फर्नीचर के लिए इस्तेमाल करें इस पेड़ की लकड़ी, सालों-साल नहीं लगेगी दीमक

घर के लकड़ी के फर्नीचर में बार-बार दीमक लगने से परेशान हैं? दीमक धीरे-धीरे बेड, अलमारी, टेबल और दरवाजों को अंदर से खोखला कर देती है. ऐसे में जानिए मिलिया अजेडराक यानी महानीम और बकायन की लकड़ी की खासियत, जिसमें मौजूद कुछ नेचुरल तत्व कीड़ों को दूर रखने में मदद कर सकते हैं.

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महानीम की लकड़ी में नेचुरल दीमक रोधी गुण होते हैं. (Photo: ITG) महानीम की लकड़ी में नेचुरल दीमक रोधी गुण होते हैं. (Photo: ITG)

आजतक लाइफस्टाइल डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 01 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 10:30 PM IST

घर को खूबसूरत और आरामदायक बनाने के लिए लोग लकड़ी का फर्नीचर लगाते हैं. लकड़ी का फर्नीचर घर को शाही लुक देने के साथ देखने में बहुत सुंदर भी लगता है. लेकिन लकड़ी का फर्नीचर लगवाते समय एक डर सबके दिमाग में रहता है और वो है उसमें दीमक लगना. लकड़ी का फर्नीचर हो और उसमें दीमक लग जाए, तो अच्छी-खासी परेशानी हो जाती है. दीमक बाहर से छोटी दिखाई देती है, लेकिन अंदर ही अंदर लकड़ी को खोखला कर देती है. कई बार टेबल, कुर्सी, अलमारी या दरवाजे को देखकर अंदाजा भी नहीं लगता कि अंदर से दीमक अपना काम कर चुकी है. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या कोई ऐसी लकड़ी है, जिसे दीमक आसानी से नुकसान न पहुंचा पाए?

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अगर आपके मन में भी यही सवाल है, तो इसका जवाब हां है. ऐसी लकड़ी मौजूद है, जिसके आसपास भी दीमक नहीं फटक सकती है. ये लकड़ी है मिलिया अजेडराक (Melia azedarach). मिलिया अजेडराक को बकायन, महानिम या महानीम के नाम से जाना जाता है. इसमें नेचुरल रूप से ऐसे कंपाउंड्स पाए जाते हैं, जो कई कीड़ों को दूर रखने में मदद कर सकते हैं. इसी वजह से ये लकड़ी फर्नीचर के लिए अच्छी मानी जाती है.

फर्नीचर की सबसे बड़ी दुश्मन है दीमक
लकड़ी का फर्नीचर मजबूत और टिकाऊ होता है, लेकिन दीमक उसकी उम्र कम कर सकती है. दीमक अंदर ही अंदर फर्नीचर को खाती है और उसे पूरी तरह से बर्बाद कर देती है. ये लकड़ी के अंदर सुरंग बनाकर धीरे-धीरे उसे खोखला करती जाती है. शुरुआत में सिर्फ हल्का पाउडर या छोटे छेद नजर आ सकते हैं, लेकिन समय के साथ पूरा फर्नीचर कमजोर हो सकता है. घर की अलमारी, बेड, सोफा, टेबल, कुर्सी और लकड़ी के दरवाजों में दीमक लगने की समस्या बहुत आम है. दीमक से छुटकारा पाने के लिए लोग अक्सर महंगे-महंगे तेल खरीदते हैं, लेकिन इसका ज्यादा असर देखने को नहीं मिलता है.

इस पेड़ की लकड़ी में क्या है खास?
महानीम की खासियत इसकी लकड़ी में मौजूद नेचुरल इंसेक्ट-रिपेलेंट कंपाउंड्स (कीड़ों को दूर रखने वाले तत्व) पाए जाते हैं. इस पेड़ के अलग-अलग हिस्सों में पाए जाने वाले केमिकल्स के कारण कई कीड़े इससे दूर रह सकते हैं. यही नेचुरल गुण इसकी लकड़ी को दूसरी लकड़ियों के मुकाबले कीड़ों से ज्यादा सुरक्षित रख सकते हैं.

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हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि इस लकड़ी में दीमक कभी नहीं लगेगी. नमी, मिट्टी के संपर्क और लकड़ी की हालत जैसी कई चीजों का असर इसके दीमक-रोधी गुणों पर पड़ सकता है.

फर्नीचर के लिए क्यों खास है ये लकड़ी?
जिस लकड़ी में नेचुरल रूप से कीड़ों को दूर रखने की क्षमता होती है, वो फर्नीचर के लिए अच्छी मानी जाती है. ऐसी लकड़ी में दीमक और दूसरे कीड़ों से नुकसान होने का खतरा कम हो सकता है. हालांकि, फर्नीचर बनवाते समय लकड़ी की मजबूती और उसकी सही ट्रीटमेंट का भी ध्यान रखना जरूरी है.

फर्नीचर बनवाते समय रखें इन बातों का ध्यान
अगर आप घर के लिए नया लकड़ी का फर्नीचर बनवाने की सोच रहे हैं, तो सिर्फ डिजाइन और कीमत ही नहीं, बल्कि लकड़ी की मजबूती और कीड़ों को दूर रखने की क्षमता के बारे में भी जानकारी लेना जरूरी है. ऐसी लकड़ी चुनना बेहतर हो सकता है, जो नेचुरल रूप से कीड़ों से बचाव करती हो. इससे एक्स्ट्रा खर्चा नहीं होता है और आपका फर्नीचर भी सालों-साल सुरक्षित रहता है.

हालांकि, कोई भी लकड़ी पूरी तरह से 'दीमक-प्रूफ' नहीं मानी जानी चाहिए.फर्नीचर की सही पॉलिश और ट्रीटमेंट के साथ उसे नमी से बचाना और घर में दीमक की रोकथाम करना भी जरूरी है.

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