जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप लड्डू गोपाल की विशेष पूजा की जाती है. भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार उन्हें तरह-तरह के पकवानों का भोग लगाते हैं. 56 भोग की परंपरा भी काफी लोकप्रिय है. हालांकि, व्यस्त दिनचर्या के कारण हर किसी के लिए इतने व्यंजन तैयार करना संभव नहीं होता. ऐसे में कम सामग्री से तैयार होने वाले प्रसाद भी भगवान को अर्पित किए जा सकते हैं. धार्मिक मान्यता में पूजा के साथ श्रद्धा और भक्ति के भाव को भी विशेष महत्व दिया जाता है.
जन्माष्टमी का त्योहार आने वाला है. इस साल श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव 4 सितंबर को मनाया जाएगा. इस दिन भक्त व्रत रखेंगे और पूरी श्रद्धा के साथ भगवान की पूजा करेंगे. जन्माष्टमी के दिन भगवान को तरह-तरह के पकवानों को भोग लगाया जाता है. जिनका सामर्थ्य अधिक है, वो भगवान को 56 भोग भी लगाते हैं. अब ऐसे में कई भक्तों के मन में सवाल उठता है कि क्या भगवान को 56 भोग से प्रसन्न किया जा सकता है. धर्म के जानकारों का इस बारे में कहना है कि कान्हा को प्रसन्न करने के लिए 56 भोग की आवश्यकता नहीं है. आप पांच खास चीजों के साथ भी कान्हा का आशीर्वाद पा सकते हैं.
1. माखन-मिश्री
भगवान कृष्ण को माखन अत्यंत प्रिय है. इसी वजह से जन्माष्टमी पर माखन-मिश्री का भोग लगाने की परंपरा है. ताजे माखन में मिश्री मिलाकर इसे आसानी से तैयार किया जा सकता है. मान्यता है कि यह प्रसाद घर-परिवार में प्रेम और मधुरता का प्रतीक माना जाता है.
2. धनिया पंजीरी
जन्माष्टमी के व्रत में धनिया पंजीरी का विशेष महत्व माना जाता है. इसे धनिया पाउडर या भुने हुए धनिये, देसी घी, चीनी और मेवों से तैयार किया जाता है. पूजा के बाद इसे प्रसाद के रूप में ग्रहण किया जाता है. कम समय में तैयार होने के कारण यह आसान विकल्प भी है.
3. पंचामृत
पंचामृत का इस्तेमाल जन्माष्टमी की पूजा में विशेष रूप से किया जाता है. दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से इसे तैयार किया जाता है. लड्डू गोपाल के अभिषेक में पंचामृत का प्रयोग करने की परंपरा है. पूजा के बाद इसे प्रसाद के रूप में भी बांटा जाता है.
4. तुलसी दल
श्रीकृष्ण की पूजा में तुलसी का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है. इसी वजह से भोग की थाली में तुलसी दल अर्पित करने की परंपरा है. आप घर पर तैयार किसी भी सात्विक प्रसाद के साथ तुलसी का पत्ता रख सकते हैं. इसे भगवान श्रीकृष्ण के प्रति श्रद्धा से जोड़ा जाता है.
5. मखाने की खीर
जन्माष्टमी पर मखाने की खीर भी भोग के लिए तैयार की जा सकती है. दूध और मखाने से बनने वाली यह खीर स्वादिष्ट होने के साथ व्रत के दौरान भी उपयोग की जाती है. मध्यरात्रि में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के समय इसे प्रसाद के रूप में अर्पित किया जा सकता है.
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