मध्य प्रदेश में मूंग की 100 फीसदी MSP पर खरीद की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है. नर्मदापुरम से भोपाल तक मार्च कर पहुंचे किसानों ने राजधानी के सावरकर सेतु के पास डेरा डाल रखा है. इस बीच राज्य सरकार ने भी केंद्र से हस्तक्षेप की मांग करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को चिट्ठी लिखी है. वहीं किसान अब मुख्यमंत्री आवास तक मार्च करने की तैयारी में हैं.
किसानों के आंदोलन पर ताजा अपडेट के लिए पेज रिफ्रेश करें:
- भोपाल में प्रदर्शन कर रहे एक किसान ने कहा कि उनकी मांग है कि मूंग की 100 फीसदी फसल की खरीद की जाए और ई-टोकन व्यवस्था को या तो सही तरीके से लागू किया जाए या फिर पूरी तरह खत्म किया जाए. किसान ने कहा कि उनकी मांगें पूरी होने तक वे भोपाल में ही डटे रहेंगे. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों की छवि खराब करने की कोशिश कर रही है और उम्मीद कर रही है कि किसान कोई गड़बड़ी करें ताकि उन्हें बदनाम किया जा सके. किसान ने कहा कि उनका सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या किसी प्रशासनिक अधिकारी को नुकसान पहुंचाने का कोई इरादा नहीं है. उन्होंने सरकार से अपील की कि उन्हें हर कदम पर न रोका जाए, क्योंकि वे मुख्यमंत्री आवास तक पहुंचकर अपनी मांगें मनवाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.
- मध्य प्रदेश के किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ऐदल सिंह कंसाना ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को लिखी चिट्ठी में बताया है कि राज्य में 14 मई से 3 जुलाई 2026 के बीच करीब 8.06 लाख मीट्रिक टन मूंग का उत्पादन हुआ है, जबकि फिलहाल 4.54 लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य तय किया गया है. उनका कहना है कि मौजूदा लक्ष्य के कारण बड़ी संख्या में किसान MSP का लाभ नहीं ले पाएंगे.
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- करीब 2,000 किसान अनाज की बोरियां, बिस्तर, खाना बनाने के बर्तन और एक सप्ताह तक चलने वाला राशन लेकर भोपाल पहुंच चुके हैं. संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के बैनर तले दर्जनों किसान संगठनों का यह मार्च पुलिस की कई बैरिकेडिंग पार करते हुए राजधानी के बाहरी इलाके तक पहुंचा. किसानों ने साफ कर दिया है कि जब तक मूंग की 100 फीसदी MSP पर खरीद और खाद वितरण से जुड़ी उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक वे भोपाल से वापस नहीं लौटेंगे.
बैरिकेडिंग के बावजूद आगे बढ़े किसान
मंगलवार रात किसान भोपाल के बाहरी इलाकों तक पहुंच गए, जहां बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था. पुलिस ने कई जगह बैरिकेडिंग कर उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारी आगे बढ़ते रहे. राजधानी में किसानों की मौजूदगी के साथ यह आंदोलन मुख्यमंत्री मोहन यादव सरकार के सामने इस साल की सबसे बड़ी राजनीतिक चुनौतियों में से एक बनता नजर आ रहा है.
चिट्ठी में और क्या कहा गया?
कृषि मंत्री ने अपनी चिट्ठी में लिखा है कि इस साल औसत उत्पादकता बढ़ने से मूंग का उत्पादन अनुमान से अधिक हुआ है. ऐसे में राज्य सरकार ने केंद्र से खरीद का लक्ष्य बढ़ाकर 8 लाख मीट्रिक टन करने की मांग की है, ताकि ज्यादा से ज्यादा किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ मिल सके. उन्होंने यह भी बताया कि अब तक 4.19 लाख मीट्रिक टन मूंग की खरीद हो चुकी है और मौजूदा रफ्तार को देखते हुए तय लक्ष्य जल्द पूरा होने की संभावना है.
MP का देश के उत्पादन में 40% हिस्सा
चिट्ठी में कृषि मंत्री ने यह भी उल्लेख किया है कि मध्य प्रदेश देश के कुल मूंग उत्पादन में लगभग 40 प्रतिशत हिस्सेदारी रखता है. ऐसे में किसानों के हितों को देखते हुए केंद्र सरकार को खरीद सीमा बढ़ाने पर विशेष निर्णय लेना चाहिए.
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किसानों से मिले कृषि मंत्री
इससे पहले मंगलवार को भोपाल स्थित मंत्रालय में कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना ने किसान प्रतिनिधियों से मुलाकात की. उन्होंने किसानों की समस्याएं सुनीं और भरोसा दिलाया कि मूंग खरीदी समेत सभी मुद्दों पर सरकार गंभीरता से काम कर रही है.
किसानों की प्रमुख मांगें
संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में चल रहे इस आंदोलन की प्रमुख मांगों में मूंग की 100 फीसदी MSP पर खरीद, ई-टोकन व्यवस्था की समस्याओं का समाधान और समय पर उचित दर पर खाद उपलब्ध कराना शामिल है. किसानों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.
रवीश पाल सिंह