दिवाली पर घर में सामान्य दिनों की तुलना में बिजली के ज्यादा उपकरण एक साथ चल सकते हैं. फ्रिज, पंखा, टीवी, एसी और गीजर जैसे उपकरणों के साथ कई झालर और सजावटी लाइटें भी जुड़ जाती हैं. हर एलईडी लाइट की खपत कम हो सकती है, लेकिन बड़ी संख्या में लाइटें और दूसरे उपकरण एक साथ चलने पर कुल बिजली की मांग बढ़ती है.सबसे जरूरी बात यह है कि सिर्फ लाइट की खपत नहीं, बल्कि एक ही सर्किट पर जुड़े सभी उपकरणों का कुल लोड मायने रखता है.
एसी-गीजर के साथ झालर लगा रहे हैं तो ध्यान दें
एसी और गीजर जैसे उपकरण आमतौर पर सजावटी एलईडी लाइट की तुलना में काफी ज्यादा बिजली लेते हैं. इसलिए दिवाली की लाइटिंग लगाते समय यह देखना जरूरी है कि कौन-से उपकरण किस सर्किट से जुड़े हैं.एक ही सॉकेट या एक्सटेंशन बोर्ड में कई उपकरण जोड़ देने से उस सर्किट पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है.
केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण यानी सीईए ने 2026 के विद्युत सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम में सर्किट ओवरलोडिंग, खराब वायरिंग, ढीले कनेक्शन, पुरानी वायरिंग और घटिया इलेक्ट्रिकल उपकरणों को बिजली से होने वाली आग के प्रमुख जोखिमों में शामिल किया है.
इन संकेतों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें
अगर दिवाली की लाइटिंग लगाने के बाद घर में इनमें से कोई समस्या दिखाई दे तो उसे सामान्य न मानें:
बार-बार एमसीबी ट्रिप होना
स्विच या सॉकेट का बहुत गर्म होना
प्लग से जलने जैसी गंध आना
तार या एक्सटेंशन बोर्ड का असामान्य रूप से गर्म होना
लाइट का बार-बार झपकना
सॉकेट से चिंगारी निकलना
पुराने तारों का इंसुलेशन टूटना या खराब होना
ऐसी स्थिति में उस सर्किट पर अतिरिक्त सामान जोड़ने से बचें. जरूरत पड़ने पर योग्य इलेक्ट्रीशियन से जांच करवाएं.
क्या मीटर देखकर पता चल जाएगा कि कितना लोड है?
जरूरी नहीं. घर का स्वीकृत बिजली लोड और किसी एक सर्किट पर चल रहा वास्तविक लोड अलग चीजें हैं. सुरक्षित इस्तेमाल के लिए घर की वायरिंग, सर्किट, एमसीबी और उनसे जुड़े उपकरणों की क्षमता भी देखनी होती है. इसलिए यह मान लेना सही नहीं है कि ज्यादा क्षमता वाला मीटर होने पर किसी भी एक सॉकेट में मनमाने तरीके से उपकरण लगाए जा सकते हैं.
पुराने घर में ज्यादा सावधानी
अगर घर की वायरिंग कई साल पुरानी है तो दिवाली की अतिरिक्त लाइटिंग लगाने से पहले उसकी स्थिति देखना जरूरी है. समय के साथ तारों का इंसुलेशन खराब हो सकता है और कनेक्शन ढीले हो सकते हैं.सीईए ने पुरानी वायरिंग, ढीले कनेक्शन, ओवरलोडिंग और अनधिकृत इलेक्ट्रिकल बदलाव को भी इलेक्ट्रिकल आग के जोखिम से जोड़ा है.
अगर घर में पहले से एमसीबी ट्रिप होने, सॉकेट गर्म होने या जलने की गंध जैसी समस्या आती रही है तो दिवाली से पहले जांच करवाना ज्यादा जरूरी हो जाता है.
मल्टी-प्लग लगाने से क्षमता नहीं बढ़ती
कई लोग एक सॉकेट में एक्सटेंशन बोर्ड लगाकर कई उपकरण चला लेते हैं. लेकिन इससे घर की बिजली क्षमता नहीं बढ़ती.मल्टी-प्लग सिर्फ एक सॉकेट से ज्यादा उपकरण जोड़ने की सुविधा देता है. अगर उस सॉकेट या सर्किट की क्षमता से ज्यादा लोड जोड़ दिया गया तो समस्या पैदा हो सकती है.इसलिए एसी, गीजर जैसे ज्यादा बिजली लेने वाले उपकरणों के साथ कई अतिरिक्त उपकरण एक ही एक्सटेंशन बोर्ड में लगाने से बचना चाहिए.
कब इलेक्ट्रीशियन को बुलाएं?
हर घर में दिवाली से पहले इलेक्ट्रीशियन बुलाना जरूरी नहीं है. लेकिन अगर वायरिंग बहुत पुरानी है, एमसीबी बार-बार ट्रिप होती है, सॉकेट गर्म होते हैं, जलने की गंध आती है या इस बार सामान्य से काफी ज्यादा इलेक्ट्रिकल सामान चलाना है तो जांच करवाना बेहतर है.अगर नया सर्किट बनवाना है या घर की इलेक्ट्रिकल वायरिंग में बदलाव करना है तो योग्य और लाइसेंस प्राप्त इलेक्ट्रिकल प्रोफेशनल से ही काम करवाना चाहिए.
दिवाली पर रोशनी बढ़ाएं, लेकिन लोड समझकर
दिवाली की लाइटिंग लगाते समय सिर्फ यह न देखें कि झालर कितनी बिजली लेती है. यह भी देखें कि उसके साथ उसी सर्किट पर कौन-कौन से उपकरण चल रहे हैं.खराब या कटे हुए तारों का इस्तेमाल न करें. घटिया इलेक्ट्रिकल सामान से बचें और सॉकेट या एक्सटेंशन बोर्ड को जरूरत से ज्यादा लोड न दें.
घर को रोशन करने से पहले उसकी वायरिंग और सर्किट की क्षमता समझ लेना जरूरी है. थोड़ी सी सावधानी दिवाली की खुशियों को सुरक्षित रखने में मदद कर सकती है.
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