मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली एक घटना सामने आई है. यहां एक महिला का कसूर सिर्फ इतना था कि उसने अपने बच्चों के हक और पैतृक संपत्ति में हिस्सा मांगा. इसी बात से नाराज होकर उसके पूर्व पति, ससुराल पक्ष और कुछ ग्रामीणों ने उसके साथ ऐसी बर्बरता की, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया. महिला के बाल काटे गए, उसके कपड़े फाड़े और जूतों की माला पहनाकर उसे गांव में घुमाया गया. इस दौरान उसका दूसरा पति लोगों से हाथ जोड़कर दया की गुहार लगाता रहा, लेकिन किसी ने उनकी मदद नहीं की.
यह पूरी घटना उज्जैन जिले की झारड़ा तहसील के हरनिया खेड़ा गांव की बताई जा रही है. घटना तीन दिन पहले हुई थी, लेकिन गुरुवार को इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. वीडियो सामने आते ही पुलिस विभाग हरकत में आया और मामले में ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू कर दी.
वीडियो में दिखाई दे रहा है कि महिला के सिर के बाल काट दिए गए हैं. उसके गले में जूतों की माला डाली गई है और वह फटे हुए कपड़ों में अर्धनग्न अवस्था में खड़ी दिखाई दे रही है. उसके साथ उसका दूसरा पति भी मौजूद है. दोनों को गांव में घुमाया जा रहा है. महिला का पति बार-बार हाथ जोड़कर लोगों से दया की अपील करता नजर आता है, लेकिन वहां मौजूद किसी शख्स ने आगे बढ़कर उनकी मदद नहीं की. कई लोग पूरी घटना का वीडियो बनाते रहे.
हक मांगने पर महिला से बर्बरता
जानकारी के अनुसार करीब तीन साल पहले महिला ने अपने पहले पति का घर छोड़ दिया था और बाद में दूसरे युवक से शादी कर ली थी. वह अपने दो बच्चों के साथ अलग रह रही थी. कुछ दिन पहले वह अपने बच्चों के अधिकार और पैतृक संपत्ति में हिस्सा मांगने के लिए अपने पूर्व ससुराल पहुंची थी. आरोप है कि इसी बात से नाराज होकर पूर्व पति, ससुर और परिवार के अन्य लोगों ने गांव के कुछ लोगों के साथ मिलकर महिला और उसके दूसरे पति को पकड़ लिया.
इसके बाद महिला के बाल काटे गए, उसके कपड़े फाड़ दिए गए और उसकी लज्जा भंग की गई. इसके बाद भी आरोपियों का गुस्सा शांत नहीं हुआ. महिला और उसके दूसरे पति के गले में जूतों की माला पहनाई गई और पूरे गांव में उनका जुलूस निकाला गया. इस दौरान कई ग्रामीण तमाशबीन बने रहे. किसी ने भी महिला को बचाने या आरोपियों को रोकने की कोशिश नहीं की. घटना की जानकारी मिलने के बाद डायल 112 पुलिस मौके पर पहुंची और महिला को सुरक्षित वहां से बाहर निकाला. इसके बाद पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज किया और जांच शुरू कर दी.
उज्जैन के एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि पीड़ित महिला पिछले तीन से चार वर्षों से अपने दो बच्चों के साथ अलग रह रही थी. वह अपने बच्चों के अधिकार और पैतृक संपत्ति में हिस्सा मांगने गांव पहुंची थी. इसी बात से नाराज होकर उसके पूर्व पति, ससुर और अन्य परिजनों ने गांव के कुछ लोगों के साथ मिलकर उसके साथ यह शर्मनाक घटना की.
एसपी ने बताया कि महिला की शिकायत के आधार पर पूर्व पति, ससुर समेत 11 नामजद आरोपियों के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है. मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. वहीं जो आरोपी अभी फरार हैं, उनकी तलाश के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है. पुलिस ने घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने वाले व्यक्ति को भी गिरफ्तार कर लिया है. उसका मोबाइल फोन जब्त कर लिया गया है. पुलिस वीडियो के आधार पर अन्य लोगों की भी पहचान कर रही है ताकि घटना में शामिल किसी भी आरोपी को बचने का मौका न मिले.
एसपी प्रदीप शर्मा ने कहा कि इस मामले में केवल आपराधिक कार्रवाई ही नहीं की जा रही है, बल्कि पीड़ित महिला को कानूनी सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है. जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से महिला को उसके अधिकारों के संबंध में मदद दी जा रही है. साथ ही पैतृक संपत्ति में उसके कानूनी अधिकार दिलाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है.
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि भीड़ के सामने किसी महिला के साथ इतनी बड़ी अमानवीय घटना होती रही, लेकिन अधिकांश लोग केवल देखते रहे. कुछ लोगों ने मदद करने के बजाय वीडियो बनाना ज्यादा जरूरी समझा. वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की और आरोपियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए.
11 नामजद आरोपियों पर केस
फिलहाल पुलिस का कहना है कि मामले में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा. फरार आरोपियों की तलाश जारी है और सभी के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी. वहीं पीड़ित महिला को सुरक्षा, कानूनी सहायता और न्याय दिलाने के लिए आवश्यक प्रक्रिया लगातार जारी है. यह मामला पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है और घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
संदीप कुलश्रेष्ठ