भगवंत मान दफ्तर से जुड़े केस की CBI जांच का मामला: सुप्रीम कोर्ट में पंजाब सरकार की याचिका पर सुनवाई टली

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के ऑफिस से जुड़े एक मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का आदेश दिया है और दो महीने में स्टेटस रिपोर्ट मांगी है. आदेश के तुरंत बाद सीबीआई ने ओएसडी राजबीर सिंह घुम्मन और अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की और चंडीगढ़ में सीएम के कैंप ऑफिस सहित कई ठिकानों पर छापेमारी की.

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भगवंत मान के ऑफिस से जुड़े केस में SC की सुनवाई टली (Photo: PTI)  भगवंत मान के ऑफिस से जुड़े केस में SC की सुनवाई टली (Photo: PTI) 

संजय शर्मा

  • चंडीगढ़, पंजाब,
  • 08 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 1:22 PM IST

पंजाब सरकार को सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल राहत नहीं मिली है. मुख्यमंत्री भगवंत मान के ऑफिस से जुड़े एक मामले में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने सीबीआई जांच का आदेश दिया था. इस आदेश को चुनौती देने वाली पंजाब सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टल गई. अब इस मामले पर कल सुनवाई होगी. दूसरी तरफ हाईकोर्ट के आदेश के तुरंत बाद सीबीआई ने मुख्यमंत्री के ओएसडी राजबीर सिंह घुम्मन और अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली और कई ठिकानों पर छापेमारी की.

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मामला समझने के लिए पहले हाईकोर्ट के आदेश को देखना होगा. पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के ऑफिस से जुड़े एक मामले की जांच सीबीआई से कराने का आदेश दिया. सीबीआई देश की बड़ी जांच एजेंसी है. हाईकोर्ट ने उससे यह भी कहा है कि वह दो महीने के भीतर अपनी स्टेटस रिपोर्ट पेश करे. यानी जांच कहां तक पहुंची, इसकी जानकारी अदालत को देनी होगी.

आदेश आते ही सीबीआई हरकत में आ गई. एजेंसी ने मुख्यमंत्री के ओएसडी राजबीर सिंह घुम्मन और अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की. ओएसडी का मतलब होता है विशेष कार्य अधिकारी, यानी वह अफसर जिसे किसी खास काम के लिए तैनात किया जाता है. एफआईआर दर्ज होने के बाद सीबीआई ने चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री के कैंप ऑफिस सहित कई ठिकानों पर छापेमारी भी की.

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यह भी पढ़ें: OSD केस में CBI ने भेजा सभी नामजद लोगों को समन, पंजाब CM मान बोले- चुनाव होने वाले हैं

इसी बीच पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. सरकार का कहना है कि चुनाव के समय इस तरह के मामले खड़े किए जाते हैं. याचिका में यह भी कहा गया है कि यह साफ तौर पर संघीय ढांचे के उल्लंघन का मामला है. संघीय ढांचे का मतलब है कि केंद्र और राज्य सरकारों के अधिकार बंटे हुए हैं, और पंजाब सरकार की दलील है कि इस मामले में उस व्यवस्था का उल्लंघन हुआ है.

लेकिन सुप्रीम कोर्ट में इस याचिका पर सुनवाई आगे नहीं बढ़ सकी. वजह यह रही कि जस्टिस शील नागू को याचिका की कॉपी देरी से मिली. इसी कारण सुनवाई टालनी पड़ी. अब कल इस मामले पर फिर सुनवाई होगी. फिलहाल हाईकोर्ट का आदेश, सीबीआई की एफआईआर और छापेमारी, तीनों सामने हैं. पंजाब सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट क्या रुख अपनाता है, यह कल की सुनवाई में साफ हो सकेगा.

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