कपिल सिब्बल
कपिल सिब्बल (Kapil Sibal) एक भारतीय वकील और राजनीतिज्ञ हैं (Indian lawyer and politician). सिब्बल ने भारत के सर्वोच्च न्यायालय में कई बार हाई-प्रोफाइल मामलों का प्रतिनिधित्व किया है. उन्हें भारत के सबसे शीर्ष वकीलों में से एक माना जाता है. वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सदस्य थें. (Member of Congress party). कपिल सिब्बल ने मई 2022 को कांग्रेस की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया (Kapil Sibal Resigns Congress Party).
सिब्बल का जन्म 8 अगस्त 1948 को पंजाब के जालंधर में हुआ था (Kapil Sibal age). उनके पिता हीरा लाल सिब्बल एक प्रसिद्ध वकील थे, जिनका परिवार 1947 में विभाजन के दौरान भारत आ गया था (Kapil Sibal father). सिब्बल ने दिल्ली सेंट जॉन्स हाई स्कूल से स्कूली शिक्षा हासिल की. इसके बाद, उन्होंने सेंट स्टीफंस कॉलेज, दिल्ली से बी.ए. किया और विधि संकाय, दिल्ली विश्वविद्यालय से एलएलबी की डिग्री प्राप्त की और बाद में सेंट स्टीफंस कॉलेज, दिल्ली से इतिहास में एम.ए. किया. वह 1972 में बार एसोसिएशन में शामिल हुए. वर्ष 1973 में, वे भारतीय प्रशासनिक सेवाओं के लिए चुने गए लेकिन उन्होंने इसे छोड़कर बतौर वकील काम करना जारी रखा. बाद में, उन्होंने हार्वर्ड लॉ स्कूल में दाखिला लिया जहां उन्होंने एलएलएम की डिग्री ली (Kapil Sibal education).
सिब्बल पहली बार 1998 में बिहार का प्रतिनिधित्व करते हुए राज्यसभा सदस्य बने. इससे पहले उन्होंने सुषमा स्वराज के खिलाफ लोकसभा सीट के लिए असफल चुनाव लड़ा था. बाद में, उन्होंने चांदनी चौक से लोकसभा चुनाव लड़ा और 2004 और 2009 में दो बार जीत हासिल की. तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सरकार में सिब्बल ने कई विभागों के मंत्री के रूप में काम किया. वह 2004 से 2009 तक विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री रहे. 2009-12 तक वे मानव संसाधन विकास मंत्री रहे. सिब्बल 2011-14 तक संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री के पद पर थे. 2013-14 में वे कानून और न्याय मंत्री थे (Kapil Sibal ministries).
1989 में, उन्हें भारत का अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल नियुक्त किया गया था. 1994 में, वह संसद में पेश होने वाले एकमात्र वकील बने. वह 1995-1996, 1997-1998 और 2001-2002 में सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रहे (Kapil Sibal law career).
सार्वजनिक मामलों के क्षेत्र में उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए सिब्बल पद्म भूषण पुरस्कार से सम्मानित हो चुके हैं (Padma Bhushan).
उन्होंने 1973 में नीना सिब्बल से शादी की, जिनकी 2000 में स्तन कैंसर से मृत्यु हो गई (Kapil Sibal first wife). सिब्बल की पहली शादी से उनके दो बेटे अमित और अखिल, दोनों वकील हैं (Kapil Sibal son). 2005 में, सिब्बल ने प्रोमिला सिब्बल से शादी की (Kapil Sibal second wife). उनके भाई कंवल सिब्बल हैं, जो भारतीय विदेश सेवा के एक सेवानिवृत्त शीर्ष राजनयिक और भारत के पूर्व विदेश सचिव हैं (Kapil Sibal sibling).
सूरत के RTI कार्यकर्ता अमित तिवारी ने CJP के लीगल डिफेंस फंड और अभिजीत दिपके के पिता भगवानराव दिपके की संपत्ति की वित्तीय जांच की मांग की है. उन्होंने चुनाव आयोग और केंद्रीय GST बोर्ड को पत्र लिखकर पूछा कि एक रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी अपने बेटे को विदेश में उच्च शिक्षा के लिए कैसे भेज पाया, इसकी जांच होनी चाहिए.
नीट पेपर लीक मुद्दे पर छात्रों के विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करने वाली कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने आरोप लगाया है कि आंदोलन वापस लेने के बाद देशभर में प्रदर्शनकारी छात्रों को निशाना बनाया जा रहा है. कपिल सिब्बल ने प्रदर्शनकारियों की कानूनी मदद के लिए 1 करोड़ रुपये देने की घोषणा की, जबकि सीजेपी ने छात्रों की कानूनी मदद के लिए 'साक्षी' प्लेटफॉर्म लॉन्च करने का ऐलान किया.
दिल्ली हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो अब उसी आदेश को चुनौती देंगी. सोमवार को मामले का जिक्र दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के सामने किया जाएगा, ताकि इस पर जल्द सुनवाई हो सके.
दिल्ली हाईकोर्ट ने फिलहाल सोनम वांगचुक को निजी अस्पताल में शिफ्ट करने की अनुमति नहीं दी है. अदालत ने कहा कि उनकी स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए इलाज से जुड़े फैसले डॉक्टरों की चिकित्सकीय राय और उनकी सहमति से होंगे. फिलहाल उनका इलाज सफदरजंग अस्पताल में जारी रहेगा और एम्स के डॉक्टर भी लगातार उनकी निगरानी करेंगे.
भारत के 23 विपक्षी राजनीतिक दलों और एक निर्दलीय सांसद ने चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं. इन दलों ने सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश को संयुक्त पत्र भेजा है. विपक्ष ने SIR प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाया है, जिससे चुनाव प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है.
विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि पासपोर्ट सिर्फ यात्रा दस्तावेज है. नागरिकता का प्रमाण नहीं. इस बयान से विपक्षी दलों में तूफान खड़ा हो गया. विपक्ष ने पूछा कि फिर नागरिकता साबित करने के लिए कौन सा दस्तावेज पर्याप्त है.
विदेश मंत्रालय ने बताया है कि पासपोर्ट यात्रा दस्तावेज है, नागरिकता का प्रमाण नहीं. इस बयान पर कपिल सिब्बल ने सवाल उठाया कि फिर नागरिकता का सबूत क्या है और इसे वोट के अधिकार से जोड़ते हुए सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कही. जावेद अख्तर ने भी इस बयान को बेतुका बताया और सरकार की मंशा पर सवाल उठाए.
अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले को लेकर कपिल सिब्बल की टिप्पणी के बाद बीजेपी ने उन पर निशाना साधा है. बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि राजनीतिक मतभेद अलग बात है, लेकिन देश के खिलाफ बयान देना उचित नहीं है.
दिल्ली दंगों के मुख्य आरोपी उमर खालिद ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की है. उन्होंने खुली अदालत में सुनवाई की मांग की है, जबकि नियमों के मुताबिक रिव्यू पेटीशन पर जज अपने चैंबर में विचार करते हैं. जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि वो मामले पर विचार करने के बाद ही सुनवाई प्रक्रिया तय करेंगे.
इस वीडियो में चर्चा है कि जवाबदेही कौन देगा. अगर सीबीआई या ईडी ने किसी काम को सरकार के इशारे पर किया है तो क्या वही सरकार उनसे जवाबदेही मांग पाएगी. वीडियो में यह भी बताया गया है कि जवाबदेही का असली निर्णय जनता चुनावों के माध्यम से करती है. यह विषय महत्वपूर्ण है क्योंकि यह लोकतंत्र की नींव है कि सरकार और उसके तंत्र जवाबदेह हों.
मैं शुरू से ये कहता आ रहा हूँ कि सीबीआई और ईडी सरकार के लिए एक हथियार की तरह हैं, जिसका रोजाना दुरुपयोग किया जाता है. उन्होंने जो भी आरोप मुख्यमंत्री के खिलाफ लगाए हैं, उनका कोई भी तथ्य नहीं है. ये सभी आरोप झूठे हैं. लोगों को गिरफ्तार करने और मुख्यमंत्री को गिराने की साजिश की जाती है.
बीजेपी ने पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल पर 2010 में जेफरी एपस्टीन से वित्त पोषित पुरस्कार प्राप्त करने का आरोप लगाया है. कांग्रेस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है और इसे बीजेपी की राजनीतिक साजिश बताया है.
सुप्रीम कोर्ट ने अवैध खनन रोकने के लिए स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति बनाने का संकेत दिया है और राजस्थान में जारी खनन पट्टों और पेड़ कटाई पर सख्त टिप्पणी की है. कोर्ट ने वन और अरावली की परिभाषा अलग रखने और पर्यावरण संरक्षण के लिए कड़े कदम उठाने पर जोर दिया है. अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी.
उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत खारिज होने पर प्रशांत भूषण और कपिल सिब्बल जैसे वकीलों ने इसे अन्यायपूर्ण बताया है. समर्थकों का तर्क है कि बिना सबूत और बिना ट्रायल के पांच साल की कैद मानवाधिकारों का उल्लंघन है और यह फैसला लोकतांत्रिक असहमति को दबाने जैसा है.
सुप्रीम कोर्ट ने मानवीय आधार पर केंद्र को बांग्लादेश भेजी गई गर्भवती महिला सोनाली खातून और उनके 8 साल बेटे को तुरंत वापस भारत लाने का निर्देश दिया है. केंद्र ने कोर्ट को बताया कि महिला और उसके बेटे को सर्विलांस में रखते हुए मेडिकल मदद दी जाएगी.
हरियाणा के मंत्री अनिल विज और कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल के बीच बिहार चुनाव को लेकर ट्रेनों पर तीखी बहस छिड़ गई है. कपिल सिब्बल ने आरोप लगाया था कि बीजेपी बिहार में वोटरों को ले जाने के लिए विशेष ट्रेनें चला रही है, जिस पर अनिल विज ने पलटवार किया. अनिल विज ने कहा, 'चुनाव में जो रोता है ना वो चुनाव खोता है'.
सोनम वांगचुक की हिरासत को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार, लद्दाख प्रशासन और राजस्थान सरकार को नोटिस जारी किया है. साथ ही कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता से पूछा कि वह हाईकोर्ट क्यों नहीं गई तो उनके अधिवक्ता ने कोर्ट से पूछा कि हम कौन से हाईकोर्ट जाएं.
बिहार में मतदाता सूची संशोधन को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई, जिसमें आधार कार्ड को पहचान पत्र के रूप में स्वीकार करने पर गंभीर बहस हुई. सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने आधार को 12वें दस्तावेज़ के रूप में शामिल करने की मान्यता दे दी है. हालांकि, अधिकारियों को आधार कार्ड की प्रामाणिकता और सही होने की तसदीक करने का अधिकार होगा.
शरजील इमाम ने दिल्ली हाई कोर्ट से UAPA मामले में जमानत खारिज किए जाने को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. इस केस में इमाम, उमर खालिद और अन्य पर 2020 के दिल्ली दंगों के मास्टरमाइंड होने का आरोप है, जिनमें 53 लोगों की मौत हुई थी. जमानत न मिलने पर उनके वकील कपिल सिब्बल ने न्यायपालिका पर सवाल उठाए और कहा कि बिना आदेश दिए जमानत पर रोक लगाना अनुच्छेद 21 का उल्लंघन है.
वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने उमर खालिद और अन्य को जमानत से इनकार किए जाने के बाद न्यायिक प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा का सुनवाई से अलग होना और जमानत ना देना संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लंघन है.
राहुल गांधी की बढ़ती राजनीतिक सक्रियता और विपक्षी खेमे में उनकी स्वीकार्यता के बीच अरविंद केजरीवाल ने अचानक हमला बोल दिया है. नेशनल हेराल्ड केस का मामला उठाकर अरविंद केजरीवाल पूछ रहे हैं, गांधी परिवार के लोग अब तक जेल क्यों नहीं गए? आखिर गांधी परिवार पर केजरीवाल के इस अचानक अटैक का मकसद क्या है?