पितृपक्ष में श्राद्ध और तर्पण के दौरान बनाए जाने वाले सात्विक भोजन में खीर का खास महत्व माना जाता है. कई घरों में श्राद्ध के भोजन में खीर जरूर बनाई जाती है. लेकिन स्वादिष्ट और गाढ़ी खीर बनाने के लिए दूध को घंटों तक पकाना पड़ता है, जिसकी वजह से इसमें काफी समय लग जाता है. अगर आप भी इसी वजह से खीर बनाने से बचते हैं तो अब ऐसा करने की जरूरत नहीं है.
आज हम आपको खीर बनाने का ऐसा तरीका बताने वाले हैं, जिसमें दूध को घंटों तक पकाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और करीब 15 मिनट में ही चावल वाली क्रीमी खीर तैयार हो जाएगी. इस तरीके में चावल और काजू का पेस्ट खीर को जल्दी गाढ़ा करने में मदद करता है. आइए जानते हैं इस आसान तरीके से खीर कैसे बनाएं.
श्राद्ध में क्यों खास मानी जाती है खीर?
पितृपक्ष में बनाए जाने वाले भोजन में खीर को परोसना परंपरा का हिस्सा है. श्राद्ध के भोजन में इसे सात्विक पकवान के तौर पर शामिल किया जाता है. ऐसे में अगर आप इस बार घर पर श्राद्ध के लिए खीर बना रहे हैं और चाहते हैं कि वो स्वादिष्ट होने के साथ-साथ गाढ़ी और क्रीमी भी बने, तो ये तरीका आपके काम आ सकता है.
15 मिनट वाली खीर का क्या है सीक्रेट?
इस खीर को जल्दी तैयार करने के पीछे भीगे हुए चावल और काजू का बारीक पेस्ट की खास ट्रिक है. चावल को पहले करीब 30 मिनट के लिए भिगोया जाता है. इसके बाद थोड़े से चावल और काजू को पीसकर पेस्ट तैयार कर लिया जाता है.
खीर के लिए फुल फैट दूध का इस्तेमाल किया जाता है और इसे तेज आंच पर पकाया जाता है. चावल को उबलते दूध में डालकर पकाने से वो जल्दी सॉफ्ट होते हैं और अपना स्टार्च छोड़ते हैं. वहीं अंत में तैयार किया गया चावल-काजू का पेस्ट खीर को जल्दी गाढ़ा और क्रीमी बनाने में मदद करता है.
खीर बनाने के लिए इंग्रेडिएंट्स
बनाने का तरीका:
1. चावल को अच्छी तरह धोकर करीब 30 मिनट के लिए पानी में भिगो दें. इसी तरह काजू को भी लगभग 30 मिनट पानी में भिगोकर रखें. बाकी ड्राई फ्रूट्स को बारीक काटकर अलग रख लें.
2. इलायची को छीलकर उसके सिर्फ दानों का इस्तेमाल करें. इससे खीर में इलायची की खुशबू ज्यादा अच्छी आती है.
3. एक बड़ी कड़ाही लें. हो सके तो लोहे की कड़ाही का इस्तेमाल करें. इसमें थोड़ा पानी डालें और फिर 1.5 लीटर फुल फैट दूध डालकर तेज आंच पर गर्म करें.
4. इस बीच भीगे हुए चावल में से 2-3 चम्मच चावल निकालें और उन्हें भीगे हुए काजू के साथ मिक्सी में डाल दें. इसमें थोड़ा पानी डालकर एकदम बारीक और स्मूद पेस्ट तैयार कर लें. अब दूध में उबाल आने का इंतजार करें.
5. जब दूध में अच्छी तरह उबाल आने लगे तो बचे हुए भीगे चावल का पानी निकालकर उन्हें सीधे उबलते दूध में डाल दें. अब खीर को तेज आंच पर पकाएं और लगातार चलाते रहें.
6. कड़ाही के किनारों पर अगर मलाई या दूध की लेयर चिपकने लगे तो उसे भी खुरचकर दूध में मिलाते रहें. इससे दूध नीचे लगने से भी बचेगा और खीर का स्वाद भी अच्छा रहेगा.
7. तेज आंच पर करीब 5 मिनट तक पकाने के बाद चावल नरम होने लगेंगे. साथ ही दूध भी तेजी से कम होकर गाढ़ा होने लगेगा. अब यही वो स्टेज है जब खीर को लगातार चलाते रहना जरूरी है, क्योंकि तेज आंच पर दूध जल्दी नीचे लग सकता है.
8. जब चावल सॉफ्ट हो जाएं और खीर गाढ़ी होने लगे, तब इसमें तैयार किया हुआ चावल और काजू का पेस्ट डाल दें. इसे अच्छी तरह मिलाएं. इससे खीर की कंसिस्टेंसी तेजी से क्रीमी और गाढ़ी होने लगेगी.
9. अगर केसर डालना चाहते हैं तो थोड़े से गर्म दूध में केसर के धागे डालकर कुछ देर छोड़ दें. इसके बाद इसे भी खीर में मिला दें. केसर वाला दूध खीर को खुशबू और हल्का रंग देने के साथ उसकी कंसिस्टेंसी को भी बैलेंस करने में मदद करता है.
10. इस रेसिपी की एक और जरूरी ट्रिक है कि चीनी शुरुआत में नहीं, बल्कि चावल पूरी तरह पकने के बाद डालनी है. जब चावल अच्छी तरह गल जाएं और खीर गाढ़ी हो जाए, तब इसमें 7-8 टेबलस्पून चीनी डालें. अब करीब 1 मिनट तक इसे अच्छी तरह पकाएं और चलाते रहें.
11. चीनी पहले डालने पर चावल को नरम होने में ज्यादा समय लग सकता है, इसलिए इस रेसिपी में चीनी आखिर में डालने की सलाह दी जाती है.
12. चीनी मिलाने के बाद गैस बंद कर दें और कड़ाही को ढककर करीब 5 मिनट के लिए छोड़ दें. इस दौरान खीर की कंसिस्टेंसी और बेहतर हो जाएगी. इसके बाद ऊपर से कटे हुए काजू-बादाम या अपनी पसंद के ड्राई फ्रूट्स डालकर सर्व करें.
तैयार है श्राद्ध के लिए क्रीमी खीर
इस तरीके से खीर बनाने में घंटों तक दूध को पकाने की जरूरत नहीं पड़ती. भीगे चावल, चावल-काजू का पेस्ट और तेज आंच पर पकाने की ट्रिक से खीर कम समय में गाढ़ी और क्रीमी बन जाती है.
पितृपक्ष में अगर श्राद्ध के भोजन के लिए खीर बना रहे हैं, तो ये तरीका आपका काफी समय बचा सकता है. हालांकि श्राद्ध के भोजन में क्या-क्या बनाना है, ये परिवार की परंपरा और स्थानीय रीति-रिवाजों के अनुसार अलग-अलग हो सकता है.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क