'80 साल का हूं, क्या जेल में मारना चाहते हैं?', सुप्रीम कोर्ट पहुंचे आजम खान ने मांगी जमानत

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहम्मद आजम खान की ED द्वारा गिरफ्तारी और न्यायिक हिरासत के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने 88 एफआईआर और 28 ईसीआर दर्ज होने को उत्पीड़न बताया.

Advertisement
आजम खान की रिहाई और ED की नई कस्टडी पर सुप्रीम कोर्ट में जिरह हुई. (फोटो-ITG) आजम खान की रिहाई और ED की नई कस्टडी पर सुप्रीम कोर्ट में जिरह हुई. (फोटो-ITG)

अनीषा माथुर

  • नई दिल्ली,
  • 05 नवंबर 2026,
  • अपडेटेड 2:20 PM IST

सुप्रीम कोर्ट में समाजवादी पार्टी के नेता मोहम्मद आजम खान की याचिका पर सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने उनके खिलाफ दर्ज मुकदमों और ईडी की कार्रवाई को लेकर गंभीर सवाल उठाए. आजम खान ने रामपुर जेल से रिहाई के बाद दो पैन कार्ड मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से की गई गिरफ्तारी को चुनौती दी है. 

Advertisement

इसके साथ ही उन्होंने मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े धनशोधन मामले में एक नवंबर के न्यायिक हिरासत के आदेश को भी चुनौती दी है. सुनवाई के दौरान कपिल सिब्बल ने कहा कि ईसीआईआर के आधार पर अब 22 नए मामले दर्ज किए गए हैं. इस पर मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) ने कहा कि हाई कोर्ट ने बार-बार राहत दी है और इस तरह की राहत वहां आसानी से मांगी जा सकती है.

इस पर सिब्बल ने मामले का पुराना घटनाक्रम बताते हुए कहा कि साल 2006 की एक घटना को लेकर 2019 में 26 एफआईआर दर्ज की गई थीं. इनमें से ज्यादातर मामलों में जमानत मिल गई, लेकिन इसके बावजूद उन्हें 2022 से 2025 तक जेल में रहना पड़ा. सिब्बल ने दलील दी कि उन्हें जेल में रखने की मंशा से लगातार मामले दर्ज किए जा रहे हैं.

Advertisement

आजम खान की तरफ से पैरवी करते हुए सिब्बल ने कहा,  'मेरे खिलाफ कुल 87 एफआईआर थीं और सभी में जमानत मिलने के बाद 88वां मामला दर्ज किया गया. मैं 80 साल का हूं... उन्होंने मेरे खिलाफ नए मामले इसलिए दर्ज किए हैं ताकि मेरी मौत जेल में ही हो जाए.'

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की पीठ ने जमानत दी थी. इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने तीन नई शिकायतें दर्ज कीं. इनमें जन्म प्रमाणपत्र को गलत बताया गया और आरोप लगाया गया कि पैन कार्ड तथा पासपोर्ट गलत जानकारी के आधार पर बनवाए गए. सिब्बल ने कहा कि पैन कार्ड मामले में जमानत मिलने के बावजूद उन्हें पांच साल तक जेल में रहना पड़ा.

यह भी पढ़ें: 'जब आजम खान के नहीं हुए तो मेरे क्या होंगे...' अखिलेश यादव पर भड़के स्वामी प्रसाद मौर्य, PDA से लेकर INDIA गठबंधन तक क्या कहा?

सिब्बल की दलील

सिब्बल ने दलील दी कि याचिकाकर्ता (आजम) की उम्र 80 साल है और उनके खिलाफ लगातार नए मामले दर्ज किए जा रहे हैं, ताकि उन्हें जेल में ही रखा जा सके. उन्होंने कहा, “हम मुकदमे की सुनवाई को चुनौती नहीं दे रहे हैं, हम सिर्फ जमानत मांग रहे हैं.” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ईडी ने अब तक 28 ईसीआईआर दर्ज की हैं और यह पूरी तरह से प्रताड़ित करने की कार्रवाई है. उन्होंने सवाल उठाया कि जब 2006 में घटना हुई थी, तो 2019 में एफआईआर कैसे दर्ज की जा सकती है, जबकि उस समय याचिकाकर्ता सत्ता में भी नहीं थे.

Advertisement

इस पर सीजेआई ने कहा कि इस मामले को हाई कोर्ट भेजा जाएगा और उससे एक सप्ताह के भीतर सुनवाई करने का अनुरोध किया जाएगा. जरूरत पड़ने पर हाई कोर्ट की अवकाशकालीन पीठ के सामने भी मामला रखा जा सकता है. सीजेआई ने कहा कि हाई कोर्ट को इस मामले की सुनवाई करने दी जाए.

यह भी पढ़ें: आजम खान की गिरफ्तारी को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती, ED के मनी लॉन्ड्रिंग केस में इस हफ्ते सुनवाई संभव

सिब्बल ने अदालत से मामलों की सूची देखने का आग्रह करते हुए कहा कि कथित घटना 2006 की है, जबकि एफआईआर 2019 में दर्ज की गईं. सुनवाई के दौरान जस्टिस जे. बागची ने दो नई एफआईआर का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि इनमें से एक मामला विश्वविद्यालय के लिए जमीन की कथित जबरन वसूली से जुड़ा है. राज्य सरकार का दावा है कि याचिकाकर्ता के प्रभावशाली पद पर होने के कारण पहले एफआईआर दर्ज नहीं की गई थी. 

जस्टिस बागची ने कहा कि इस मामले का मुख्य आरोप जबरन वसूली है और उपलब्ध सामग्री में आयकर से जुड़े कुछ निष्कर्ष दिखाई देते हैं, जिनमें विश्वविद्यालय के प्रशासन से संबंधित बड़ी रकम का हिसाब नहीं मिलने की बात सामने आई थी. जस्टिस बागची ने आगे कहा कि जब मामला लगभग अंतिम चरण में पहुंच गया था, उसी दौरान आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने गबन के आरोप में एफआईआर दर्ज कर दी. उन्होंने कहा कि इस मामले की शुरुआत विश्वविद्यालय के धन के कथित दुरुपयोग से जुड़ी शिकायत से हुई और इसमें जबरन वसूली के आरोप भी लगाए गए हैं.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »