SIR को लेकर राहुल गांधी पर बरसे अर्जुन राम मेघवाल, बोले- बेवजह मुद्दा बनाया

अर्जुन राम मेघवाल ने कहा जनता चाहती है कि मतदाता सूची साफ-सुथरी हो और उसमें गलतियों को दूर किया जाए. मेघवाल ने राहुल गांधी पर राजनीतिक नैरेटिव बनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस को जमीनी स्तर पर मेहनत करनी चाहिए.

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SIR पर राहुल गांधी को अर्जुन राम मेघवाल का जवाब (Photo-ITG) SIR पर राहुल गांधी को अर्जुन राम मेघवाल का जवाब (Photo-ITG)

aajtak.in

  • जयपुर,
  • 15 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 11:22 AM IST

'पंचायत आजतक राजस्थान' में केंद्रीय कानून एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल ने राजस्थान के स्थानीय निकाय चुनाव और SIR पर खास बात की. उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य में एक ही पार्टी की सरकार होने से विकास कार्यों में तेजी आती है, वहीं, SIR को लेकर कांग्रेस के सवालों पर उन्होंने कहा कि जनता साफ-सुथरी मतदाता सूची चाहती है और कांग्रेस इस मुद्दे को बेवजह उठा रही है.

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मेघवाल ने कहा कि जब केंद्र और राज्य में एक ही पार्टी की सरकार होती है, तो इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डबल इंजन सरकार का नाम दिया, इसका उद्देश्य विकास कार्यों को तेज गति से आगे बढ़ाना और केंद्र व राज्य के बीच विरोधाभास को दूर करना है, उन्होंने कहा कि केंद्र की किसी योजना पर राज्य सरकार की ओर से रोक नहीं लगनी चाहिए और न ही उसका नाम बदलना चाहिए. उन्होंने पंचायत राज संस्थाओं का जिक्र करते हुए कहा कि अब स्थानीय निकायों और पंचायतों को भी विकास की इस प्रक्रिया से जोड़कर देखा जा रहा है, इसी संदर्भ में ट्रिपल इंजन सरकार की अवधारणा सामने आती है.

राजस्थान में पंचायत राज संस्थाओं को मिलने वाले अनुदान में पिछले साल की तुलना में करीब 36 फीसदी की गिरावट आई है. ऐसे में डबल इंजन सरकार के फायदे के दावे पर सवाल उठते हैं. इस सवाल के जवाब में मेघवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच स्पष्ट है, केंद्र सरकार किसी राज्य को केवल इस आधार पर मदद देने से इनकार नहीं करती कि वहां किसी दूसरे दल की सरकार है, उन्होंने पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां अलग पार्टी की सरकार होने के बावजूद केंद्र की ओर से पैसा दिया गया था.

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राजस्थान में कांग्रेस की मौजूदगी पर क्या कहा?

राजस्थान के स्थानीय निकाय चुनावों में बीजेपी और कांग्रेस के बीच वोट प्रतिशत का अंतर घटकर 0.94 प्रतिशत रह जाने को लेकर भी मेघवाल से सवाल किया गया, उनसे पूछा गया कि केंद्र और राज्य में बीजेपी की सरकार होने के बावजूद कांग्रेस उसे किस तरह चुनौती दे पा रही है, इस पर मेघवाल ने कहा कि कुछ राज्यों में कांग्रेस की मौजूदगी बनी हुई है, उन्होंने राजस्थान के अलावा गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, पंजाब और हरियाणा का भी जिक्र किया, उन्होंने कहा कि कर्नाटक में भी कांग्रेस की मौजूदगी है.

मेघवाल ने कहा कि राजस्थान में तीसरे राजनीतिक विकल्प के लिए भी कई बार प्रयास हुए हैं. लोकदल से लेकर अन्य दलों और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के जरिए भी ऐसे प्रयास किए गए हैं. हालांकि, उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अंततः बहुमत का महत्व होता है, जिस दल को बहुमत मिलता है या जिसके महापौर और सभापति चुने जाते हैं, उसकी स्थिति अहम होती है.

SIR पर कांग्रेस के सवालों को मेघवाल ने बताया बेवजह

SIR पर मेघवाल ने कहा कि कांग्रेस बेवजह सवाल उठा रही है, जनता चाहती है कि मतदाता सूची साफ-सुथरी हो और उसमें गलतियों को दूर किया जाए, मेघवाल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस मुद्दे को राजनीतिक रूप से उठाने की कोशिश कर रही है, उन्होंने बिहार का जिक्र करते हुए कहा कि वहां भी कांग्रेस ने इस विषय को उठाया था, उनके मुताबिक, कांग्रेस को चुनावी मैदान में मेहनत करनी चाहिए, न कि केवल ऐसे मुद्दों के जरिए राजनीतिक नैरेटिव बनाने की कोशिश करनी चाहिए.

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राहुल गांधी पर भी साधा निशाना

मेघवाल ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस उनके नेतृत्व में ऐसे मुद्दों को उठाकर राजनीतिक नैरेटिव बनाने की कोशिश करती है, 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान संविधान और आरक्षण को लेकर भी इस तरह का नैरेटिव बनाया गया था, उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी के सत्ता में आने पर संविधान खत्म करने और आरक्षण समाप्त करने की बात कही गई, जबकि संविधान में संशोधन और आरक्षण से जुड़े प्रावधानों की अपनी निर्धारित प्रक्रियाएं हैं.

मेघवाल ने कहा कि कांग्रेस को जमीनी स्तर पर काम करना चाहिए, उन्होंने विपक्ष के प्रदर्शनों पर सवाल उठाते हुए कहा कि केवल प्रदर्शन करना राजनीतिक मेहनत नहीं है.

SIR पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी के भाषण का किया जिक्र

राहुल गांधी के सड़क पर उतरकर विरोध करने से बीजेपी पर पड़ने वाले असर के सवाल पर मेघवाल ने कहा कि वह नहीं मानते कि इससे बीजेपी पर कोई फर्क पड़ता है, उन्होंने संसद में SIR पर चर्चा का जिक्र करते हुए कहा कि इस विषय पर चर्चा कराने की मांग कांग्रेस की ओर से भी की गई थी, मेघवाल ने दावा किया कि जब राहुल गांधी को इस मुद्दे पर बोलने का मौका मिला, तो उन्होंने अपने भाषण में SIR के बजाय महात्मा गांधी और खादी सहित दूसरे विषयों पर ज्यादा बात की.

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परिसीमन पर क्या बोले अर्जुन राम मेघवाल

परिसीमन के मुद्दे पर भी अर्जुन राम मेघवाल से पूछा गया कि परिसीमन के बाद उत्तर भारत के राज्यों की लोकसभा सीटें बढ़ने और दक्षिण भारत के राज्यों की सीटें कम होने की आशंका जताई जा रही है. इस पर मेघवाल ने कहा कि ऐसा नहीं है. उन्होंने उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए कहा कि राज्य में अभी लोकसभा की 80 सीटें हैं, अगर सीटों में 50 फीसदी की बढ़ोतरी होती है, तो इनकी संख्या बढ़कर 120 हो जाएगी. मेघवाल ने कहा कि किसी राज्य में राजनीतिक प्रभाव बढ़ाना संबंधित दलों का काम है, राजनीतिक दलों को अपने कार्यक्रमों और आंदोलनों के जरिए जनता का समर्थन हासिल करना चाहिए.

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