुआ से जुड़े रिश्तों में भी बुध का संबंध है. ऐसे में रक्षा बंधन जैसे भाई-बहन के विशेष पर्व पर बुध का अस्त होना कुछ सावधानियों की ओर इशारा कर रहा है.

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बुध अस्त होने का सबसे ज्यादा असर संवाद यानी आपसी बोलचाल पर पड़ सकता है. (Photo: ITG) बुध अस्त होने का सबसे ज्यादा असर संवाद यानी आपसी बोलचाल पर पड़ सकता है. (Photo: ITG)

अंशु पारीक

  • नई दिल्ली,
  • 27 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 10:01 PM IST

रक्षाबंधन पर्व 28 अगस्त को मनाया जाएगा. ज्योतिषीय दृष्टि से इस वर्ष रक्षाबंधन खास रहने वाला है, क्योंकि बहन और बुआ के कारक ग्रह बुध 28 अगस्त को अस्त अवस्था में रहेंगे. सूर्य से लगभग 12 डिग्री की दूरी तक बुध को अस्त माना जाता है. 28 अगस्त को सूर्य और बुध लगभग समान 11 डिग्री पर स्थित होंगे. ऐसे में बुध की अस्त स्थिति का प्रभाव संवाद और पारिवारिक रिश्तों पर दिखाई दे सकता है.

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ज्योतिष में बुध को बुद्धि, वाणी, संवाद, संदेश, समझ और भाई-बहनों से जुड़े संबंधों का कारक माना जाता है. विशेष रूप से छोटी बहन के साथ संबंधों में बुध की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है. बुआ से जुड़े रिश्तों में भी बुध का संबंध है. ऐसे में रक्षा बंधन जैसे भाई-बहन के विशेष पर्व पर बुध का अस्त होना कुछ सावधानियों की ओर इशारा कर रहा है.

रिश्तों में गलतफहमी से बचें
बुध अस्त होने का सबसे ज्यादा असर संवाद यानी आपसी बोलचाल पर पड़ सकता है. बहन कुछ कहना चाहती हो और भाई उसका अर्थ अलग निकाल ले, या फिर भाई की सामान्य कही गई बात बहन को कठोर लग जाए. कई बार कोई बड़ी समस्या नहीं होती, लेकिन शब्दों के गलत चयन के कारण मन में नाराजगी पैदा हो जाती है. यदि भाई-बहन के बीच पहले से किसी विषय को लेकर मनमुटाव चल रहा है तो रक्षाबंधन पर उस मुद्दे को उठाने से बचना बेहतर रहेगा. पुराने विवाद, संपत्ति, धन या पारिवारिक निर्णय से जुड़े विषय बातचीत का हिस्सा बनते हैं तो बहस की स्थिति बन सकती है. इसलिए इस दिन रिश्तों को प्राथमिकता देना अधिक उचित होगा.

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किन्हें बरतनी होगी सावधानी?
जिन लोगों की कुंडली के तीसरे भाव में मिथुन या कन्या राशि आ रही है. उनके लिए यह समय विशेष रूप से प्रतिकूल माना जा सकता है. मिथुन और कन्या दोनों राशियों के स्वामी बुध हैं. तीसरा भाव स्वयं भाई-बहन, संवाद, साहस और निकट संबंधों से जुड़ा हुआ है. ऐसे में बुध की अस्त अवस्था इस भाव के विषयों को अधिक संवेदनशील बना सकती है.

ऐसे जातकों को रक्षा बंधन के दिन बहन या बुआ से बातचीत करते समय अपनी भाषा पर विशेष ध्यान देना चाहिए. किसी बात का तुरंत जवाब देने के बजाय पहले पूरी बात सुनना और फिर प्रतिक्रिया देना बेहतर रहेगा. फोन या संदेश के माध्यम से बातचीत हो तो भी जल्दबाजी में कोई टिप्पणी करने से बचना चाहिए. इस दिन किसी भी पुरानी बात को लेकर विवाद या आपसी मतभेद पैदा न होने दें.

सबसे महत्वपूर्ण उपाय यह है कि रक्षाबंधन के दिन बहन और बुआ से किसी भी स्थिति में कटु शब्दों का प्रयोग न करें. बहन को सम्मान दें. उसका मन प्रसन्न रखें और संभव हो तो उसे अपनी पसंद का उपहार दें. बुआ का आशीर्वाद लेना भी रिश्तों में सकारात्मकता बढ़ाने वाला माना जाता है.

क्या करें उपाय?
बुध की सकारात्मकता ऊर्जा बढ़ाने के लिए रक्षाबंधन के दिन भगवान गणेश की पूजा करना शुभ माना जाता है. गणेशजी को दूर्वा अर्पित करके परिवार में प्रेम और मधुर संवाद की प्रार्थना करें. इसके अलावा, हरी मूंग का दान किया जा सकता है. बहन को हरे रंग का कोई उपहार देना भी बुध से जुड़ा शुभ उपाय माना जाता है.

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