वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने, उसमें गलती ठीक कराने या अपना पता बदलवाने की तैयारी कर रहे हैं, तो आपके लिए जरूरी खबर है. चुनाव आयोग ने मतदाता सूची को अपडेट करने के लिए स्पेशल समरी रिवीजन यानी SSR कराने का निर्देश दिया है. इसका मकसद उन लोगों को वोटर लिस्ट में शामिल करना है, जो अब तक किसी वजह से अपना नाम दर्ज नहीं करा पाए हैं. इसके साथ ही पहली बार वोट देने जा रहे युवाओं को भी मतदाता बनने का मौका मिलेगा.
यह प्रक्रिया ऐसे समय में हो रही है, जब कई राज्यों में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR को लेकर चर्चा है. ऐसे में लोगों के मन में सवाल है कि SIR के बाद क्या SSR में भी दोबारा दस्तावेज जमा करने होंगे? क्या पहले से वोटर लिस्ट में शामिल लोगों को भी कोई फॉर्म भरना पड़ेगा? और जिनकी उम्र 18 साल होने वाली है, वे कब आवेदन कर सकते हैं? आइए आसान भाषा में समझते हैं.
SIR और SSR में क्या अंतर है?
SIR यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन में मतदाता सूची की गहन जांच और सत्यापन किया जाता है. वहीं, SSR यानी स्पेशल समरी रिवीजन के तहत मौजूदा वोटर लिस्ट की समीक्षा करके उसमें नए योग्य मतदाताओं के नाम जोड़ने, गलतियां सुधारने और जरूरी बदलाव करने की प्रक्रिया अपनाई जाती है.
चुनाव आयोग के निर्देश के मुताबिक, SSR के लिए मुख्य आधार तारीख 1 जनवरी 2027 रखी गई है. यह प्रक्रिया जनप्रतिनिधित्व कानून, 1950 की धारा 21 के तहत की जाएगी.
इसका एक अहम पहलू यह भी है कि आयोग ने सिर्फ 1 जनवरी 2027 को 18 साल की उम्र पूरी करने वाले युवाओं के लिए ही नहीं, बल्कि 2027 की आगे की तीन पात्रता तारीखों को ध्यान में रखते हुए भी एडवांस एप्लीकेशन लेने का निर्देश दिया है.
क्या हर वोटर को फिर से जमा करने होंगे कागज?
इस सवाल का सीधा जवाब है- नहीं, सिर्फ SSR शुरू होने का मतलब यह नहीं है कि हर मौजूदा वोटर को दोबारा दस्तावेज जमा करने होंगे. अगर आपका नाम पहले से वोटर लिस्ट में है और उसमें आपका नाम, पता और दूसरी जानकारियां सही हैं, तो केवल SSR की वजह से नया आवेदन करना जरूरी नहीं हो जाता. हालांकि, आपको जारी होने वाली ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में अपना नाम जरूर चेक करना चाहिए.
अगर आपका नाम सूची से छूट गया है, तो उसे जुड़वाने के लिए दावा किया जा सकता है. नाम, पता या दूसरी जानकारी में गलती है, तो उसे ठीक कराने के लिए संबंधित फॉर्म भरना होगा. अगर किसी नाम को हटाने पर आपत्ति है, तो उसके लिए भी तय प्रक्रिया मौजूद है.
ध्यान रखें कि अगर चुनाव आयोग या संबंधित निर्वाचन अधिकारी की ओर से आपको अलग से कोई नोटिस मिलता है, तो उसके निर्देशों को जरूर पढ़ें. SIR के दौरान दस्तावेज जमा करने की जरूरत और SSR में आवेदन करने की जरूरत अलग-अलग परिस्थितियों पर निर्भर कर सकती है.
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