राजस्थान के निकाय चुनाव में सबसे ज्यादा निगाहें जयपुर के नगर निगम चुनाव पर टिकी हैं. जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों में 11 सितंबर 2026 को हुए मतदान के बाद सोमवार को मतगणना चल रही है. 2023 के राजस्थान विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव में एक भी मुस्लिम उम्मीदवार न उतारने के बाद स्थानीय निकाय चुनाव में बीजेपी द्वारा 8 मुस्लिम चेहरे उतारने की रणनीति पर सियासी गलियारों की नजरें टिकी हुई हैं.
जयपुर नगर निगम के वार्ड पार्षद चुनाव के नतीजे आने लगे हैं. अभी तक आए रुझानों के लिहाज से जयपुर नगर निगम में 5 सीटों पर बीजेपी और 2 सीटों पर कांग्रेस जीत दर्ज कर चुकी है.
जयपुर नगर निगम चुनाव के रुझान
जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों में हुए मतदान की काउंटिंग शुरू हो गई. फिलहाल बीजेपी 19 से ज्यादा सीट पर जीत के साथ आगे चल रही है. कांग्रेस ने 11 और निर्दलीय ने एक सीट पर जीत दर्ज की है. बीजेपी प्रत्याशी सुनील कोठारी 112 वार्ड से चुनाव जीत गए हैं.
निकाय चुनाव में बीजेपी ने 8 मुस्लिम उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है, जिन्होंने मुख्य रूप से मुस्लिम बहुल और कांग्रेस के पारंपरिक प्रभाव वाले इलाकों के वार्डों में दांव लगाया है.
बीजेपी के मुस्लिम प्रत्याशियों की सूची:
बीजेपी प्रत्याशी शाहनवाज अंसारी जयपुर नगर निगम के वार्ड 19 से मैदान में हैं.
बीजेपी प्रत्याशी जाकिर खान कायमखानी जयपुर नगर निगम के वार्ड 109 से हैं.
बीजेपी प्रत्याशी शबाब जहां (शब्बो) जयपुर नगर निगम के वार्ड 117 से हैं.
बीजेपी प्रत्याशी माजिद खान (पठान) जयपुर नगर निगम के वार्ड 128 से हैं.
बीजेपी प्रत्याशी मिजाना मिर्जा जयपुर नगर निगम के वार्ड 136 से हैं.
बीजेपी प्रत्याशी रहीस मंसूरी जयपुर नगर निगम के वार्ड 137 से हैं.
बीजेपी प्रत्याशी अफसाना जयपुर नगर निगम के वार्ड 146 से हैं.
बीजेपी प्रत्याशी फरीदुद्दीन 'जैकी' जयपुर नगर निगम के वार्ड 113 से हैं.
बीजेपी के मुस्लिम प्रत्याशियों की कांग्रेस से टक्कर
शाहनवाज अंसारी पर बीजेपी ने दोबारा दांव लगाया है. शाहनवाज 2020 के निकाय चुनाव में महज कुछ सौ वोटों से पीछे रह गए थे, इसलिए इस सीट पर बीजेपी की स्थिति सबसे ज्यादा चर्चा में है. इसके अलावा जयपुर नगर निगम चुनाव के मुस्लिम बहुल वार्डों में कांग्रेस प्रत्याशी और निर्दलीय उम्मीदवार बीजेपी के मुस्लिम चेहरों को कड़ी टक्कर दे रहे हैं.
जयपुर नगर निगम चुनाव में अधिकांश मुस्लिम सीटों पर कांग्रेस ने अपने मजबूत आधार और स्थानीय नेटवर्क के दम पर बढ़त बनाए रखी है, लेकिन बीजेपी प्रत्याशियों ने कई वार्डों में कांग्रेस के वोट बैंक में सेंध लगाकर मुकाबले को त्रिकोणीय और कड़ा बना दिया है. बीजेपी ने स्थानीय निकाय स्तर पर इन उम्मीदवारों को उतारकर एक बड़ा दांव चला है.
कुबूल अहमद