केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि अटल जी एक 'अजातशत्रु' थे. उनका राजनीतिक जीवन में कोई शत्रु नहीं था. उन्होंने अपने पूरे जीवन में सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया.
दरअसल, अमित शाह राजस्थान के चित्तौड़गढ़ के निम्बाहेड़ा में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे. वे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि के मौके पर उनकी 21 फीट ऊंची कांस्य प्रतिमा का अनावरण करने पहुंचे थे.
'विपक्ष में रहकर भी राष्ट्रवाद पर रहे अडिग'
अमित शाह ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने 40 साल तक विपक्ष का सफर तय किया. इसके बावजूद उनके विचार हमेशा राष्ट्रवाद और राष्ट्र प्रथम के समर्पित रहे. उनका पूरा जीवन इन्हीं विचारों से निर्देशित होता था. उन्होंने हमेशा अपने उसूलों के हिसाब से जीवन जिया.
शाह ने याद दिलाया कि अटल जी ने अपने राजनीतिक सफर में जेल की यात्राएं कीं. उन्होंने पुलिस की लाठियां खाईं और कांग्रेस के अत्याचारों का सामना किया, लेकिन कभी भी अपने सिद्धांतों से पीछे नहीं हटे.
गृह मंत्री ने कहा कि जब अटल बिहारी वाजपेयी देश के प्रधानमंत्री बने, तो वे पहले ऐसे गैर-कांग्रेस पीएम थे जिन्होंने बड़े फैसले लिए. दुनिया भर के भारी दबाव के बावजूद उन्होंने पोखरण परमाणु परीक्षण करवाकर भारत को परमाणु ताकत बना दिया. इसके अलावा उन्होंने देश के हर गांव को सड़कों से जोड़ने का ऐतिहासिक काम किया.
गृह मंत्री ने कहा कि अटलजी ने स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना की शुरुआत की. नेशनल हाईवे के नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया. जब अटल जी पत्रकार थे तो उन्होंने कलम से राष्ट्रवाद बढ़ाया. जब वे कवि थे तो शब्दों से देशभक्ति जगाई. प्रधानमंत्री के रूप में देश की सुरक्षा और सुशासन को मजबूत किया.
आदिवासी कल्याण और मोदी सरकार के काम
अमित शाह ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने ही आदिवासियों के विकास के लिए एक अलग मंत्रालय की स्थापना की थी. उनके द्वारा शुरू की गई इस पहल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे बढ़ाया है.
उन्होंने कहा कि आदिवासी समुदाय से ताल्लुक रखने वाली द्रौपदी मुर्मू को देश का राष्ट्रपति बनाया जाना इस बात का प्रमाण है. पीएम मोदी ने आदिवासियों के कल्याण के लिए बजट को 25 हजार करोड़ से बढ़ाकर 1 लाख 25 हजार करोड़ रुपये कर दिया है. इसके अलावा भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत की गई.
अमित शाह ने राजस्थान की भजनलाल सरकार की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि राज्य में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने वादों को पूरा करने के लिए तेजी से काम किया है. 'राइजिंग राजस्थान' कार्यक्रम के जरिए राज्य में 35 लाख करोड़ रुपये का निवेश आया है.
गृह मंत्री ने कहा कि इसके अलावा बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार मेले के माध्यम से नौकरियां दी गई हैं. इस कार्यक्रम के दौरान चित्तौड़गढ़ और आसपास के इलाकों के लिए 5,755 करोड़ रुपये से अधिक की 944 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया गया.
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