Putrada Ekadashi 2026: पुत्रदा एकादशी पर त्रिवेणी योग, 5 राशियों को धन-करियर में लाभ

Putrda Ekadashi 2026: पुत्रदा एकादशी पर इस बार त्रिवेणी योग बन रहा है. 24 से 28 अगस्त तक झूलनोत्सव और 4 सितंबर को रोहिणी नक्षत्र में जन्माष्टमी मनाई जाएगी. जानें किन 5 राशियों को लाभ मिल सकता है.

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 24 से 28 अगस्त तक झूलनोत्सव और 4 सितंबर को रोहिणी नक्षत्र में जन्माष्टमी मनाई जाएगी. 24 से 28 अगस्त तक झूलनोत्सव और 4 सितंबर को रोहिणी नक्षत्र में जन्माष्टमी मनाई जाएगी.

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 22 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 10:39 AM IST

Putrada Ekadashi 2026: सावन शुक्ल पक्ष की पुत्रदा एकादशी इस बार धार्मिक दृष्टि से बेहद खास रहने वाली है.एकादशी तिथि के साथ कई शुभ योगों का संयोग बन रहा है, जिससे इस पर्व का महत्व और बढ़ गया है.इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और व्रत करने की परंपरा है.वहीं, एकादशी के साथ ही मंदिरों में धार्मिक आयोजनों का सिलसिला भी शुरू हो जाएगा.24 से 28 अगस्त तक भव्य झूलनोत्सव का आयोजन होगा, जबकि 4 सितंबर को रोहिणी नक्षत्र के महासंयोग में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाएगी.

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पुत्रदा एकादशी पर बन रहा त्रिवेणी योग

इस बार पुत्रदा एकादशी पर सिद्धि योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि योग का संयोग बनने की बात कही जा रही है.धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन शुभ योगों में पूजा-पाठ और धार्मिक कार्य करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है.सर्वार्थ सिद्धि योग को कार्यों में सफलता और मनोकामना पूर्ति के लिए विशेष शुभ माना जाता है.

पुत्रदा एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित होती है.मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से व्रत और पूजा करने से सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है.संतान सुख की कामना रखने वाले दंपतियों के लिए भी इस व्रत का विशेष महत्व बताया गया है.

एकादशी के बाद 24 से 28 अगस्त तक झूलनोत्सव

पुत्रदा एकादशी के साथ ही मंदिरों में भक्ति और उत्सव का माहौल बन जाएगा.24 से 28 अगस्त तक मंदिरों में भव्य झूलनोत्सव का आयोजन होगा.इस दौरान राधा-कृष्ण की प्रतिमाओं को आकर्षक ढंग से सजाए गए झूलों पर विराजमान कराया जाएगा.मंदिरों में भजन-कीर्तन और विशेष पूजा-अर्चना भी होगी.

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झूलनोत्सव के दौरान श्रद्धालु राधा-कृष्ण के दर्शन कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना करेंगे.कई मंदिरों में फूलों और रंग-बिरंगी सजावट के साथ झांकियां भी सजाई जाएंगी.

4 सितंबर को रोहिणी नक्षत्र में जन्माष्टमी

झूलनोत्सव के बाद कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व भी खास रहने वाला है.4 सितंबर को रोहिणी नक्षत्र के महासंयोग में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाएगी.धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रोहिणी नक्षत्र में हुआ था.ऐसे में रोहिणी नक्षत्र के संयोग वाली जन्माष्टमी को विशेष महत्व दिया जाता है.

जन्माष्टमी के अवसर पर मंदिरों में मध्यरात्रि में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाएगा.लड्डू गोपाल का पंचामृत से अभिषेक कर नए वस्त्र पहनाए जाएंगे. माखन-मिश्री समेत कई तरह के भोग लगाए जाएंगे.

इन 5 राशियों के लिए शुभ रह सकता है समय

पुत्रदा एकादशी पर बनने वाले शुभ योगों का असर ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार कुछ राशियों के लिए सकारात्मक रह सकता है.इस दौरान धन, करियर और कारोबार में अच्छे अवसर मिलने के योग बन सकते हैं.

वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों के लिए आर्थिक स्थिति मजबूत होने के संकेत हैं.आय के नए स्रोत बन सकते हैं.  रुका हुआ धन वापस मिलने की संभावना है.नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारी मिल सकती है.

मिथुन राशि

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मिथुन राशि वालों के लिए करियर में तरक्की के अवसर बन सकते हैं.नया प्रोजेक्ट या कारोबार से जुड़ी कोई अच्छी डील मिल सकती है.प्रभावशाली लोगों से संपर्क भविष्य में लाभ दिला सकता है.

सिंह राशि

सिंह राशि वालों को भाग्य का साथ मिल सकता है.नौकरी में प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिलने के योग हैं.कारोबारियों को अच्छा मुनाफा मिल सकता है. आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा.

तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए यह समय आर्थिक मामलों में शुभ रह सकता है.कारोबार विस्तार की योजना आगे बढ़ सकती है.परिवार की ओर से कोई शुभ समाचार मिल सकता है.

मीन राशि

मीन राशि के जातकों के लिए अटके हुए काम पूरे होने के योग हैं.नौकरी और कारोबार में नए अवसर मिल सकते हैं.आर्थिक स्थिति में सुधार के साथ मानसिक शांति भी प्राप्त हो सकती है.

पूजा में क्या करें?

पुत्रदा एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा करते समय पीले फूल, फल, पीली मिठाई और तुलसी दल अर्पित करने की परंपरा है.इस दिन विष्णु सहस्रनाम का पाठ और भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करना शुभ माना जाता है.जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान करना भी पुण्यदायी माना जाता है.

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