काजू कतली खाई खूब होगी... कभी सोचा है ये बर्फी की तरह चोकोर क्यों नहीं होती?

काजू कतली दूसरी मिठाइयों की तरह चौकोर नहीं, बल्कि हीरे यानी डायमंड के आकार में क्यों काटी जाती है? इसके पीछे कोई खास वजह है या फिर यह सिर्फ मिठाई बनाने का पारंपरिक तरीका है?

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जानिए काजू कतली के खास आकार से जुड़ी दिलचस्प बात. ( Photo: ITG) जानिए काजू कतली के खास आकार से जुड़ी दिलचस्प बात. ( Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 07 नवंबर 2026,
  • अपडेटेड 10:23 AM IST

काजू कतली दूसरी मिठाइयों की तरह चौकोर नहीं, बल्कि हीरे यानी डायमंड के आकार में क्यों काटी जाती है? इसके पीछे कोई खास वजह है या फिर यह सिर्फ मिठाई बनाने का पारंपरिक तरीका है? जानिए काजू कतली के खास आकार से जुड़ी दिलचस्प बात.काजू कतली का नाम सुनते ही मुंह में पानी आने लगता है. त्योहार हो, शादी हो या घर में कोई खुशी का मौका, मिठाई की दुकान पर काजू कतली जरूर दिखाई देती है. इसकी खास बात सिर्फ इसका स्वाद नहीं, बल्कि इसका आकार भी है.

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आपने ध्यान दिया होगा कि काजू कतली ज्यादातर हीरे यानी डायमंड के आकार में काटी जाती है. जबकि दूसरी मिठाइयां, जैसे बेसन की बर्फी, नारियल की बर्फी और दूध की बर्फी अक्सर चौकोर या आयताकार टुकड़ों में मिलती हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर काजू कतली को चौकोर आकार में क्यों नहीं काटा जाता? क्या इसके पीछे कोई खास वजह है या फिर यह सिर्फ मिठाई बनाने का तरीका है. दरअसल, काजू कतली का यह खास आकार उसकी बनावट और उसे बनाने के तरीके से जुड़ा है.

काजू कतली को कैसे बनाया जाता है?
काजू कतली बनाने के लिए सबसे पहले काजू को पीसकर उसका बारीक पाउडर तैयार किया जाता है. इसके बाद एक बर्तन में चीनी और थोड़ा पानी डालकर उसकी चाशनी बनाई जाती है. जब चाशनी सही गाढ़ेपन पर पहुंच जाती है, तब उसमें काजू का पाउडर मिलाया जाता है. इस मिश्रण को लगातार चलाते हुए पकाया जाता है, ताकि काजू और चाशनी अच्छी तरह मिल जाएं. जब यह मिश्रण गाढ़ा होकर आटे जैसी बनावट लेने लगता है, तब इसे आंच से उतार लिया जाता है. इसके बाद हल्का ठंडा करके इसे गूंथा जाता है और बेलन की मदद से पतली परत में फैला दिया जाता है. अब इसे कुछ देर ठंडा होने दिया जाता है, ताकि यह जमकर अपनी सही बनावट ले सके.

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आखिर डायमंड शेप में ही क्यों काटी जाती है काजू कतली?
काजू कतली को डायमंड यानी हीरे जैसा आकार देना मुख्य रूप से इसे काटने और परोसने के आसान तरीके से जुड़ा है. जब काजू के मिश्रण को बेलकर एक बड़ी और पतली परत में फैलाया जाता है, तो उसे तिरछी दिशा में काटना आसान होता है. पहले एक दिशा में लंबी कटिंग की जाती है और फिर दूसरी दिशा में तिरछा काटा जाता है. इससे एक जैसे आकार के छोटे-छोटे डायमंड शेप के टुकड़े तैयार हो जाते हैं. इस तरीके से कम मेहनत में एक साथ कई टुकड़े काटे जा सकते हैं. साथ ही सभी टुकड़े लगभग एक जैसे दिखाई देते हैं. यही वजह है कि मिठाई की दुकानों पर काजू कतली को इसी खास आकार में तैयार किया जाता है.

क्या काजू कतली को चौकोर नहीं बनाया जा सकता?
काजू कतली को चौकोर आकार में भी बनाया जा सकता है. इसके स्वाद या क्वालिटी पर इसका कोई खास असर नहीं पड़ता. इसका आकार बदलने से मिठाई की सामग्री भी नहीं बदलती. दरअसल, डायमंड शेप काजू कतली की पारंपरिक पहचान बन चुका है. सालों से मिठाई की दुकानें इसी आकार में इसे बनाती आ रही हैं. इसलिए लोग भी काजू कतली को इसी रूप में देखना पसंद करते हैं. यानी अगली बार जब आप काजू कतली खाएं, तो याद रखिएगा कि इसका हीरे जैसा आकार किसी खास स्वाद का राज नहीं, बल्कि इसे बनाने और काटने का एक पुराना और आसान तरीका है.

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