श्रीमद्भगवद्गीता के दसवें अध्याय के 35वें श्लोक में भगवान श्रीकृष्ण ने मार्गशीर्ष मास को अपना स्वरूप बताया है. मार्गशीर्ष से पहले कार्तिक का महीना आता है. वैष्णव परंपरा में कार्तिक मास को राधा रानी का प्रिय महीना भी माना जाता है. इस महीने भक्त सुबह मंगला बेला में स्नान करते हैं. इसके बाद भगवान श्रीहरि और राधा रानी की पूजा-अर्चना करते हैं. इस साल कार्तिक मास 27 अक्टूबर से लेकर 24 नवंबर तक रहने वाला है.
मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण की आराधना से पहले राधारानी की कृपा प्राप्त करना महत्वपूर्ण है. राधारानी को प्रसन्न करने के लिए कार्तिक मास में विशेष व्रत, पूजन, दीपदान और भजन-कीर्तन किए जाते हैं. वैष्णव परंपरा में कार्तिक मास के व्रत को उज्ज्वला व्रत भी कहा जाता है. इस दौरान भक्त संयम और नियम के साथ भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी की उपासना करते हैं. यानी कार्तिक माह श्रीकृष्ण की शक्ति राधारानी की आराधना कर उन्हें प्रसन्न करने का महीना है.
कार्तिक मास को राधा-कृष्ण के दिव्य मिलन से भी जोड़कर देखा जाता है. इसी माह राधारानी को श्रीकृष्ण के दर्शन प्राप्त हुए थे. यही कारण है कि इस महीने में राधा-कृष्ण की संयुक्त आराधना को विशेष फलदायी माना जाता है.
कार्तिक मास में दीपदान, तुलसी पूजा, प्रातःकाल स्नान और भगवान दामोदर की आराधना का भी विशेष महत्व है. ब्रज क्षेत्र में इस माह में मंदिरों में प्रतिदिन भजन-कीर्तन और विशेष शृंगार किए जाते हैं. भक्त घरों और मंदिरों में दीप जलाकर सुख-समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति की कामना करते हैं. कार्तिक मास केवल धार्मिक अनुष्ठानों का समय नहीं, बल्कि राधा-कृष्ण के प्रेम, भक्ति, समर्पण और कृपा का संदेश देने वाला पवित्र महीना भी है.
कार्तिक 2026 व्रत-त्योहार लिस्ट
गुरुवार, 29 अक्टूबर- करवा चौथ
रविवार, 1 नवंबर- अहोई अष्टमी, राधा कुंड स्नान
गुरुवार, 5 नवंबर- रमा एकादशी
शुक्रवार, 6 नवंबर- धनतेरस
रविवार, 8 नवंबर- दीपावली, लक्ष्मी पूजा
मंगलवार, 10 नवंबर- गोवर्धन पूजा, अन्नकूट
बुधवार, 11 नवंबर- भाई दूज
रविवार, 15 नवंबर- छठ पूजा, संध्या अर्घ्य
मंगलवार, 17 नवंबर- गोपाष्टमी
बुधवार, 18 नवंबर- अक्षय नवमी (आंवला नवमी)
शुक्रवार, 20 नवंबर- देवउठनी एकादशी, चातुर्मास का समापन
शनिवार, 21 नवंबर- तुलसी विवाह
मंगलवार, 24 नवंबर- कार्तिक पूर्णिमा, देव दीपावली, गुरु नानक जयंती
अंशु पारीक