'चाचा की तेरहवीं थी, दिल्ली कैसे जाता?', निलंबन पर यूथ महासचिव ने उठाए सवाल

MP युवा कांग्रेस के निलंबित महासचिव रोहित राजोरिया ने अपने निलंबन को अन्यायपूर्ण बताया है. उन्होंने दावा किया कि चाचा की तेरहवीं के कार्यक्रम के कारण वह दिल्ली में हुई 'वोट चोरी' रैली में शामिल नहीं हो पाए थे. उन्होंने कहा कि इसकी जानकारी संगठन को दे दी थी, लेकिन इसके बावजूद बिना कारण बताओ नोटिस के उन्हें निलंबित कर दिया गया.

Advertisement
MP यूथ कांग्रेस के निलंबित महासचिव रोहित राजोरिया ने सस्पेंशन कार्रवाई को अन्यायपूर्ण बताया है. (Photo-ITG) MP यूथ कांग्रेस के निलंबित महासचिव रोहित राजोरिया ने सस्पेंशन कार्रवाई को अन्यायपूर्ण बताया है. (Photo-ITG)

रवीश पाल सिंह

  • भोपाल,
  • 04 नवंबर 2026,
  • अपडेटेड 1:41 PM IST

मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस में दिल्ली की 'वोट चोरी' रैली में शामिल नहीं होने पर पदाधिकारियों के निलंबति कर दिया गया. अब ये मामला तूल पकड़ता जा रहा है. निलंबित महासचिव रोहित राजोरिया ने अपने खिलाफ हुई कार्रवाई को अन्यायपूर्ण बताया है. आजतक से बातचीत में उन्होंने दावा किया कि चाचा की तेरहवीं के कार्यक्रम के चलते वह दिल्ली नहीं जा सके थे. उन्होंने संगठन को इसकी जानकारी भी दी थी, लेकिन इसके बावजूद उन्हें निलंबित कर दिया गया.

Advertisement

राजोरिया ने कहा कि उन्हें निलंबित करने से पहले कोई कारण बताओ नोटिस भी नहीं दिया गया. उन्होंने सवाल उठाया कि जब उन्होंने अपनी मजबूरी संगठन को बता दी थी, तो उनके खिलाफ यह कार्रवाई क्यों की गई.

'चाचा की तेरहवीं थी, दिल्ली कैसे जाता?'

रोहित राजोरिया ने कहा कि मेरे साथ अन्याय हुआ है. मेरे घर पर चाचा की तेरहवीं का कार्यक्रम था, ऐसे में मैं दिल्ली कैसे जा सकता था? मैंने बाकायदा संगठन के लोगों को इसकी सूचना भी दी थी. इसके बावजूद मुझे निलंबित कर दिया गया. संगठन को मेरी पारिवारिक मजबूरी की जानकारी थी. इसके बाद भी मेरे खिलाफ कार्रवाई की गई. मुझे अपना पक्ष रखने का मौका तक नहीं दिया गया.

निलंबित महासचिव रोहित राजोरिया ने अपने लंबे संगठनात्मक अनुभव और पार्टी के लिए किए गए कामों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि वह 2010 से NSUI और युवा कांग्रेस में सक्रिय हैं. इस दौरान उन्होंने पार्टी के कई आंदोलनों में हिस्सा लिया और पुलिस कार्रवाई का सामना किया.

Advertisement

राजोरिया ने कहा कि मैंने 2010 से अब तक पार्टी के लिए न जाने कितनी लाठियां खाई हैं. तीन बार जेल जा चुका हूं और मेरे ऊपर 12 केस दर्ज हैं. इतना सब करने के बाद भी मेरे साथ अन्याय हुआ. आखिर मेरे साथ ऐसा क्यों किया गया? उन्होंने कहा कि पार्टी के लिए लंबे समय तक काम करने वाले कार्यकर्ताओं के साथ इस तरह का व्यवहार नहीं होना चाहिए.

'नेहा बोरा को आगे बढ़ाने के साथ पुराने कार्यकर्ताओं को भी मिले जिम्मेदारी'

रोहित राजोरिया ने संगठन में जिम्मेदारियों के बंटवारे को लेकर भी नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि नए चेहरों को आगे बढ़ाना अच्छी बात है, लेकिन पुराने और संघर्ष करने वाले कार्यकर्ताओं को भी सही जिम्मेदारी मिलनी चाहिए.

उन्होंने कहा कि मेरा कहना है कि आप नेहा बोरा को आगे बढ़ाओ, लेकिन हम जैसे लोगों को भी तो जिम्मेदारी दो. जो कार्यकर्ता सालों से संगठन के लिए संघर्ष कर रहे हैं, उनके साथ इस तरह का व्यवहार नहीं होना चाहिए.

निलंबन के खिलाफ आगे की रणनीति पर बात करते हुए राजोरिया ने कहा कि वह अपनी आवाज पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचाएंगे. उन्होंने जरूरत पड़ने पर राहुल गांधी से मुलाकात करने की बात भी कही. राजोरिया ने कहा कि अब मैं दिल्ली तक जाऊंगा और जरूरत पड़ी तो राहुल गांधी जी से भी मिलकर अपनी बात रखूंगा.

Advertisement

फिलहाल राजोरिया ने निलंबन के खिलाफ अपनी बात संगठन के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचाने का फैसला किया है. उनका कहना है कि वह पार्टी के लिए लंबे समय से काम कर रहे हैं और उन्हें अपनी बात रखने का मौका मिलना चाहिए.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »