How To Use Buttermilk For Plants: गर्मियों में घरों में दही खाई जाती और छाछ भी खूब पिया जाता है. छाछ पीना बहुत ही आम बात है. कई बार छाछ जरूरत से ज्यादा बन जाती है और फिर बची हुई छाछ फ्रिज में रखी रह जाती है. एक-दो दिन बाद जब इसे पीने का मन नहीं करता, तो ज्यादातर लोग इसे बेकार समझकर सिंक में बहा देते हैं. अगर आप भी ऐसा करते हैं, तो अगली बार रुक जाएं. घर में बची यही छाछ आपके गार्डन के पौधों के लिए काफी काम की साबित हो सकती है.
छाछ को सही तरीके और सीमित मात्रा में मिट्टी में इस्तेमाल किया जाए, तो ये पौधों के लिए एक तरह के नेचुरल टॉनिक की तरह काम कर सकती है. इसमें मौजूद लाभकारी बैक्टीरिया मिट्टी की माइक्रोबियल एक्टिविटी को बढ़ाने में मदद कर सकते हैं, जिससे मिट्टी की सेहत बेहतर रहती है और पौधों को पोषक तत्व मिलने में मदद मिल सकती है. आज हम आपको बताने वाले हैं कि कैसे छाछ पौधों के लिए सस्ता-देसी टॉनिक बन सकती है.
मिट्टी की सेहत सुधारने में मदद करती है छाछ
पौधा सिर्फ ऊपर से हरा दिखे, इतना काफी नहीं है. उसकी अच्छी ग्रोथ के लिए जड़ों और मिट्टी का हेल्दी होना भी जरूरी है. छाछ में मौजूद लाभकारी माइक्रोब्स मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने में मदद कर सकते हैं. इससे मिट्टी में मौजूद माइक्रोबियल एक्टिविटी सुधरती है और पौधों की जड़ों को फायदा मिल सकता है. यानी घर में बची छाछ को बेकार समझकर फेंकने के बजाय उसका सही इस्तेमाल करके आप अपने गमलों की मिट्टी को थोड़ा और बेहतर बना सकते हैं.
जड़ें मजबूत, पौधा ज्यादा हरा-भरा
छाछ का सही तरीके से इस्तेमाल करने से पौधों की जड़ें मजबूत होने और उनकी ग्रोथ बेहतर होने में मदद मिल सकती है. सीमित मात्रा में नियमित रूप से छाछ देने पर पौधों की पत्तियां ज्यादा हरी और घनी नजर आ सकती हैं. इसके अलावा, ये पौधों में होने वाली कुछ फंगल समस्याओं को कम करने में भी मदद कर सकती है.
हालांकि, ऐसा नहीं है कि सिर्फ छाछ डालने से पौधा अचानक तेजी से बढ़ने लगेगा. पौधों की अच्छी ग्रोथ के लिए अच्छी धूप, सही मात्रा में पानी, अच्छी मिट्टी और जरूरी पोषक तत्व भी बहुत जरूरी हैं.
छाछ सीधे गमले में न डालें, ऐसे बनाएं घोल
छाछ को सीधे गमले की मिट्टी में डालने की बजाय पहले इसे पानी में अच्छी तरह पतला करना होता है. इसके लिए 1 भाग छाछ में 5 से 10 भाग पानी मिलाकर घोल तैयार कर सकते हैं. इस घोल को पौधे की जड़ों के आसपास मिट्टी में डालें. चाहें तो बहुत हल्के स्प्रे के तौर पर पत्तियों पर भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है.
हर रोज डालने की गलती न करें
पौधों को ज्यादा खाद या कोई भी घरेलू खाद देने से फायदा होने की बजाय नुकसान हो सकता है. इसलिए छाछ का इस्तेमाल भी सीमित मात्रा में करें. इसे करीब 15 से 20 दिन में एक बार दिया जा सकता है. अगर पौधे की मिट्टी पहले से बहुत गीली है तो उस समय कोई एक्स्ट्रा लिक्विड फीड न दें. गमले में पानी जमा रहना भी जड़ों के लिए नुकसानदायक हो सकता है.
इन पौधों में कर सकते हैं इस्तेमाल
छाछ के इस पतले घोल का इस्तेमाल गुलाब, गुड़हल, मनी प्लांट, टमाटर, मिर्च समेत कई फूल और सब्जियों वाले पौधों में किया जा सकता है. खास बात ये है कि इसके लिए आपको बाजार से कोई महंगा प्रोडक्ट खरीदने की जरूरत नहीं. घर में पहले से मौजूद छाछ को ही सही तरीके से इस्तेमाल किया जा सकता है.
एक बात का रखें खास ध्यान
छाछ पौधों के लिए कोई जादुई खाद नहीं है. इसे हमेशा पानी में अच्छी तरह पतला करके और सही गैप देकर ही इस्तेमाल करें. किसी पौधे पर इसका इस्तेमाल पहली बार कर रहे हैं तो थोड़ी मात्रा से शुरुआत करना बेहतर रहेगा. अगर पौधे पर कोई खराब असर नजर आए तो इसका इस्तेमाल बंद कर दें.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क