Dhanteras 2026: धनतेरस पर खरीदारी का सबसे बड़ा मुहूर्त, बस थोड़ी देर में होगा शुरू

Dhanteras 2026: धनतेरस पर खरीदारी के लिए आज दूसरा शुभ मुहूर्त अभिजीत मुहूर्त है. अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 48 मिनट से दोपहर 12 बजकर 56 मिनट तक रहेगा. यानी इस शुभ घड़ी में खरीदारी के लिए आपको करीब 1 घंटा 8 मिनट का समय मिलेगा.

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मान्यता है कि धनतेरस पर इन चीजों की खरीदारी से धन-संपत्ति में कई गुना वृद्धि होती है. (Photo: ITG) मान्यता है कि धनतेरस पर इन चीजों की खरीदारी से धन-संपत्ति में कई गुना वृद्धि होती है. (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 06 नवंबर 2026,
  • अपडेटेड 11:00 AM IST

आज देशभर में धूमधाम से धनतेरस का त्योहार मनाया जा रहा है. इस बार धनतेरस शुक्र प्रदोष के संयोग में आया है. साथ ही, शुक्र के स्वराशि तुला में होने से मालव्य राजयोग भी बन रहा है. भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और कुबेर देव की कृपा पाने के लिए इस दिन लोग सोने-चांदी के आभूषण, नए बर्तन और मूल्यवान चीजों की खरीदारी करते हैं. मान्यता है कि धनतेरस पर इन चीजों की खरीदारी से धन-संपत्ति में कई गुना वृद्धि होती है. धनतेरस पर खरीदारी पहला मुहूर्त बीत गया है. अब थोड़ी देर में दूसरा सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त शुरू होने वाला है. आइए जानते हैं.

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अभिजीत मुहूर्त
धनतेरस पर खरीदारी के लिए आज दूसरा शुभ मुहूर्त अभिजीत मुहूर्त है. अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 48 मिनट से दोपहर 12 बजकर 56 मिनट तक रहेगा. यानी इस शुभ घड़ी में खरीदारी के लिए आपको करीब 1 घंटा 8 मिनट का समय मिलेगा. इस अवधि में सोने-चांदी के आभूषण, बर्तन, इलेक्ट्रोनिक आइटम और अन्य जरूरी सामान खरीदा जा सकता है.

प्रदोष काल में पूजा और खरीदारी
धनतेरस पर तीसरा शुभ समय शाम के प्रदोष काल में रहेगा. यह शाम 5 बजकर 49 मिनट से रात 8 बजकर 23 मिनट तक है. इस दौरान खरीदारी के साथ भगवान धन्वंतरि और माता लक्ष्मी की पूजा भी कर सकते हैं.

धनतेरस पर क्या खरीदें?

1. सोने-चांदी के सिक्के-गहने
धनतेरस पर सोना-चांदी खरीदने का विशेष चलन है. इसे धन, वैभव और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है. इस दिन लोग सोने-चांदी के सिक्के, अंगूठी, चेन और दूसरे आभूषण खरीदते हैं. इसके अलावा लोग चांदी के लक्ष्मी-गणेश, बर्तन आदि भी खरीदते हैं. हालांकि, खरीदारी हमेशा अपने बजट के हिसाब से करें.

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2. पीतल-तांबे के बर्तन
धनतेरस पर बर्तन खरीदने की परंपरा सदियों पुरानी है. पौराणिक मान्यता के अनुसार, समुद्र मंथन के समय भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे. इसी कारण इस दिन नए बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है. आप पीतल-तांबे की थाली, गिलास, कटोरी और रसोई में इस्तेमाल होने वाले दूसरे बर्तन खरीद सकते हैं.

3. मिट्टी के दीये
धनतेरस और दिवाली पर दीप जलाने की परंपरा का खास महत्व है. इस दिन मिट्टी के दीये, पीतल के दीपक और सजावटी लैंप खरीदना अच्छा विकल्प हो सकता है. घर के मुख्य द्वार और पूजा स्थल को दीपों से सजाया जाता है. वास्तु मान्यताओं में घर को रोशन रखना शुभता और सकारात्मकता से जोड़कर देखा जाता है.

4. नई झाड़ू
धनतेरस पर झाड़ू खरीदने की भी परंपरा है. धार्मिक मान्यताओं में झाड़ू को मां लक्ष्मी से जोड़कर देखा जाता है. इसे घर की गंदगी और नकारात्मकता दूर करने का प्रतीक माना जाता है. इस दिन नया झाड़ू लाने के साथ घर के कोनों, अलमारियों और स्टोर रूम की सफाई भी कर सकते हैं.

5. साबुत धनिया
धनतेरस पर साबुत धनिया खरीदना भी शुभ माना जाता है. कई परिवार इसे पूजा में शामिल करते हैं. कुछ जगहों पर पूजा के बाद धनिया के बीजों को मिट्टी में बोने की परंपरा भी है. इसे विकास, खुशहाली और आर्थिक समृद्धि का प्रतीक माना जाता है.

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