राजस्थान के नागौर जिले में नगर निकाय चुनाव 2026 के परिणामों ने एक बार फिर राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है. जिले की दो प्रमुख नगर निकायों में BJP को पूर्ण बहुमत मिलने के बावजूद उपसभापति पद पर अप्रत्याशित झटका लगा है. सबसे बड़ी चर्चा का विषय बना नागौर नगर परिषद का उपसभापति चुनाव, जहां निर्दलीय प्रत्याशी मोहम्मद शरीफ कुरैशी ने भाजपा उम्मीदवार को पांच वोटों के अंतर से हराकर जीत हासिल की.
नागौर नगर परिषद में कुल 60 सीटें हैं. सभापति पद के चुनाव में भाजपा को 55 वोट मिले जबकि कांग्रेस को मात्र 5 वोट मिले. पूर्ण बहुमत के साथ भाजपा ने सभापति पद आसानी से हासिल कर लिया. लेकिन मंगलवार को हुए उपसभापति चुनाव में सियासी समीकरण पलट गए.
उपसभापति पद के लिए हुए मतदान में निर्दलीय मोहम्मद शरीफ कुरैशी को 32 वोट मिले. भाजपा प्रत्याशी शिवकुमार उर्फ मीकू राव को 27 वोट मिले. एक वोट खारिज हो गया. इस तरह पांच वोटों के अंतर से मोहम्मद शरीफ कुरैशी विजयी घोषित हुए.
सूत्रों के अनुसार, भाजपा प्रत्याशी को प्रदेश उपाध्यक्ष का खासमखास बताया जा रहा था. बावजूद इसके पार्टी के अपने ही सदस्यों में बगावत के स्वर सुनाई दिए और निर्दलीय उम्मीदवार को बहुमत मिल गया.
जीत के बाद लगे 'मोदी-भजनलाल' के जयकारे
जीत के तुरंत बाद मोहम्मद शरीफ कुरैशी के समर्थकों ने विजय जुलूस निकाला. दिलचस्प बात यह रही कि निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत के बाद भारतीय जनता पार्टी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के जयकारे लगाए.
मीडिया से बात करते हुए नवनिर्वाचित उपसभापति मोहम्मद शरीफ कुरैशी ने कहा, “देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशन में मैं शहर के विकास में कोई कमी नहीं रखूंगा. शहर का चौमुखी विकास करवाया जाएगा.”
नागौर जिले के मूंडवा नगर पालिका में भी स्थिति असामान्य रही. वहां भाजपा को पूर्ण बहुमत मिलने के बावजूद उपसभापति चुनाव में पार्टी के आधिकारिक प्रत्याशी को शून्य वोट मिले. राजस्थान भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष की निजी सलाहकार ने निर्दलीय के रूप में ताल ठोकी और 12 वोट हासिल किए. कांग्रेस और आरएलपी ने मिलकर अपना बोर्ड बनाया था. हालांकि बाद में मूंडवा में भाजपा ने अपने पर्ची से उपसभापति पद पर सरकार बनाने का दावा किया.
राजनीतिक मायने
नागौर और मूंडवा दोनों जगह भाजपा को संख्या बल तो मिला, लेकिन उपसभापति पद पर पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार को चुनौती मिली. यह घटना राजस्थान में स्थानीय निकाय चुनावों में आंतरिक असंतोष और निर्दलीय उम्मीदवारों की बढ़ती ताकत की ओर इशारा करती है.
नागौर नगर परिषद में 55 सीटों पर कब्जा करने वाली भाजपा के लिए यह नतीजा सियासी रूप से कड़वा साबित हुआ है. जीत के बाद भी निर्दलीय उपसभापति द्वारा मोदी और भजनलाल के नाम का जयघोष करने से पार्टी के अंदर और बाहर दोनों तरफ चर्चा का बाजार गर्म हो गया है.
राजनीतिक विश्लेषक इसे स्थानीय स्तर पर पार्टी अनुशासन और समीकरणों की परीक्षा बता रहे हैं. नागौर जिले में यह घटना पूरे राजस्थान में चर्चा का विषय बन गई है.
केशा राम गढ़वार