रोज-रोज दोपहर के खाने में वही दाल, चावल और रोटी-सब्जी सोचकर अगर आप भी बोर हो जाते हैं तो अब कुछ अलग, हल्का और बेहद स्वादिष्ट ट्राई करें. गुजरात का पारंपरिक काठियावाड़ी खीचू आपकी इस टेंशन का सबसे बेहतरीन और झटपट समाधान है. आमतौर पर गुजराती खीचू चावल के आटे से बनता है लेकिन काठियावाड़ी खीचू चावल के आटे के अलावा बाजरा, ज्वार, मकई या गेहूं के आटे से भी बनाया जाता है.
खट्टी छाछ के कॉम्बिनेशन से तैयार यह खीचू न सिर्फ स्वाद में कमाल होता है बल्कि सेहत और पाचन के लिए भी बेहद फायदेमंद है. हरी मिर्च, अजवाइन, हींग और तिल के तड़के से महकता यह भाप में पका नाश्ता बेहद सॉफ्ट और तीखा होता है. जब इसके ऊपर कच्चा मूंगफली का तेल और मेथी-संबल डालकर खाया जाता है तो इसका तीखा-खट्टा स्वाद हर किसी को दीवाना बना देता है. आइए जानते हैं इसे बनाने की एकदम आसान विधि!
सामग्री
1 सर्विंग
1/2 कप ज्वार का आटा
1/2 कप खट्टा दही
1 1/2 कप पानी
1/2 छोटा चम्मच सफेद तिल
1/2 छोटा चम्मच जीरा
1/4 छोटा चम्मच हींग
1 छोटा चम्मच अदरक-हरी मिर्च का पेस्ट
3 करी पत्ते
2 छोटे चम्मच बारीक कटा हुआ ताजा हरा धनिया
1 छोटा चम्मच घी
1/2 छोटा चम्मच मूंगफली का तेल
1/2 छोटा चम्मच अचार मसाला
1/2 छोटा चम्मच नमक
1/4 छोटा चम्मच हल्दी पाउडर
बनाने का तरीका
एक कटोरे में ज्वार का आटा लें. खट्टा दही लें और उसमें पानी मिलाकर छाछ तैयार करें.
अब, व्हिस्क की मदद से ज्वार के आटे को छाछ में अच्छी तरह मिला लें. इसमें नमक और हल्दी पाउडर डालें और फिर से अच्छी तरह मिलाएं.
एक पैन में घी गरम करें और उसमें हींग, जीरा, सफ़ेद तिल, अदरक-मिर्च का पेस्ट और करी पत्ता डालें. अच्छी तरह भूनें. अब, ज्वार के आटे और छाछ के मिश्रण को धीरे-धीरे पैन में डालें.
इसे मध्यम आंच पर लगातार चलाते हुए पकाएं. ध्यान रखें कि इसमें गांठें न बनें और मिश्रण पैन के तले में न चिपके.
जब यह गाढ़ा होने लगे, तो आंच धीमी कर दें, ढक्कन से ढक दें और 3 से 5 मिनट तक पकाएं. इस दौरान बीच-बीच में चलाते रहें. मिश्रण के गाढ़ा होने पर आंच बंद कर दें. ऊपर से कटा हुआ ताजा हरा धनिया डालें. गरमा-गरम खिचू परोसने के लिए तैयार है.
खिचू के ऊपर थोड़ा मूंगफली का तेल डालें और तीखा अचार मसाला छिड़कें. इसका स्वाद बहुत बढ़िया लगता है. इसे गरमा-गरम ही खाएं. ठंडा होने पर यह उतना मजेदार नहीं लगता.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क