MP News: पन्ना की रत्नगर्भा धरती ने एक बार फिर एक साधारण परिवार को मालामाल कर दिया है. इस बार किस्मत का ताला खुला है झांसी की रहने वाली गुड्डी देवी और उनके पति राजकुमार श्रीवास का. सोशल मीडिया पर पन्ना के हीरों की खबरें देखकर इस दंपती ने पन्ना में हीरा खदान लगाने का फैसला किया. इसके बाद वह पति और बच्चों के साथ अपने मायके पन्ना आ गईं. झांसी में काम ठीक नहीं चल रहा था, तो उन्होंने पन्ना में हीरे के लिए किस्मत आजमाने की ठान ली. पति-पत्नी ने मायके में रहते हुए हीरा खदान में 6 महीने तक पसीना बहाया. इसके बाद इनकी मेहनत का ऐसा फल मिला, जिसने पूरे परिवार की जिंदगी बदल दी.
पन्ना के सरकोहा इलाके की हीरा खदान से दंपती को दो दिनों में एक साथ कुल 4 नग चमचमाते हीरे मिले हैं, जिनका कुल वजन 5.16 कैरेट है. इनमें 1.62 और 1.29 कैरेट के दो उज्ज्वल किस्म के, जबकि 1.44 और 0.81 कैरेट के दो मैला किस्म के हीरे शामिल हैं.
गांधी जयंती के दिन जमा
गुड्डी ने हीरा मिलने की जानकारी हीरा पारखी को दी, तो वह गांधी जयंती के अवकाश दिवस पर भी कार्यालय पहुंच गए. इसके बाद हीरों को हीरा कार्यालय पहुंचकर हीरा पारखी अनुपम सिंह के पास जमा करा दिया गया. इन हीरों की कीमत करीब 12 लाख रुपये आंकी जा रही है.
बच्चों की पढ़ाई और बिजनेस में लगेगा पैसा
पति राजकुमार और गुड्डी देवी ने इस सफलता को माता रानी का आशीर्वाद और 6 महीने की अटूट मेहनत का फल बताया है. दंपती का कहना है कि आगामी शासकीय नीलामी से मिलने वाली राशि का उपयोग वे अपने बच्चों की बेहतर शिक्षा, उनके उज्ज्वल भविष्य और व्यवसाय को बढ़ाने में करेंगे.
गुड्डी देवी ने बताया, "हम बहुत खुश हैं कि हमने मायके पन्ना में आकर करीब छह माह पहले खदान लगाई थी. अब चार हीरे मिले हैं, जिन्हें हीरा कार्यालय में जमा कर दिया गया है. पैसों का उपयोग परिवार पर खर्च करेंगे और आगे भी खदान लगाएंगे."
राजकुमार श्रीवास ने कहा, "अब बहुत खुश हुए हैं हम लोग. पूरा परिवार भी काफी खुश है. शासकीय नीलामी से मिलने वाली राशि का उपयोग वे अपने बच्चों की बेहतर शिक्षा, उनके उज्ज्वल भविष्य और व्यवसाय को बढ़ाने में करेंगे."
2 उज्ज्वल और 2 मैला किस्म के हीरे
हीरा पारखी अनुपम सिंह ने बताया, "पन्ना के सरकोहा क्षेत्र की हीरा खदान से दंपत्ति को दो दिनों में एक साथ कुल 4 नग चमचमाते हीरे मिले हैं, जिनका कुल वजन 5.16 कैरेट है. इनमें 1.62 और 1.29 कैरेट के दो उज्ज्वल किस्म के, जबकि 1.44 और 0.81 कैरेट के दो मैला किस्म के हीरे शामिल हैं. हीरे आगामी नीलामी में बोली के लिए रखे जाएंगे."
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