आयुर्वेद और विज्ञान दोनों में आंवला को बेहद फायदेमंद माना जाता है जो हमारी सेहत से लेकर, स्किन और बालों के लिए भी बहुत अच्छा होता है. यह त्वचा की झुर्रियों को दूर कर चेहरे पर प्राकृतिक निखार लाता है और बालों को जड़ों से मजबूत व काला बनाए रखता है. लेकिन अक्सर बच्चे या बड़े आंवले के कड़वे-कसैले स्वाद के कारण इसे खाना पसंद नहीं करते.
इसके अलावा बाजार या घर में बनने वाले आंवले के मुरब्बे और छुंदे में ढेर सारी चीनी या गुड़ का इस्तेमाल किया जाता है, जो सेहत के लिए ज्यादा फायदेमंद नहीं होता.
अगर आप बिना चीनी और बिना गुड़ के एक ऐसा सुपरफूड बनाना चाहते हैं जो सालों-साल खराब भी न हो और खाने में बेहद स्वादिष्ट लगे तो नो-शुगर आंवला छुंदा आपके लिए बेस्ट है. इसे धागे वाली धात्री मिश्री या खजूर की कुदरती मिठास के साथ तैयार किया जाता है जो डायबिटीज पेशेंट्स के लिए भी उतना ही फायदेमंद है. आइए जानते हैं इसे बनाने की सबसे आसान विधि!
सामग्री:
500 ग्राम ताजे बड़े आंवले
400 ग्राम धागे वाली मिश्री (पीसकर पाउडर बनाया हुआ) या खजूर का पेस्ट/खजूर का गुड़
1 छोटा चम्मच सेंधा नमक या काला नमक
1/2 छोटा चम्मच भुना जीरा पाउडर
1/2 छोटा चम्मच सोंठ पाउडर (सुखा अदरक पाउडर)
1/2 छोटा चम्मच दालचीनी पाउडर
4-5 छोटी इलायची (कुटी हुई)
1/4 छोटा चम्मच लौंग पाउडर
बनाने की विधि:
आंवला स्टीम करें: आंवलों को अच्छी तरह धोकर सूती कपड़े से सुखा लें. अब इन्हें पानी में उबालने के बजाय स्टीमर या जालीदार छलनी पर रखकर 10 मिनट के लिए भाप में पकाएं ताकि इनके पोषक तत्व पानी में न बहें.
कद्दूकस करें: जब आंवले हल्के ठंडे हो जाएं तो इन्हें कद्दूकस कर लें और गुठलियां अलग कर दें.
मिठास मिलाएं: एक भारी तले की कड़ाही (स्टील या कांच की) में कद्दूकस किया हुआ आंवला और पिसी हुई धागे वाली मिश्री डालें. दोनों को अच्छी तरह मिलाकर 15 मिनट के लिए ढककर छोड़ दें ताकि मिश्री अपना पानी छोड़ दे.
धीमी आंच पर पकाएं: अब कड़ाही को गैस पर धीमी आंच पर रखें. बिना पानी डाले लगातार चलाते हुए पकाएं. धीरे-धीरे मिश्री पिघल जाएगी और आंवले का लच्छा रसीला और ट्रांसपेरेंट होने लगेगा.
मसाले मिलाएं: जब मिश्रण गाढ़ा होने लगे, तो इसमें काला नमक, भुना जीरा पाउडर, सोंठ पाउडर, दालचीनी पाउडर, लौंग पाउडर और कुटी इलायची मिलाएं.
चेक करें और स्टोर करें: जब छुंदा शहद जैसा गाढ़ा और चमकदार दिखने लगे, तो गैस बंद कर दें. पूरी तरह ठंडा होने के बाद इसे कांच के साफ और सूखे जार में भरकर रख लें.
कैसे खाएं: रोजाना सुबह खाली पेट या खाने के साथ 1-2 चम्मच इस छुंदे का सेवन करें.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क