रिश्तों में रेड फ्लैग से अलग है 'बेज फ्लैग', जानिए जेन जी क्यों करते हैं इस्तेमाल?

जेन जी की डेटिंग भाषा में रिश्तों और लोगों के व्यवहार को समझाने के लिए कई नए शब्द इस्तेमाल किए जा रहे हैं. रेड फ्लैग और ग्रीन फ्लैग के बाद अब बेज फ्लैग भी इसी बातचीत का हिस्सा है. ये शब्द किसी व्यक्ति की ऐसी छोटी और अजीब आदतों से जुड़ा है, जो न अच्छी तरह ग्रीन फ्लैग हैं और न सीरियस रेड फ्लैग.

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जेन जी के रिश्तों में क्यों होता है बेज फ्लैग? जेन जी के रिश्तों में क्यों होता है बेज फ्लैग?

सारा सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 29 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 10:44 AM IST

जेन जी के लिए रिश्तों और डेटिंग की दुनिया सिर्फ प्यार और रोमांस तक सीमित नहीं है. किसी की बातचीत का तरीका, छोटी-छोटी आदतें और रोजमर्रा का व्यवहार भी रिश्ते को समझने का हिस्सा बन चुके हैं. इसी के साथ कई नए शब्द भी चलन में आए हैं, जिनसे लोगों के व्यवहार को आसानी से समझाया जाता है. जेन जी की डेटिंग और रिश्तों की दुनिया में इन दिनों ‘फ्लैग’ शब्द काफी सुनने को मिलता है लेकिन यहां बात किसी असली झंडे की नहीं, बल्कि किसी व्यक्ति के व्यवहार और आदतों की होती है.किसी की कोई आदत अच्छी लगे तो उसे ग्रीन फ्लैग कहा जाता है और अगर कोई व्यवहार रिश्ते के लिए परेशानी का संकेत लगे, तो वह रेड फ्लैग कहलाता है.

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एक रिलेशनशिप में सामने वाला जब आपकी बात ध्यान से सुने, आपकी सीमाओं का सम्मान करे और मुश्किल समय में आपके साथ खड़ा रहे, वो हर एक चीज करें जो आपको बेहतर फील करवाती है तो ऐसे लोग 'ग्रीन फ्लैग' हो सकते हैं. वहीं झूठ बोलना, जरूरत से ज्यादा रोक-टोक करना या आपकी सीमाओं का सम्मान न करना 'रेड फ्लैग' माना जा सकता है.

लेकिन कहानी सिर्फ ग्रीन और रेड फ्लैग तक ही सीमित नहीं है. अब बातचीत की इस कड़ी में एक और शब्द इस्तेमाल हो रहा है- 'बेज फ्लैग'.

तो आखिर ये बेजफ्लैग है क्या?

सीधे शब्दों में कहें तो बेज  किसी व्यक्ति की ऐसी छोटी या थोड़ी अजीब आदत है, जो न तो अच्छी तरह ग्रीन फ्लैग में आती है और न ही इतनी गंभीर होती है कि उसे रेड फ्लैग कहा जाए. या आदत थोड़ी अजीब है, लेकिन उससे रिश्ता खराब होने की कोई बड़ी वजह नहीं बनती.

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जैसे कोई व्यक्ति हर फिल्म देखने से पहले उसका अंत जानना चाहता है, कोई हमेशा एक ही तरह का खाना खाता हो, अपकी बात सुनता तो हो लेकिन पूरी तरह उस पर ध्यान नहीं देता हो. कोई मैसेज भेजने से पहले उसे की बार पढ़ता हो.

आपको ये आदतें देखकर लग सकता है कि ‘ये क्या कर रहा है?’ लेकिन इससे सामने वाला खराब पार्टनर नहीं बन जाता बस उसकी आदत अलग है. यही बेज फ्लैग है.

इसकी सबसे मजेदार बात ये है कि जो चीज आपको बेझ फ्लैग लग रही है, जरूरी नहीं कि दूसरे व्यक्ति को भी वैसी ही लगे. कि को किसी की बहुत ज्यादा साफ सफाई करने की आदत अजीब लग सकती है लेकिन किसी दूसरे को यही आदत पसंद आ सकती है.

यानी हर अजीब आदत को रेड फ्लैग मानने की जरूरत नहीं है. रिश्तों में कुछ चीजें बस ऐसी होता है जिन्हें आप देखकर कह सकते है कि 'अजीब है लेकिन इतना भी नहीं!'

और शायद यही बेज फ्लैग का पूरा खेल है.

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