कोहली, रोहित शर्मा पीठ पर ये क्या लगाते हैं, क्या काम करती है ये मशीन?

सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल है, जिसमें भारतीय क्रिकेटर्स की तस्वीरों का कोलाज है और वो एक डिवाइस पहने नजर आ रहे हैं. ऐसे में जानते हैं कि ये डिवाइस किस काम का होता है?

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क्रिकेटर्स जीपीएस डिवाइस का इस्तेमाल कर रहे हैं. (Photo: X/Cric_Mukku) क्रिकेटर्स जीपीएस डिवाइस का इस्तेमाल कर रहे हैं. (Photo: X/Cric_Mukku)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 07 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 1:02 PM IST

ये तो आप जानते हैं कि क्रिकेटर्स अपनी हर एक्टिविटी को मॉनिटर करते हैं और इसका फायदा उन्हें अपने गेम में मिलता है. इसके लिए वे कई तरह की मशीनों का इस्तेमाल भी करते हैं. इसी से जुड़ा एक पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें दिख रहा है कि भारतीय क्रिकेटर्स ने अपनी पीठ पर एक डिवाइस लगा रखा है. इस पोस्ट में अलग-अलग क्रिकेटर्स की फोटो हैं और सभी ने ये डिवाइस लगा रखा है. इस पोस्ट के वायरल होने के बाद अब लोग सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर ये डिवाइस है क्या और इसका क्या काम है? साथ ही सवाल ये है कि इस डिवाइस को लगाने से क्रिकेटर्स को क्या फायदा होता है?

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इस पोस्ट में दिख रहा है कि रोहित शर्मा, केएल राहुल, विराट कोहली, हार्दिक पांड्या ने ये डिवाइस लगा रखी है. सभी तस्वीरें ग्राउंड  की है, जिससे पता चलता है कि जब खिलाड़ी ग्राउंड पर रहते हैं तो इसका इस्तेमाल करते हैं. अब ये तो साफ हो गया कि कई खिलाड़ी इसका इस्तेमाल करते हैं, लेकिन अब जानते हैं आखिर इस डिवाइस का काम क्या है?

क्या है ये डिवाइस?

जब कई लोगों ने इस डिवाइस के बारे में जानना चाहा तो लोगों ने इसे लेकर इस डिवाइस के बारे में अंदाजा लगाया. कई लोगों ने ग्रोक से भी पूछा कि आखिर ये है क्या. तो ग्रोक ने बताया कि यह एक जीपीएस परफॉर्मेंस ट्रैकिंग यूनिट है, जिसे अक्सर स्टैटस्पोर्ट्स जैसी कंपनियां बनाती हैं. इसे एक छोटे से पाउच में रखकर कंप्रेशन वेस्ट में कंधों के बीच, पीठ के ऊपरी हिस्से पर पहना जाता है. इससे खिलाड़ियों की एक्टिविटी को मॉनिटर किया जाता है और मशीन के जरिए हर एक्टिविटी को ट्रैक किया जाता है. 

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ये मशीन खिलाड़ी की ओर से तय की गई दूरी, सफ्तार, हार्ट रेट, वर्कलोड जैसी कई चीजों को रियल टाइम में ट्रैक करती है. इससे टीम खिलाड़ियों की फिटनेस पर नजर रखती है, चोटों के जोखिम को कम करने में मदद मिलती है और ट्रेनिंग को बेहतर तरीके से प्लान किया जाता है. इसके डेटा के हिसाब से खिलाड़ियों की प्रेक्टिस, एक्सरसाइज और डाइट का ध्यान रखा जाता है.

बता दें कि भारतीय क्रिकेट टीम ने 2019 में स्टैटस्पोर्ट्स की जीपीएस ट्रैकिंग तकनीक अपनाई थी. हालांकि, इस फोटो से यह पक्के तौर पर नहीं कहा जा सकता कि मौजूदा डिवाइस स्टैटस्पोर्ट्स की ही है. भारतीय क्रिकेट में Catapult जैसी जीपीएस तकनीक का भी इस्तेमाल हुआ है. लेकिन, ये कहा जा सकता है कि जीपीएस परफॉर्मेंस ट्रैकिंग यूनिट है. 
 

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