राजस्थान के धौलपुर जिले के बाड़ी उपखंड में करौली जिले की लांगरा थाना पुलिस ने कोडीन युक्त कफ सिरप की अवैध तस्करी का खुलासा किया है. पुलिस ने इस मामले में एक मेडिकल स्टोर संचालक के बेटे को गिरफ्तार किया है. वहीं, औषधि नियंत्रक टीम ने पुलिस की सूचना के बाद संबंधित मेडिकल स्टोर को सील कर दिया.
पुलिस के मुताबिक, बाड़ी से करौली जिले में नशीले कफ सिरप की सप्लाई की जा रही थी. लांगरा थाना एसएचओ लाल बहादुर मीणा को मंडरायल कस्बे में एक व्यक्ति द्वारा नशे के लिए खांसी की दवा बेचने की सूचना मिली थी. मुखबिर की सूचना को पुख्ता करने के बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई की और मंडरायल से हरिओम राजपूत को गिरफ्तार कर लिया.
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तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 58 टोसेक्स कफ सिरप बरामद हुए. पूछताछ में हरिओम ने बताया कि वह ये सिरप बाड़ी कस्बे में गर्ल्स स्कूल के सामने स्थित जय अंबे मेडिकल स्टोर से खरीदता था. पुलिस के अनुसार, आरोपी लंबे समय से इस कारोबार में शामिल था और कफ सिरप को नशे के लिए आगे बेचता था.
260 रुपये में खरीदकर 600 में बेचता था सिरप
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि हरिओम एक बोतल 260 रुपये में खरीदता था और उसे 600 रुपये में बेच देता था. यानी नशीले कफ सिरप की अवैध बिक्री से वह काफी मुनाफा कमाता था. बरामदगी के बाद पुलिस ने सप्लाई के स्रोत तक पहुंचने के लिए आगे की जांच शुरू की.
हरिओम से मिली जानकारी के आधार पर लांगरा थाना पुलिस ने बाड़ी थाना पुलिस की मदद ली. इसके बाद जय अंबे मेडिकल स्टोर के संचालक हिमांशु सिंघल को गिरफ्तार किया गया. पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए औषधि नियंत्रक टीम को भी जांच के लिए पत्र भेजा.
पुलिस की सूचना पर औषधि नियंत्रक टीम ने जय अंबे मेडिकल स्टोर का निरीक्षण किया और उसे सील कर दिया. अब विभागीय स्तर पर भी मेडिकल स्टोर से संबंधित दस्तावेजों और दवाओं की जांच की जा रही है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि अवैध सप्लाई का नेटवर्क कितना बड़ा है.
आगरा से खरीदने की बात, बिल-कागजात नहीं मिले
लांगरा थाना एसएचओ लाल बहादुर मीणा ने बताया कि संबंधित कफ सिरप नशे के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं और सरकार ने इनके अवैध इस्तेमाल तथा बिक्री पर रोक लगा रखी है. इन सिरप में कोडीन होता है, जिसकी लत लगने के बाद युवा इसे नशे के तौर पर इस्तेमाल करने लगते हैं.
पुलिस को सिरप की खरीद से जुड़े कोई बिल या अन्य कागजात नहीं मिले हैं. शुरुआती पूछताछ में मेडिकल स्टोर संचालक के बेटे हिमांशु सिंघल ने पुलिस को बताया कि वह इन कफ सिरप को आगरा से खरीदता था. अब पुलिस इस दावे की भी जांच कर रही है और सप्लाई चेन से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है.
फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की गहनता से पड़ताल कर रही है. जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आगरा से कफ सिरप किस माध्यम से बाड़ी पहुंचता था, वहां से करौली तक इसकी सप्लाई कैसे होती थी और इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं. पुलिस और औषधि नियंत्रक विभाग की कार्रवाई आगे भी जारी रहने की संभावना है.
उमेश मिश्रा