रसोई में रखा बोरोसिल का कांच का बाउल ज्यादातर लोगों के लिए सिर्फ खाना रखने और गर्म करने का बर्तन होता है. इसी में लोग स्कूल और ऑफिस में लंच ले जाते हैं, क्योंकि इस कांच को माइक्रोवेव और फ्रीजर में इस्तेमाल किया जा सकता है. इसलिए आज यह ज्यादातर लोगों की पहली पसंद बन गया है, लेकिन सिर्फ आम लोग ही नहीं बल्कि यह कांच वैज्ञानिक की भी पहली पसंद है.
क्या आप जानते हैं कि इसी तरह की खास क्वालिटी का ग्लास अंतरिक्ष मिशनों, वैज्ञानिक रिसर्च और यहां तक कि न्यूक्लियर वेस्ट को सुरक्षित रखने में भी इस्तेमाल किया जाता है? यह कोई बढ़ा-चढ़ाकर किया गया दावा नहीं, बल्कि साइंस पर आधारित सच्चाई है. आइए जानते हैं कि आखिर बोरोसिल का ग्लास इतना खास क्यों माना जाता है.
क्या है बोरोसिल का ग्लास?
बोरोसिलके बाउल और दूसरे किचन प्रोडक्ट बोरोसिलिकेट ग्लास से बनाए जाते हैं. इस ग्लास की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह तापमान में अचानक होने वाले बदलाव को आसानी से सहन कर लेता है. यानी आप इसे फ्रीजर से निकालकर सीधे माइक्रोवेव में रख सकते हैं. नॉर्मल कांच की तरह इसमें जल्दी दरार नहीं पड़ती और न ही यह आसानी से टूटता है.
लैब में भी होता है इस्तेमाल
बोरोसिलिकेट ग्लास सिर्फ किचन तक सीमित नहीं है. वैज्ञानिक लैब में बीकर, फ्लास्क, टेस्ट ट्यूब और दूसरे उपकरण बनाने के लिए भी इसी तरह के ग्लास का इस्तेमाल किया जाता है. इसकी मजबूती और रासायनिक स्थिरता इसे रिसर्च के लिए एक भरोसेमंद ऑप्शन बनाती है.
अंतरिक्ष तकनीक में भी है अहम भूमिका
जी हां, इस खास ग्लास का यूज अंतरिक्ष विज्ञान में भी किया जाता है. स्पेस शटल के कुछ थर्मल प्रोटेक्शन सिस्टम और खगोलीय दूरबीनों के खास हिस्सों में बोरोसिलिकेट ग्लास का इस्तेमाल किया जाता है. इसकी वजह यह है कि यह बहुत अधिक गर्मी और बेहद ठंडे तापमान को भी सहन करने की क्षमता रखता है.
न्यूक्लियर वेस्ट को सुरक्षित रखने में मददगार
शायद आपको जानकर हैरानी हो, लेकिन न्यूक्लियर वेस्ट को लंबे समय तक सुरक्षित रखने वाले विशेष कंटेनरों में भी इसी तरह के उच्च गुणवत्ता वाले बोरोसिलिकेट ग्लास का इस्तेमाल ही किया जाता है.
यह ग्लास केमिकल के रूप से काफी स्थिर होता है और लंबे समय तक अपनी मजबूती बनाए रखता है. यही वजह है कि इसे संवेदनशील और हाई-टेक इलाकों में भी भरोसे के साथ इस्तेमाल किया जाता है.
भारत में 1962 से बन रहा है बोरोसिल ग्लास
भारत में बोरोसिल साल 1962 से ही हीट-रेसिस्टेंट ग्लासवेयर बना रही है, कंपनी ने समय के साथ अपनी तकनीक को और बेहतर बनाया है. इसके अलावा बोरोसिल ने बेहद पतला लेकिन मजबूत टेम्पर्ड सोलर ग्लास भी तैयार किया है, जो सोलर पैनलों में इस्तेमाल होता है और ज्यादा तापमान को आसानी से झेल सकता है.
किचन से लेकर साइंस तक एक ही तकनीक
आज बोरोसिल का बाउल सिर्फ खाना स्टोर करने या गर्म करने बर्तन नहीं रह गया है. इसके पीछे वही अच्छी ग्लास तकनीक काम करती है, जिसका इस्तेमाल वैज्ञानिक रिसर्च, अंतरिक्ष तकनीक,सोलर पावर और न्यूक्लियर वेस्ट जैसी अहम जगहों पर भी किया जाता है. यही वजह है कि बोरोसिल के ग्लासवेयर अपनी मजबूती, टिकाऊपन और बेहतर क्वालिटी के लिए दुनिया भर में पसंद किए जाते हैं.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क