मध्य प्रदेश में मूंग की शत-प्रतिशत न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद को लेकर जारी किसान आंदोलन के बीच अब प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में बड़ी हलचल देखने को मिल रही है. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव को एक विस्तृत पत्र लिखकर राज्य में मूंग खरीद की गति बढ़ाने का अनुरोध किया है.
शिवराज सिंह चौहान ने पत्र के जरिए साफ किया कि केंद्र सरकार द्वारा PM-AASHA (मूल्य समर्थन योजना) के तहत देश भर में कुल 5 लाख 23 हजार 243 मीट्रिक टन मूंग खरीद की जो स्वीकृति दी गई है, उसमें से सर्वाधिक 87% यानी 4 लाख 54 हजार 580 मीट्रिक टन का कोटा अकेले मध्य प्रदेश को आवंटित किया गया है.
'केंद्र लक्ष्य नहीं देता, 25% की सीमा तय करता है'
राज्य के कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंषाना द्वारा केंद्र पर खरीद का कम लक्ष्य देने के आरोपों पर जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया. शिवराज की ओर से लिखा गया कि केंद्र सरकार किसी राज्य को खरीद का फिक्स 'टारगेट' प्रदान नहीं करती, बल्कि नियमों के तहत राज्य के कुल उत्पादन की 25% तक की सीमा को MSP पर खरीदने की मंजूरी देती है.
अतिरिक्त खरीद राज्य का काम
25% की केंद्रीय सीमा से ऊपर की अतिरिक्त मूंग खरीद की जिम्मेदारी नियमानुसार राज्य सरकार की अपनी होती है, जैसा कि विगत वर्षों में भी राज्य सरकारें अपने बजट से करती आई हैं.
60 हजार मीट्रिक टन ही खरीद हुई
29 जुलाई 2026 तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश में स्वीकृत 4.54 लाख मीट्रिक टन कोटे में से राज्य सरकार ने अब तक केवल लगभग 60 हजार मीट्रिक टन की ही खरीदी की है. अत: राज्य सरकार को बिना देरी किए किसानों से तेजी से खरीद शुरू करनी चाहिए.
राज्य सरकार ने भी लिखा था पत्र
इससे पहले मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंषाना ने केंद्रीय कृषि मंत्री को पत्र भेजकर खरीद का दायरा बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा था. कंषाना की ओर लिखा गया कि प्रदेश में इस बार 14.30 लाख हेक्टेयर में ग्रीष्मकालीन मूंग की बुआई हुई है और कुल उत्पादन 20.16 लाख मीट्रिक टन होने का अनुमान है.
40% कोटा देने की मांग
राज्य सरकार ने मांग रखी थी कि पीएम-आशा योजना में अन्य राज्यों के बचे हुए कोटे को मध्य प्रदेश में ट्रांसफर करते हुए खरीद सीमा को कुल उत्पादन का 40% यानी 8.06 लाख मीट्रिक टन किया जाए, ताकि किसानों को खुले बाजार में नुकसान न उठाना पड़े.
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किसान आंदोलन पर क्या होगा असर?
भोपाल की सड़कों पर किसान 1 एकड़ में 1.20 क्विंटल खरीद की सीमा को हटाने और 100% उपज की खरीद की मांग को लेकर अड़े हुए हैं. अब केंद्रीय कृषि मंत्री के पत्र से साफ हो गया है कि केंद्र ने राज्य को दिए गए अपने 4.54 लाख मीट्रिक टन के कोटे का पूरा इस्तेमाल करने की सलाह दी है, जबकि अतिरिक्त खरीद की गेंद अब पूरी तरह से मध्य प्रदेश की राज्य सरकार के पाले में आ गिरी है.
हिमांशु मिश्रा / रवीश पाल सिंह