कार की चाबी को एल्युमिनियम फॉइल में लपेटने से क्या होता है? क्या है इसका फायदा

कार की चाबी को एल्युमिनियम फॉइल में लपेटकर रखने की सलाह आपने भी सुनी होगी. लेकिन क्या आप जानते हैं कि ऐसा करने से चाबी के वायरलेस सिग्नल पर असर पड़ सकता है? जानिए फॉइल चाबी के सिग्नल को कैसे प्रभावित करता है और कार की सुरक्षा के लिए यह कितना काम आता है.

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कुछ कीलेस कारों में रिले अटैक नाम की एक तकनीक के जरिए चोरी की कोशिश की जा सकती है. ( Photo: ITG) कुछ कीलेस कारों में रिले अटैक नाम की एक तकनीक के जरिए चोरी की कोशिश की जा सकती है. ( Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 18 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 4:24 PM IST

जब भी कार को घर के बाहर या पार्किंग में खड़ा करते हैं, तो उसकी चाबी अक्सर जेब, टेबल या दरवाजे के पास रखी होती है. लेकिन क्या आपने कभी सुना है कि कार की चाबी को एल्युमिनियम फॉइल में लपेटकर रखना चाहिए? सोशल मीडिया पर इससे जुड़ी कई बातें वायरल होती रहती हैं. दावा किया जाता है कि ऐसा करने से कार की चाबी से निकलने वाले सिग्नल को बाहर जाने से रोका जा सकता है और कार को चोरी से बचाने में मदद मिल सकती है. आखिर इसमें कितनी सच्चाई है और एल्युमिनियम फॉइल ऐसा क्या करता है? चलिए जानते हैं.

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कार की चाबी लगातार सिग्नल भेजती है?
सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि आजकल की कई कारों में रिमोट की और कीलेस एंट्री जैसी सुविधाएं होती हैं. ऐसी चाबी कार के साथ रेडियो फ्रीक्वेंसी के जरिए संपर्क करती है. जब आप चाबी का बटन दबाते हैं, तो वह एक खास सिग्नल कार तक भेजती है. कार उस सिग्नल को पहचान कर लॉक या अनलॉक होती है. कुछ एडवांस कारों में कीलेस एंट्री और कीलेस स्टार्ट भी होता है. ऐसी स्थिति में कार और चाबी के बीच वायरलेस कम्युनिकेशन लगातार या जरूरत के हिसाब से हो सकता है. यही तकनीक कार मालिक के लिए सुविधा तो बढ़ाती है, लेकिन कुछ मामलों में सुरक्षा से जुड़ी चिंता भी पैदा करती है.

फिर एल्युमिनियम फॉइल क्या करता है?
एल्युमिनियम एक मेटल है और यह रेडियो फ्रीक्वेंसी वाले इलेक्ट्रोमैग्नेटिक सिग्नल को काफी हद तक ब्लॉक या कमजोर कर सकता है. जब चाबी को एल्युमिनियम फॉइल की कई परतों में अच्छी तरह लपेट दिया जाता है, तो चाबी से निकलने वाला वायरलेस सिग्नल बाहर तक पहुंचने में बाधित हो सकता है. इसे आप ऐसे समझिए जैसे किसी आवाज के सामने दीवार खड़ी कर दी जाए. आवाज पूरी तरह खत्म नहीं होती, लेकिन बाहर पहुंचना मुश्किल हो जाता है. इसी तरह फॉइल चाबी के वायरलेस सिग्नल के रास्ते में रुकावट पैदा कर सकता है.

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कार चोरी से इसका क्या संबंध है?
कुछ कीलेस कारों में रिले अटैक नाम की एक तकनीक के जरिए चोरी की कोशिश की जा सकती है. इसमें चोर ऐसे उपकरणों का इस्तेमाल कर सकते हैं जो कार और उसकी चाबी के बीच वायरलेस कम्युनिकेशन को आगे तक पहुंचाने की कोशिश करते हैं. इससे कार को लग सकता है कि चाबी उसके पास ही मौजूद है. ऐसी स्थिति में चाबी को रेडियो सिग्नल को रोकने वाले कवर या पाउच में रखने से उसके सिग्नल को बाहर तक पहुंचाना मुश्किल हो सकता है. एल्युमिनियम फॉइल भी कुछ हद तक यही काम कर सकता है. लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि फॉइल में चाबी लपेटते ही कार चोरी से पूरी तरह सुरक्षित हो जाएगी. यह सुरक्षा का एक साधारण उपाय हो सकता है, लेकिन इसे कार की पूरी सुरक्षा व्यवस्था का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए.

क्या हर कार की चाबी को फॉइल में लपेटना जरूरी है?
अगर आपकी कार में सामान्य रिमोट चाबी है और उसमें कीलेस एंट्री या कीलेस स्टार्ट जैसी सुविधा नहीं है, तो रिले अटैक का जोखिम अलग हो सकता है. इसलिए सबसे पहले अपनी कार में इस्तेमाल होने वाली चाबी और उसके फीचर्स को समझना जरूरी है. अगर आपकी कार में कीलेस एंट्री है, तो चाबी को फैराडे पाउच या सिग्नल-ब्लॉकिंग केस में रखना एल्युमिनियम फॉइल की तुलना में ज्यादा सुविधाजनक तरीका हो सकता है. ऐसे कवर खास तौर पर रेडियो सिग्नल को रोकने के लिए बनाए जाते हैं.

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फॉइल इस्तेमाल करते समय एक बात का ध्यान रखें
अगर आप चाबी को एल्युमिनियम फॉइल में लपेटकर सिग्नल रोकना चाहते हैं, तो फॉइल का चाबी को अच्छी तरह कवर करना जरूरी है. अगर कहीं बड़ा हिस्सा खुला रह गया, तो सिग्नल बाहर निकल सकता है. साथ ही, फॉइल फटने या ढीला होने पर इसका असर कम हो सकता है. इसलिए एल्युमिनियम फॉइल को एक अतिरिक्त सावधानी के तौर पर देखा जा सकता है, न कि कार चोरी रोकने की पक्की गारंटी के रूप में.

कार की चाबी को एल्युमिनियम फॉइल में लपेटने का मुख्य उद्देश्य उसके रेडियो सिग्नल को कमजोर या ब्लॉक करना है. इससे कुछ कीलेस कारों में इस्तेमाल होने वाले वायरलेस सिग्नल की रेंज को कम करने में मदद मिल सकती है और रिले अटैक जैसी चोरी की कोशिशों के खिलाफ एक अतिरिक्त सुरक्षा मिल सकती है. 

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