घर बनवाना है? प्लिंथ बीम का सिस्टम जान लीजिए, तभी बनेगा मजबूत घर

मजबूत और टिकाऊ घर बनाने के लिए प्लिंथ बीम का होना जरूरी है. बिना प्लिंथ बीम के घर की मजबूती की गारंटी नहीं होती है. ऐसे में जानते हैं आखिर ये होता क्या है और इसके फायदे क्या हैं?

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घर की मजबूती के लिए जरूरी है प्लिंथ बीम बनाना (Photo - AI Generated) घर की मजबूती के लिए जरूरी है प्लिंथ बीम बनाना (Photo - AI Generated)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 08 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 1:28 PM IST

घर बनाना हर किसी का सपना होता है. सपनों का घर बनाने के साथ ही इसकी मजबूती की गारंटी भी होनी चाहिए. इसलिए कंस्ट्रक्शन के वक्त कुछ चीजों का खास ध्यान देना बहुत जरूरी होता है. घर टिकाऊ और मजबूत बना रहे. इसके लिए प्लिंथ बीम का सिस्टम समझना बहुत जरूरी है. ऐसे में समझते हैं कि प्लिंथ बीम क्या होता है और किसी भी घर की मजबूती के लिए यह क्यों जरूरी है. 

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प्लिंथ बीम, नींव के ठीक ऊपर और फर्श के स्तर यानी प्लिंथ लेवल पर बनाई जाने वाली आरसीसी की एक मजबूत लेयर होती है. यह पूरे घर के वजन को संभालती है और दीवारों को टूटने से बचाती है. आइए इसके बारे में जरूरी बातें आसान भाषा में समझते हैं. 

घर बनाते वक्त जब नींव पड़ती है. उसके बाद जमीन से ऊपर कुछ ऊंचाई तक ईंट जोड़ी जाती है. फिर जहां से फर्श का लेवल शुरू होता है. वहां सरिया का फ्लैट कॉलम बिछाकर  सीमेंट, बजरी और रेत से आरसीसी यानी ढलाई की जाती है. इसे ही प्लिंथ बीम कहते हैं.  

क्यों जरूरी है प्लिंथ बीम? 
आसान शब्दों में कहें तो  प्लिंथ बीम जमीन के लेवल पर या उससे थोड़ा ऊपर, नींव और दीवारों के बीच बनाई जाती है. यह सभी पिलरों को आपस में बांधकर रखती है. साथ ही घर के पूरे स्ट्रक्चर को एक मजबूत पकड़ देती है.  भूकंप या जमीन खिसकने जैसी आपदा के वक्त इसी प्लिंथ बीम की वजह से घर खड़ा रह पाता है. क्योंकि यह घर के सभी हिस्सों को एक साथ बांधकर रखती है. इससे घर जल्दी नहीं गिरता. 

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प्लिंथ बीम ही दीवारों और छत का वजन पूरी नींव पर एक बराबर बांटती है. इसकी वजह से सीलन और नमी से भी बचाव होता है. यह जमीन की नमी को दीवारों तक जाने से रोकती है. इससे दीवारों की पेंट और प्लास्टर नहीं उखड़ते. जमीन बैठने या दबने पर दीवारों में टेढ़ी-मेढ़ी दरारें नहीं आतीं.

किन बातों का ध्यान रखना है जरूरी
प्लिंथ बीम बनाते समय कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है. खासकर घर के हिसाब से इसका सही साइज क्या हो? आमतौर पर प्लिंथ बीम की चौड़ाई उतनी ही रखी जाती है जितनी दीवार की मोटाई हो. जैसे 9 इंच और इसकी ऊंचाई 9 इंच से 12 इंच तक होती है.

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प्लिंथ बीम बनाने में हमेशा मजबूत सरिये का इस्तेमाल होना चाहिए. इसमें कम से कम 12mm या 16mm के सरिए और रिंग का इस्तेमाल होना चाहिए. बीम के लिए कंक्रीट का अनुपात भी सही होना चाहिए. हालांकि, प्लिंथ बीम का निर्माण हमेशा इंजीनियर की सलाह से होना चाहिए. कंक्रीट मिलाते समय उसमें अच्छी क्वालिटी का वाटरप्रूफ केमिकल जरूर मिलाया जाता है.  ताकि भविष्य में सीलन न आए. 

प्लिंथ बीम की ढलाई के बाद सबसे जरूरी काम होता है इसकी तराई. यानी आरसीसी को 7 से 10 दिनों तक पानी से रोज अच्छी तरह से भीगाना जरूरी है. इससे कंक्रीट ज्यादा मजबूत बनती है और पूरी ताकत पकड़ पाती है. 

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