Ganesh Chaturthi 2026: 502 Kg के विशाल मोदक! गणपति को चढ़ाया 15000 kg सामग्री से बना महाभोग

14 सितंबर से गणेश महोत्सव शुरू हो रहा है. देशभर के मंदिरों में इसकी तैयारी जोर-शोर से चल रही है. इस बीच जयपुर के मोती डूंगरी गणेशजी मंदिर में गणपति जी को कई किलोग्राम मोदक और लाखों लड्डू अर्पित किए गए. मंदिर में सज रही मोदक झांकी में बुधवार को 251-251 किलोग्राम के दो विशाल मोदक आकर्षण का केंद्र बने रहे.

Advertisement
भगवान गणेश को सवा-सवा किलोग्राम के 1100 मोदक भी अर्पित किए गए. (Photo: ITG) भगवान गणेश को सवा-सवा किलोग्राम के 1100 मोदक भी अर्पित किए गए. (Photo: ITG)

रिदम जैन

  • जयपुर,
  • 09 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 9:07 PM IST

जयपुर के मोती डूंगरी गणेशजी मंदिर में चल रहे गणेश महोत्सव की रौनक बुधवार को अपने चरम पर नजर आई. प्रथम पूज्य के दरबार में आज मोदकों की भव्य झांकी दिखाई दी. यहां भगवान गणेश को चढ़ाए गए उनके प्रिय भोग मोदक और लड्डू श्रद्धालुओं का ध्यान खींचते रहे. गणपति को कई किलोग्राम मोदक और लाखों लड्डू अर्पित किए गए. सुबह 5 बजे से ही भक्त इस विशेष झांकी के दर्शन करने आते रहे. मंदिर में आज बाहर से लाया गया प्रसाद नहीं चढ़ाया गया. विशाल मोदक और छोटे-छोटे लड्डुओं से सजी यह झांकी गणेश महोत्सव का आकर्षण बनी हुई है. गणेश चतुर्थी तक भगवान गणेश को करीब 15 हजार किलोग्राम सामग्री से तैयार 2.50 लाख लड्डुओं का भोग लगाया जाएगा.

Advertisement

502 किलो के 2 विशाल मोदक
मंदिर में सज रही मोदक झांकी में बुधवार को 251-251 किलोग्राम के दो विशाल मोदक आकर्षण का केंद्र बने रहे. इनके साथ ही 51-51 किलोग्राम के 5 मोदक और 21-21 किलोग्राम के 21 मोदक भी तैयार किए गए हैं. वहीं, सवा-सवा किलोग्राम के 1100 मोदक भी भगवान को अर्पित किए गए. इसके अलावा करीब 2.41 लाख छोटे मोदक गणेश चतुर्थी तक गणेशजी महाराज को चढ़ाए जाएंगे.

सूखे मेवे, देसी घी और चीनी से तैयार महाप्रसाद
इस विशाल भोग को तैयार करने में भी बड़े पैमाने पर सामग्री का इस्तेमाल हो रहा है. मोदक बनाने में करीब 2500 किलो शुद्ध घी, 3000 किलो बेसन, 1000 किलो शक्कर और 500 किलो सूखे मेवे का उपयोग किया जा रहा है. कुल मिलाकर गणेश चतुर्थी तक करीब 15 हजार किलो सामग्री से 2.50 लाख लड्डू तैयार किए जा रहे हैं.

Advertisement

पुष्य नक्षत्र पर 348 किलो पंचामृत से हुआ अभिषेक
मंगलवार को पुष्य नक्षत्र के अवसर पर मोती डूंगरी गणेश मंदिर सहित छोटी काशी के विभिन्न गणेश मंदिरों में प्रथम पूज्य का विशेष पुष्याभिषेक और दुर्वाचन हुआ. मोती डूंगरी मंदिर में महंत कैलाश शर्मा के सान्निध्य में वेद मंत्रोच्चार के बीच 348 किलो पंचामृत से गणेशजी महाराज का अभिषेक किया गया. सबसे पहले गंगाजल से स्नान कराया गया. इसके बाद गुलाब जल, केवड़ा जल और इत्र से अभिषेक हुआ. फिर पंचामृत अभिषेक के बाद शुद्ध जल से स्नान कराया गया और दोबारा इत्राभिषेक किया गया.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »