सतना में बारिश का कहर: उफनते नाले में उतार दी बोलेरो, पुल के पानी में फंसी बस... स्कूटी सवार भी गड्ढे में समाया

सतना में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच नदी-नाले उफान पर हैं और सड़कों पर जलभराव है. प्रशासन की चेतावनी के बावजूद लोग जान जोखिम में डालकर पानी से भरे रास्ते पार कर रहे हैं. बुधवार को बडेरा-करौंदी मार्ग पर उफनते नाले में बोलेरो फंस गई, जबकि जैतवारा रेलवे अंडरब्रिज में कमर से ऊपर पानी होने के बावजूद यात्री बस घुसा दी गई और 18 से 20 यात्री फंस गए. वहीं सतना शहर में एक स्कूटी सवार जलभराव के बीच गड्ढे में जा गिरा. तीनों घटनाओं में समय रहते रेस्क्यू होने से बड़ा हादसा टल गया.

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गड्ढे में समा गया स्कूटी सवार. (Photo: Screengrab) गड्ढे में समा गया स्कूटी सवार. (Photo: Screengrab)

वेंकटेश द्विवेदी

  • सतना,
  • 03 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 2:33 PM IST

मध्य प्रदेश के सतना में पिछले एक हफ्ते से बारिश हो रही है. इतनी कि नदी-नाले उफान पर हैं, सड़कें पानी में डूबी हैं और कई जगह रास्ते रपटों में बदल गए हैं. प्रशासन लगातार लोगों से कह रहा है कि पानी से भरे पुल, रपटे और अंडरब्रिज पार करने की कोशिश न करें. लेकिन कुछ लोगों को शायद लगता है कि चेतावनी सिर्फ दूसरों के लिए होती है.

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सतना में बुधवार को ऐसी ही लापरवाही के कई मामले सामने आए. कहीं उफनते नाले में बोलेरो उतार दी गई, तो कहीं कमर से ऊपर पानी भरे अंडरब्रिज में यात्री बस घुसा दी गई. एक जगह स्कूटी सवार पानी में छिपे गड्ढे में जा गिरा. गनीमत रही कि इन घटनाओं में वक्त रहते रेस्क्यू हो गया और बड़ी अनहोनी टल गई.

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पहली घटना सभापुर थाना क्षेत्र के बडेरा-करौंदी मार्ग की है. बिरसिंहपुर से उत्तर प्रदेश की तरफ जा रही एक बोलेरो बडेरा छोर पर पहुंची. सामने बरसाती नाला उफान पर था. पानी का बहाव इतना तेज था कि रास्ता पार करना खतरनाक था. वहां मौजूद ग्रामीणों ने ड्राइवर को रोकने की कोशिश की. समझाया कि आगे पानी बहुत ज्यादा है, गाड़ी लेकर मत जाओ. लेकिन ड्राइवर ने चेतावनी नहीं मानी. बोलेरो को सीधे उफनते नाले में उतार दिया गया.

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शुरुआत में गाड़ी किसी तरह पानी के बहाव के बीच आगे बढ़ती रही. लेकिन दूसरे छोर के पास पहुंचते-पहुंचते बोलेरो का अगला पहिया रपटे के टूटे हिस्से में फंस गया. गाड़ी पलटने लगी. अंदर बैठे लोग घबरा गए. मदद के लिए चिल्लाने लगे. अब तक आसपास खड़े ग्रामीण समझ चुके थे कि मामला सिर्फ गाड़ी फंसने का नहीं है. जरा सी चूक होती तो बोलेरो पानी के तेज बहाव में बह सकती थी. ग्रामीणों ने तुरंत जेसीबी की व्यवस्था की और काफी मशक्कत के बाद बोलेरो को बाहर खींच लिया.

सतना शहर में स्कूटी सवार पानी में गायब हो गया

दूसरा मामला सतना नगर निगम क्षेत्र का है. सड़क पर जलभराव था. एक युवक स्कूटी लेकर वहां से गुजर रहा था. उसे शायद अंदाजा नहीं था कि पानी के नीचे सड़क की हालत कैसी है. जैसे ही स्कूटी आगे बढ़ी, अचानक युवक एक गड्ढे में जा गिरा. पानी में स्कूटी के साथ युवक भी समा गया. हालांकि उसने किसी तरह खुद को संभाला और बाहर निकल आया. इस घटना ने एक बार फिर शहर में जलभराव के दौरान सड़क पर छिपे गड्ढों के खतरे को सामने ला दिया.

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तीसरी घटना जैतवारा रेलवे अंडरब्रिज की है और यहां तो करीब 18 से 20 यात्रियों की जान जोखिम में पड़ गई. गेबीनाथ ट्रैवल्स की यात्री बस कोठी से यात्रियों को लेकर बिरसिंहपुर जा रही थी. रास्ते में जैतवारा रेलवे अंडरब्रिज आया. अंडरब्रिज में पानी भरा हुआ था. पानी की गहराई कमर से भी ऊपर बताई जा रही थी. इतना पानी देखकर भी बस को रोकने के बजाय ड्राइवर ने उसे अंडरब्रिज में उतार दिया. बस कुछ दूर पानी में पहुंची और बंद हो गई.

अब बस के चारों तरफ पानी था और अंदर 18 से 20 यात्री फंसे हुए थे. यात्रियों में घबराहट फैल गई. मदद के लिए आवाज लगाई जाने लगी. इसके बाद प्रशासन ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और बस में फंसे यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया. कुल मिलाकर 24 से ज्यादा लोगों की जान खतरे में पड़ी थी. लेकिन वक्त रहते मदद पहुंची और बड़ा हादसा टल गया.

बारिश की वजह से उफान पर नदी-नाले

लगातार बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं. कई जगह घरों और दुकानों में पानी घुसा है. चित्रकूट, बिरसिंहपुर, कोटर, जैतवारा, कोठी, मझगवां, पन्ना क्षेत्र और रघुराज नगर समेत कई इलाकों में बारिश और बाढ़ की स्थिति बनी हुई है. सतना कलेक्टर सतीश कुमार यश के मुताबिक, हालात को देखते हुए सभी टीमों को एक्टिवेट किया गया है. जिले में SDRF और NDRF की टीमें उपलब्ध हैं और अतिरिक्त टीमें भी पहुंच रही हैं. नगर निगम और फायर ब्रिगेड की टीमें जलभराव वाले इलाकों में सफाई और राहत के काम में लगी हैं.

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प्रशासन का कहना है कि बाढ़ प्रभावित लोगों तक खाना और पानी पहुंचाने के इंतजाम किए जा रहे हैं. मेडिकल टीमें भी इलाके में लगाई गई हैं. मेडिकल कैंप लगाने के साथ-साथ घर-घर सर्वे कर लोगों को दवाइयां और जरूरी चिकित्सा सहायता दी जा रही है. बारिश से जिन लोगों के मकान और दुकानें प्रभावित हुई हैं, उनके नुकसान का सर्वे भी किया जा रहा है. प्रशासन के मुताबिक करीब 70 से 75 फीसदी सर्वे पूरा हो चुका है. मौसम को लेकर 5 सितंबर तक अलर्ट जारी है. यानी फिलहाल बारिश से पूरी तरह राहत मिलने की उम्मीद नहीं है. 

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