घर बनाते वक्त कई सारी चीजों का ध्यान रखना पड़ता है. क्योंकि, घर बनाना सपने पूरा होने से कम नहीं होता है. ऐसे में एक ऐसी चीज के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसका ताल्लुक सीधे तौर पर घर की मजबूती और खूबसूरती से जुड़ा होता है. यहां बात हो रही है फ्लोर स्क्रीडिंग की. चलिए जाानते हैं कि ये फ्लोर स्क्रीडिंग क्या होता है और इसके क्या फायदे हैं.
घर बनवाने के दौरान फ्लोरिंग का काम काफी अहम होता है. इसे जैसे- तैसे निपटा देने पर कुछ ही दिनों में इसका खामियाजा दिखने लग जाता है. इसलिए घर का फर्श तैयार करने से पहले फ्लोर स्क्रीडिंग करवाना बहुत जरूरी है. इसके बाद आप इस पर टाइल्स लगवाएं या फिर मार्बल या मॉर्डन इपॉक्स फ्लोरिंग करवाएं. फ्लोर स्क्रीडिंग फर्श की मजबूती के लिए लाइफ टाइम गारंटी है.
फ्लोर स्क्रीडिंग असल में कंक्रीट के फर्श के ऊपर सीमेंट और बारीक रेत के मिक्स्चर की पतली परत को कहा जाता है. फ्लोर स्क्रीडिंग करवाने से फर्श एकदम समतल हो जाता है. यह एक तरह से फर्श का बेस और लास्ट फिनिंशिंग का काम होता है. इसके बाद ही टाइल्स, मार्लबल, वुडन फ्लोरिंग, कारपेट या इपॉक्स फ्लोरिंग जैसे काम कराए जाते हैं. अगर फ्लोर स्क्रीडिंग कराए बिना टाइल्स या मार्बल लगाने की सोच रहे हैं तो यह आपके फर्श को कमजोर बना सकता है.
फ्लोर स्क्रीडिंग एक तरह से फर्श के लेवलिंग का काम करता है. इससे नीचे के स्लैब की कमियां या थोड़ी भी ऊंची- नीची सतह बराबर हो जाती है. इसके अलावा यह फर्श के नीचे बिछी प्लंबिंग पाइप और इलेक्ट्रिकल वायर को ढकने में मदद करता है.
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फ्लोर स्क्रीडिंग फर्श की मजबूती की गारंटी है. यह फर्श की सतह को टिकाऊ बनाता है. इस वजह से भविष्य में फर्श में आने वाली दरार की संभावना एकदम कम हो जाती है. वैसे तो फ्लोर स्क्रीडिंग का काम सिर्फ सीमेंट, महीन और साफ रेत व पानी के मिश्रण से होता है. लेकिन, आजकल ज्यादा मजबूती के लिए इसमें पॉलीमर भी मिलाए जाते हैं.
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