ठेके से 50 रुपये सस्ती, शाम होते ही ढाबे पर लगता था मेला... सागर में जहरीली शराब से हुई 11 मौतों पर बड़ा खुलासा

मध्य प्रदेश के सागर में जहरीली शराब से 11 लोगों की मौत के बाद आजतक की पड़ताल में बंडा का एक कथित अवैध ढाबा सामने आया है, जहां लाइसेंसी ठेके से 40-50 रुपये सस्ती शराब मिलने का दावा है. ग्रामीणों के मुताबिक 200 रुपये में चार पव्वे बेचे जाते थे.

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ढाबा, जहां पर ठेके से सस्ती मिलती थी शराब. (Photo: Screengrabs) ढाबा, जहां पर ठेके से सस्ती मिलती थी शराब. (Photo: Screengrabs)

रवीश पाल सिंह

  • भोपाल,
  • 07 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 1:15 PM IST

मध्य प्रदेश के सागर में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के बाद इस पूरे काले कारोबार की परतें खुलने लगी हैं. अब आजतक की ग्राउंड पड़ताल में उस ढाबे का पता चला है, जहां से कई लोगों ने शराब खरीदी थी. बंडा इलाके में मौजूद इस ढाबे पर कथित तौर पर लाइसेंसी ठेके से 40 से 50 रुपये तक सस्ती शराब बेची जाती थी. सस्ती शराब का लालच ही ग्रामीणों और मजदूरों को यहां खींचकर लाता था.

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आजतक की टीम जब इस ढाबे पर पहुंची तो वहां का मंजर कई सवाल खड़े करने वाला था. ढाबे के आसपास शराब की खाली बोतलें और पानी के पाउच बिखरे पड़े थे. ढाबे के पीछे बड़ी संख्या में खाली शराब की बोतलों को जलाने के निशान मिले. जली हुई बोतलों के ढेर में आजतक को 'सागर गोल्ड' की एक बोतल भी मिली. इस ब्रांड की शराब को लेकर पुलिस पहले ही शक जाहिर कर चुकी है.

200 रुपये में मिलती थीं चार बोतलें
स्थानीय ग्रामीणों ने आजतक को बताया कि लाइसेंसी शराब ठेके पर करीब 200 रुपये में डेढ़ बोतल शराब मिलती थी, जबकि इसी 200 रुपये में इस ढाबे पर चार पव्वे यानी क्वार्टर दिए जाते थे. यही वजह थी कि शाम होते ही ढाबे पर इतनी भीड़ जुटती थी कि वहां मेले जैसा माहौल नजर आता था.

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ग्रामीणों के मुताबिक सस्ती शराब खरीदने के लिए बड़ी संख्या में मजदूर और आसपास के गांवों के लोग यहां पहुंचते थे. उनका कहना है कि सस्ते के लालच में अवैध शराब बेचने वाले ऐसे ठिकानों ने गांव के कई युवाओं को अपनी गिरफ्त में ले लिया.

अवैध तरीके से बना था ढाबा
आजतक की पड़ताल में यह बात भी सामने आई कि ढाबा कथित तौर पर पूरी तरह अवैध तरीके से बनाया गया था. अंदर सिर्फ दो टेबल रखी थीं और पानी से भरा एक ड्रम मौजूद था. इसके बावजूद यहां शराब की बिक्री और लोगों के बैठकर पीने का सिलसिला चलता था.

ढाबे के पीछे खाली बोतलों को जलाने के निशान इस बात की ओर भी इशारा करते हैं कि शराब की खाली बोतलों को नष्ट करने की कोशिश की जाती थी. अब जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि इस ढाबे तक शराब कहां से पहुंचती थी और इसे कौन सप्लाई करता था.

स्वास्थ्य मंत्री का बड़ा खुलासा
इसी बीच सागर में जहरीली शराब से हुई मौतों को लेकर मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने आजतक से बातचीत में बड़ा खुलासा किया है. उन्होंने बताया कि मृतकों के पोस्टमार्टम में उनके शरीर में बड़ी मात्रा में मेथेनॉल पाया गया है.

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मंत्री के मुताबिक सामान्य शराब में एथेनॉल यानी अल्कोहल होता है, लेकिन इस मामले में मेथेनॉल की मौजूदगी सामने आई है. मेथेनॉल बेहद जहरीला होता है और शरीर में जाने पर जानलेवा साबित हो सकता है.

राजेंद्र शुक्ला ने कहा कि मिलावटखोरों का मकसद मुनाफा कमाना था. उनके मुताबिक करीब 2200 रुपये कीमत वाली शराब की एक पेटी में मेथेनॉल मिलाकर उसकी लागत लगभग 700 रुपये तक लाई जा सकती है. इसी लालच में लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ किया गया.

अब तक 11 मौतें, कई की हालत गंभीर
जहरीली शराब कांड में अब तक 11 लोगों की दुखद मौत हो चुकी है. वहीं 7 लोग मेडिकल कॉलेज के ICU में भर्ती हैं और उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है. इसके अलावा 45 लोग खतरे से बाहर हैं और अस्पताल के वार्ड में इलाज चल रहा है. जिला अस्पताल में भी 17 लोगों को भर्ती कराया गया है, जिन्हें फिलहाल आउट ऑफ डेंजर बताया गया है.

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि जहरीली शराब कहां से आई और इसके पीछे कौन लोग हैं. मामले में करीब 10 संदिग्ध लोगों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है. पुलिस अब शराब की सप्लाई चेन से लेकर इसे तैयार करने और बेचने वालों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है.

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पहले भी जब्त हुई थी हजारों लीटर अवैध शराब
स्वास्थ्य मंत्री के मुताबिक सागर में अवैध शराब के खिलाफ पहले भी कार्रवाई की गई थी. इस दौरान करीब 6 हजार लीटर शराब जब्त की गई थी और 23 लोगों को जिलाबदर किया गया था. इसके बावजूद अवैध शराब का कारोबार पूरी तरह खत्म नहीं हो सका.

अब जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद जांच का दायरा बढ़ गया है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बंडा के इस ढाबे और शराब सप्लाई करने वाले नेटवर्क के बीच क्या कनेक्शन है. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि 'सागर गोल्ड' समेत किन शराब की बोतलों में मिलावट की गई थी.

फिलहाल इस पूरे मामले में पुलिस की जांच जारी है. स्वास्थ्य मंत्री का कहना है कि आरोपियों को पकड़ने के बाद पूछताछ में इस जहरीली शराब के नेटवर्क से जुड़े और भी कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं.

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