करवा चौथ का व्रत हर साल कार्तिक कृष्ण चतुर्थी तिथि को रखा जाता है. इस दिन सुहागनें पति की लंबी उम्र और सुखी दांपत्य जीवन के लिए निर्जला उपवास करती हैं. हिंदू पंचांग के अनुसार, भारत में रहने वाले लोग करवा चौथ का व्रत 29 अक्टूबर दिन गुरुवार को करने वाले हैं. लेकिन करवा चौथ की परंपरा सात समंदर पार विदेश तक में फैली हुई है. अमेरिका, कनाडा, और ब्रिटेन सहित कई देशों में रहने वाले भारतीय भी इस व्रत को धूमधाम से मनाते हैं. लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि वहां यह पर्व 29 तारीख को नहीं मनाया जाएगा. आइए जानते हैं कि विदेश में करवा चौथ की तारीख भारत से अलग क्यों रहने वाली है.
सनातन परंपरा के अनुसार, करवा चौथ के व्रत में चतुर्थी तिथि और चंद्रोदय के समय का होना महत्वपूर्ण माना जाता है. इन दोनों के संयोग में ही करवा चौथ का पर्व मनाने की बात कही गई है. कार्तिक कृष्ण चतुर्थी तिथि को जब शाम के समय चांद निकलता है तो स्त्रिया उसे अर्घ्य देकर ही व्रत का पारण करती हैं. भारत में कर्क चतुर्थी पर चंद्रोदय का संयोग 29 अक्टूबर को बन रहा है. लेकिन कई पश्चिमी देशों में यह संयोग 28 अक्टूबर को बनेगा.
हिंदू पंचांग के अनुसार, भारत में करवा चौथ के लिए चतुर्थी तिथि 29 अक्टूबर को रात 1 बजकर 6 मिनट पर शुरू होगी. इसका समापन उसी दिन रात 10 बजकर 9 मिनट पर होगा. व्रत की तारीख तय करने में चतुर्थी तिथि के साथ चंद्रोदय का समय भी महत्वपूर्ण माना जाता हैं.
UK, US, कनाडा में करवा चौथ कब?
ब्रिटेन में रहने वाली भारतीय करवा चौथ का व्रत 28 अक्टूबर दिन बुधवार यानी कल रखेंगे और यहां चंद्रोदय का समय शाम को करीब 6 बजकर 31 मिनट पर बताया गया है. वहीं अमेरिका में रहने वाले लोग भी 28 अक्टूबर को करवा चौथ मनाएंगे. यहां चांद निकलने का समय करीब 7 बजकर 35 मिनट बताया गया है. कनाडा में भी इसी दिन करवा चौथ मनेगा और चांद निकलने का समय शाम करीब 7 बजकर 45 मिनट बताया गया है. हालांकि इन सभी देशों के प्रत्येक छोटे-बड़े शहर में चंद्रोदय का समय एक-दूसरे से थोड़ा अलग हो सकता है.
भारत में करवा चौथ और चंद्रोदय का समय
कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि 29 अक्टूबर को रात 1 बजकर 6 मिनट पर शुरू होगी. इसका समापन उसी दिन रात 10 बजकर 9 मिनट पर होगा. इसलिए भारत में करवा चौथ का व्रत 29 अक्टूबर को रखा जाएगा. वहीं, भारत में चांद निकलने का समय रात 8 बजकर 17 मिनट बताया गया है. हालांकि देश के सभी राज्यों, शहरों में इसका समय थोड़ा अलग हो सकता है.
करवा चौथ पर सरगी कब खाएं?
करवा चौथ के व्रत से पहले सूर्योदय से पर्व सरगी खाने की परंपरा है. कई परिवारों में सास अपनी बहू को सरगी देती हैं. इसमें फल, मेवे, मिठाइयां और दूसरी खाने की चीजें शामिल हो सकती हैं. हालांकि, सरगी देने और खाने की परंपराएं परिवार के रीति-रिवाजों के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं. पश्चिमी देशों में रहने वाली भारतीय 28 तारीख को सुबह सूर्योदय से पहले सरगी खाएंगी. जबकि भारत में रहने वाले 29 अक्टूबर को सुबह सूर्योदय से पहले सरगी खाएंगी.
करवा चौथ की पूजा कैसे की जाती है?
1. सरगी खाना: सूर्योदय से पहले सरगी खाकर व्रत शुरू किया जाता है.
2. दिनभर उपवास: महिलाएं अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार उपवास करती हैं. यह व्रत निर्जला रखा जाता है.
3. संध्याकाल पूजन: भगवान शिव, माता पार्वती और करवा माता की पूजा की जाती है. इस दौरान करवा चौथ की व्रत कथा भी सुनी जाती है.
4. चंद्रमा के दर्शन: चांद निकलने पर उसकी पूजा की जाती है और परंपरा के अनुसार अर्घ्य दिया जाता है.
5. व्रत खोलना: चंद्रमा की पूजा के बाद महिलाएं व्रत खोलती हैं. कई परिवारों में पति के हाथ से पानी पीकर व्रत खोलने की परंपरा है.
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