रोज-रोज वही आलू-गोभी या मटर की सादी सब्जियां खाकर बोर हो चुके हैं, तो थाली में स्वाद और सेहत का तड़का लगाने के लिए लाल या हरी चौलाई की सूखी सब्जी सबसे बेहतरीन विकल्प है. चौलाई को शाक भी कहते हैं. चौलाई का साग आयरन, कैल्शियम, विटामिन ए और सी का भंडार होता है, जो शरीर में खून की कमी को दूर करने और हीमोग्लोबिन का स्तर तेजी से बढ़ाने में रामबाण इलाज माना जाता है.
अक्सर लोगों की शिकायत होती है कि चौलाई पकाते समय बहुत ज्यादा पानी छोड़ देती है, जिससे सब्जी सौगी और बेस्वाद हो जाती है. अगर आप चौलाई के पत्तों को धोकर अच्छे से सुखा लें और ज्यादा सारे लहसुन, प्याज व साबुत लाल मिर्च के साथ मध्यम-तेज आंच पर भुनाई करें, तो यह सब्जी एकदम खिली-खिली, चटाकेदार और उंगलियां चाटने पर मजबूर कर देने वाली बनती है. आइए जानते हैं इसे बनाने का सबसे आसान और परफेक्ट तरीका!
सामग्री:
500 ग्राम ताजी चौलाई (लाल या हरी - केवल मुलायम पत्तियां और पतली डंडी, बारीक कटी हुई)
1 बड़ा प्याज (लंबा और पतला कटा हुआ)
10-12 कली लहसुन (बारीक कटा हुआ - साग में लहसुन का फ्लेवर सबसे मुख्य है)
1 छोटा चम्मच कद्दूकस किया अदरक
2 साबुत सूखी लाल मिर्च (तड़के के लिए)
2 हरी मिर्च (बारीक कटी हुई)
2 बड़े चम्मच सरसों का तेल (या देसी घी)
1/2 छोटा चम्मच जीरा
1/4 छोटा चम्मच हिंग
1/2 छोटा चम्मच हल्दी पाउडर
1/2 छोटा चम्मच धनिया पाउडर
1/2 छोटा चम्मच अमचूर पाउडर (चटपटे फ्लेवर के लिए)
स्वादानुसार नमक
बनाने की विधि:
चौलाई की पत्तियों को तोड़कर 3 से 4 बार साफ पानी में अच्छी तरह धो लें ताकि पूरी धूल-मिट्टी निकल जाए. धोने के बाद इसे 15-20 मिनट के लिए छलनी में रखें ताकि पूरा पानी निकल जाए. इसके बाद ही इसे बारीक काटें. पहले काटने और फिर धोने से साग में बहुत ज्यादा पानी भर जाता है.
एक कड़ाही में सरसों का तेल गर्म करें. तेल से धुआं निकलने पर आंच धीमी करें और जीरा, हिंग और सूखी लाल मिर्च डालें. अब इसमें बारीक कटा लहसुन और अदरक डालकर 1 मिनट तक सुनहरा और खुशबूदार होने तक भूनें.
अब इसमें लंबा कटा प्याज और हरी मिर्च मिलाएं. प्याज को हल्का गुलाबी और सॉफ्ट होने तक मध्यम आंच पर भूनें.
आंच धीमी करके हल्दी पाउडर और धनिया पाउडर डालें और 20 सेकंड तक चलाएं.
अब कड़ाही में कटी हुई चौलाई डालें. शुरुआत में नमक न मिलाएं और न ही कड़ाही को ढकें. चौलाई को तेज-मध्यम आंच पर स्पैटुला से चलाते हुए भूनें. 2 से 3 मिनट में साग सिकुड़कर मात्रा में आधा रह जाएगा.
जब चौलाई का पानी लगभग सूख जाए, तब स्वादानुसार नमक और अमचूर पाउडर मिलाएं. (शुरुआत में नमक डालने से साग बहुत ज्यादा पानी छोड़ देता है).
अब सब्जी को खुले में ही 3-4 मिनट तक मध्यम-तेज आंच पर लगातार चलाते हुए भूनें जब तक कि उसका पूरा मॉइश्चर खत्म न हो जाए और कड़ाही के किनारों से तेल न दिखने लगे.
तैयार है आपकी लहसुनी और स्वाद से भरपूर चौलाई की सूखी सब्जी! इसे गरमा-गरम पराठे, मक्के की रोटी या दाल-चावल के साथ परोसें.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क