रेलवे स्टेशन पर कौन रहता है, क्या करता है... अब सबका बनेगा डिजिटल रिकॉर्ड, MP पुलिस का 'ऑपरेशन हमदर्द'

रेलवे स्टेशन पर आपने ऐसे लोगों को जरूर देखा होगा, जिनका घर ही प्लेटफॉर्म बन चुका है. कोई सालों से वहीं रह रहा है, कोई भीख मांगता है, कोई कूड़ा बीनता है. अब मध्य प्रदेश पुलिस ऐसे हर व्यक्ति का पूरा बायोडाटा तैयार करेगी. नाम से लेकर नशे की आदत तक और परिवार से लेकर आपराधिक रिकॉर्ड तक... सब कुछ डिजिटल फाइल में दर्ज होगा. इस अभियान का नाम है- ऑपरेशन हमदर्द...

Advertisement
जीआरपी चलाएगी ऑपरेशन हमदर्द. (File Photo: PTI) जीआरपी चलाएगी ऑपरेशन हमदर्द. (File Photo: PTI)

रवीश पाल सिंह

  • भोपाल,
  • 02 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 1:59 PM IST

मध्य प्रदेश में रेलवे स्टेशनों पर रहने वाले लोगों की अब सिर्फ गिनती नहीं होगी, बल्कि उनकी पूरी डिजिटल प्रोफाइल तैयार की जाएगी. इसके लिए जीआरपी ने 'ऑपरेशन हमदर्द' शुरू किया है. पुलिस का कहना है कि इस अभियान का मकसद रेलवे स्टेशनों की सुरक्षा बढ़ाने के साथ-साथ बेसहारा और बेघर लोगों की पहचान कर उन्हें पुनर्वास से जोड़ना भी है. यह अभियान 1 जुलाई से 31 जुलाई तक पूरे प्रदेश में चलेगा.

Advertisement

एडीजी (रेलवे) राजाबाबू सिंह ने 'आजतक' से बात करते हुए कहा कि यह अभियान पूरे एक महीने यानी 1 जुलाई से 31 जुलाई तक चलेगा. अभियान के पहले ही दिन प्रदेश के अलग-अलग रेलवे स्टेशनों पर रहने वाले करीब 150 बेसहारा लोगों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया गया है.

इस अभियान के तहत रेलवे स्टेशनों पर रहने वाले हर व्यक्ति की 20 बिंदुओं पर विस्तृत प्रोफाइल तैयार की जा रही है. इसमें नाम, उम्र, स्थायी और वर्तमान पता, आधार नंबर, मोबाइल नंबर, स्टेशन पर कब से रह रहा है, परिजनों का संपर्क, आजीविका का साधन, साथ रहने वाले लोगों की जानकारी, आपराधिक रिकॉर्ड, नशा करता है या नहीं, करता है तो किस प्रकार का और नशा कहां से प्राप्त करता है, जैसी जानकारियां दर्ज की जा रही हैं.

यह भी पढ़ें: 'हर बच्चे को स्कूल से जोड़ने का संकल्प', यूपी में 1 जुलाई से शुरू होगा योगी सरकार का स्कूल चलो अभियान का दूसरा चरण

Advertisement

अभियान के दौरान जीआरपी रेलवे स्टेशनों पर रहने वाले लोगों से पूछताछ भी करेगी. अगर जांच में किसी गिरोह या सिंडिकेट की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. तैयार किए जा रहे सभी डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रखे जाएंगे, ताकि भविष्य में जरूरत पड़ने पर उनका इस्तेमाल किया जा सके.

एडीजी (रेलवे) राजाबाबू सिंह के मुताबिक, यह अभियान 6-6 महीने के अंतराल में साल में दो बार चलाया जाएगा, क्योंकि रेलवे स्टेशनों पर फ्लोटिंग पॉपुलेशन रहती है तो इसके सही आंकलन के लिए साल में दो बार यह अभियान चलाया जाएगा. मध्य प्रदेश इस तरह का अभियान शुरू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »