जमीन या मकान खरीदने के बाद उसकी रजिस्ट्री कराना जरूरी होता है. लेकिन कई बार सालों बाद जरूरत पड़ने पर लोगों को रजिस्ट्री के कागज नहीं मिलते. कभी डॉक्यूमेंट्स खो जाते हैं, तो कभी पुराने कागज खराब हो जाते हैं. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल होता है कि जमीन की रजिस्ट्री दोबारा कैसे मिलेगी? क्या इसके लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ेंगे या घर बैठे भी रजिस्ट्री की कॉपी निकलवाई जा सकती है?
अच्छी बात यह है कि अगर जमीन या मकान की रजिस्ट्री पहले से रजिस्टर्ड है, तो उसके रिकॉर्ड से उसकी कॉपी हासिल की जा सकती है. इसे आम तौर पर रजिस्ट्री की सर्टिफाइड कॉपी कहा जाता है. हालांकि, इसे निकलवाने का तरीका इस बात पर निर्भर करता है कि जमीन किस राज्य और जिले में है.
जमीन की रजिस्ट्री निकलवाने के लिए क्या करना होगा?
रजिस्ट्री के कागज निकलवाने के लिए आप ऑनलाइन और ऑफलाइन, दोनों तरीकों का इस्तेमाल कर सकते हैं. चलिए जानते हैं.
1. सबसे पहले जमीन की जानकारी जुटाएं
रजिस्ट्री की कॉपी निकलवाने के लिए जमीन या मकान से जुड़ी कुछ जानकारी आपके पास होनी चाहिए. जैसे- जमीन या मकान के मालिक का नाम, जमीन किस जिले, तहसील और गांव में है, रजिस्ट्री किस साल कराई गई थी और रजिस्ट्री नंबर या दस्तावेज नंबर, अगर उपलब्ध हो. अगर रजिस्ट्री नंबर याद नहीं है, तो भी आप मालिक के नाम और जमीन की दूसरी जानकारी से रिकॉर्ड खोजने के बारे में संबंधित कार्यालय से पूछ सकते हैं.
2. ऑनलाइन कैसे निकलवाएं रजिस्ट्री?
कई राज्यों में रजिस्ट्री की कॉपी ऑनलाइन निकालने की सुविधा उपलब्ध है. इसके लिए अपने राज्य के रजिस्ट्रेशन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं. वहां रजिस्ट्री रिकॉर्ड खोजने या प्रमाणित कॉपी के लिए आवेदन करने का विकल्प देखें. मांगी गई जानकारी भरें और जरूरत पड़ने पर निर्धारित फीस जमा करें. आवेदन मंजूर होने के बाद संबंधित राज्य के नियमों के अनुसार कॉपी डाउनलोड की जा सकती है या कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है.
3. जमीन की रजिस्ट्री की कॉपी किसी भी राज्य से निकलवाई जा सकती है. इसके लिए आपको आधिकारिक साइट पर जाना होगा. हर राज्य का पोर्टल, आवेदन का तरीका और फीस अलग हो सकती है.
हरियाणा- jamabandi.nic.in
उत्तर प्रदेश- igrsup.gov.in
बिहार- nibandhan.bihar.gov.in
दिल्ली- ngdrs.delhi.gov.in
राजस्थान- epanjiyan.rajasthan.gov.in
4. ऑनलाइन रिकॉर्ड नहीं मिले तो क्या करें?
अगर जमीन की रजिस्ट्री बहुत पुरानी है या वेबसाइट पर उसका रिकॉर्ड नहीं मिल रहा है, तो उस इलाके के सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में संपर्क करें, जहां जमीन की रजिस्ट्री कराई गई थी. वहां रजिस्ट्री की प्रमाणित कॉपी के लिए आवेदन किया जा सकता है. आवेदन के साथ उपलब्ध दस्तावेज और जमीन की पहचान से जुड़ी जानकारी दें. फीस और दस्तावेजों की जरूरत संबंधित राज्य के नियमों के अनुसार होगी.
रजिस्ट्री और जमाबंदी में क्या अंतर है?
रजिस्ट्री वह दस्तावेज है, जिसमें जमीन या मकान की खरीद-बिक्री जैसे लेनदेन का रिकॉर्ड होता है. वहीं, जमाबंदी राजस्व रिकॉर्ड है, जिसमें जमीन और उसके दर्ज मालिकों से जुड़ी जानकारी होती है. दोनों दस्तावेजों का काम अलग-अलग है. इस बात का ध्यान रखें कि रजिस्ट्री की कॉपी मिलना और जमीन का मालिकाना हक पूरी तरह साबित होना एक ही बात नहीं है. जमीन खरीदने या किसी विवाद में इस्तेमाल करने से पहले दूसरे जरूरी रिकॉर्ड भी जांचने चाहिए.
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