मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के रास्ते पर एक दर्दनाक हादसा हुआ है. एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, 'यह घटना रात करीब 1 बजे हुई, मैंने कुछ लोगों को मौके पर ही दम तोड़ते देखा. एक ट्रक में क्षमता से अधिक सामान लदा था. वह अचानक आया और कुछ दुकानों और लोगों को कुचल दिया. इस घटना में मेरे भाई को भी चोटें आई हैं. घटना स्थल पर अफरा-तफरी मची है.' वहीं, एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने सवाल उठाया है कि जब प्रशासन बाइक तक नहीं आने देता, तो ट्रक कैसे आ गए.
बता दें, यहां नवरात्रि के दौरान मंदिर जा रहे श्रद्धालुओं की भीड़ को धान से भरे एक अनियंत्रित ट्रक ने कुचल दिया. इस भीषण हादसे में 15 लोगों की जान चली गई है. कई लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया, घायलों में हादसे के वक्त मौके पर ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी भी शामिल हैं.
वहीं, एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी बबलू प्रजापति ने बताया, 'मेरे पिताजी मोतीलाल प्रजापति बैठे थे. हमारे रिश्तेदार भी थे और यहां बहुत भीड़ थी. अचानक ट्रक आने पर हम लोगों ने कहा कि यहां से हट जाओ. इसके बाद कुछ लोग इधर-उधर हो गए, जबकि कुछ उसकी चपेट में आ गए. कुछ लोगों के हाथ-पैर कट गए और कुछ की मौत भी हो गई है. कई लोग अस्पताल में भर्ती हैं.'
बबलू ने कहा कि जब प्रशासन मोटरसाइकिल तक दुकान के पास नहीं आने देता, तो ये ट्रक यहां तक कैसे आ गए. ऊपर भी पुलिस तैनात थी और नीचे भी. पुलिस ने ट्रक यहां तक आने क्यों दिया. मेले के दौरान कोई गाड़ी नहीं निकलती थी. मेला खत्म होने के बाद ही गाड़ियों को जाने दिया जाता था. उन्होंने कहा यह बहुत बड़ी लापरवाही है.
इस बीच, SSP धर्मवीर सिंह ने बताया कि छिनोर की तरफ से मंदिर आने वाली सड़क पर ढलान है. इस रास्ते पर भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित है. रात करीब 1:30 बजे धान से भरे एक ट्रक को वहां रोका गया था. ट्रक ने पुलिस के बैरिकेड तोड़े और अचानक बेकाबू होकर ढलान से नीचे आ गया. वह मंदिर की बाहरी दीवार और गेट से टकरा गया. श्रद्धालु ट्रक के नीचे दब गए, जिससे यह घटना हुई.
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