कूनो से निकली मादा चीता फिर राजस्थान पहुंची, करौली के जंगल में तीसरी बार दिखी; ट्रैकिंग टीम से छीना-झपटी और मारपीट

कूनो नेशनल पार्क की चीता निर्वा की शावक तीसरी बार राजस्थान के करौली जिले के जंगलों में पहुंची है. निगरानी कर रही कूनो की टीम के वन रक्षक ने 5-6 अज्ञात लोगों के खिलाफ छीना-झपटी और मारपीट का केस दर्ज कराया है.

Advertisement
करौली के दरुरा जंगल में लगातार रखी जा रही नजर.(File Photo:ITG) करौली के दरुरा जंगल में लगातार रखी जा रही नजर.(File Photo:ITG)

खेमराज दुबे

  • श्योपुर,
  • 05 नवंबर 2026,
  • अपडेटेड 10:07 PM IST

मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से निकलकर चीता निर्वा की मादा शावक एक बार फिर राजस्थान के करौली जिले के जंगलों में पहुंच गई है. यह तीसरी बार है, जब चीता ने करौली के मंडरायल क्षेत्र के जंगलों में दस्तक दी है. गुरुवार को भी चीता दरुरा जंगल में सक्रिय रही. मध्य प्रदेश और राजस्थान वन विभाग की टीमें उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही हैं.

Advertisement

उप वन संरक्षक संजीव शर्मा के मुताबिक, वनकर्मियों की टीम चीते की निगरानी कर रही है. कूनो नेशनल पार्क की टीम भी मंडरायल क्षेत्र में मौजूद है. चीते की लोकेशन और मूवमेंट पर नजर रखी जा रही है.

चंदेलीपुरा से दरुरा जंगल तक पहुंची

जानकारी के अनुसार, मंगलवार रात चीता की मौजूदगी चंदेलीपुरा के जंगलों में सामने आई थी. इसके बाद बुधवार को वह सरमथुरा क्षेत्र में पहुंच गई. वनकर्मियों ने झाड़ियों में छिपी मादा चीता का वीडियो भी बनाया.

ताजा जानकारी के मुताबिक, गुरुवार को निर्वा दरुरा जंगल में सक्रिय रही. फिलहाल वन विभाग की टीमें उसकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं, ताकि किसी भी स्थिति में समय रहते कार्रवाई की जा सके.

ट्रैकिंग टीम के वन रक्षक ने दर्ज कराया मामला

चीते की निगरानी कर रही कूनो की टीम के एक वन रक्षक ने पांच-छह अज्ञात लोगों के खिलाफ छीना-झपटी और मारपीट का मामला दर्ज कराया है. वन रक्षक आलोक प्रजापति ने शिकायत में आरोप लगाया है कि निगरानी के दौरान कुछ लोगों ने उनके साथ छीना-झपटी की और गाड़ी की चाबी ले ली.

Advertisement

इससे पहले भोपाल के आरटीआई कार्यकर्ता अजय दुबे ने आरोप लगाया था कि राजस्थान की सीमा में चीते द्वारा भैंस के पाड़े का शिकार किए जाने के बाद ग्रामीणों ने कूनो की ट्रैकिंग टीम को बंधक बनाया और उसके साथ मारपीट की. हालांकि, पाड़े के शिकार और बंधक बनाए जाने के आरोपों की अधिकृत पुष्टि नहीं हुई थी.

गुना-बारां और ग्वालियर के जंगलों में भी चीते

इस बीच, एक अन्य चीते की गतिविधि मध्य प्रदेश के गुना और राजस्थान के बारां जिले की सीमा के आसपास बताई जा रही है. वहीं, एक और चीता ग्वालियर के जंगलों में मौजूद है. वन विभाग की टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में इन चीतों की गतिविधियों पर नजर रख रही हैं.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »