कब कंफर्म टिकट होने के बाद भी ट्रेन में सीट नहीं मिलेगी? यह रेलवे का नियम जरूर जान लें

अगर आपने ट्रेन का कंफर्म टिकट बुक कराया है, तो सिर्फ टिकट होना ही काफी नहीं है. भारतीय रेलवे के नियमों के मुताबिक यदि यात्री अपने तय बोर्डिंग स्टेशन से ट्रेन में नहीं चढ़ता और अगले दो स्टेशनों तक भी यात्रा शुरू नहीं करता, तो टीटीई उसकी सीट किसी दूसरे पात्र यात्री को आवंटित कर सकता है.

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कई परिस्थितियों में कंफर्म सीट जा सकती है. ( Photo: ITG) कई परिस्थितियों में कंफर्म सीट जा सकती है. ( Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 01 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 3:05 PM IST

भारतीय रेलवे दुनिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्क में से एक है. हर दिन लाखों लोग ट्रेन से सफर करते हैं. ऐसे में यात्रियों की सुविधा और सीटों के बेहतर इस्तेमाल के लिए रेलवे ने कई नियम बनाए हैं, जिनके बारे में हर यात्री को जानकारी होनी चाहिए. भारतीय रेलवे के नियमों के अनुसार, अगर आपने ट्रेन का कंफर्म टिकट बुक कराया है, तो आपको लगता होगा कि सीट पूरी यात्रा के दौरान सिर्फ आपकी ही रहेगी. लेकिन भारतीय रेलवे का एक ऐसा नियम भी है, जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं. इस नियम के मुताबिक कुछ परिस्थितियों में कंफर्म टिकट होने के बावजूद आपकी सीट किसी दूसरे यात्री को आवंटित की जा सकती है.

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ऐसा तब होता है, जब यात्री अपने तय बोर्डिंग स्टेशन से ट्रेन में नहीं चढ़ता और रेलवे को इसकी कोई जानकारी भी नहीं देता. ऐसे में टीटीई (ट्रैवलिंग टिकट एग्जामिनर) को नियमों के तहत वह सीट किसी दूसरे पात्र यात्री को आवंटित करने का अधिकार मिल जाता है. आइए आसान भाषा में समझते हैं कि यह नियम कैसे काम करता है, किन परिस्थितियों में आपकी सीट जा सकती है और इससे बचने के लिए आपको क्या करना चाहिए.

क्या है रेलवे का नियम?
भारतीय रेलवे के नियमों के अनुसार, यदि किसी यात्री का टिकट कन्फर्म है लेकिन वह अपने तय बोर्डिंग स्टेशन से ट्रेन में सवार नहीं होता और अगले दो स्टेशनों तक भी ट्रेन में नहीं चढ़ता, तो टीटीई उस सीट को खाली मान सकता है. इसके बाद यदि ट्रेन में कोई वेटिंग लिस्ट वाला यात्री, आरएसी यात्री या कोई अन्य पात्र यात्री सीट का इंतजार कर रहा है, तो टीटीई नियमों के अनुसार वह सीट उसे आवंटित कर सकता है. यानी सिर्फ कंफर्म टिकट होना ही काफी नहीं है. समय पर ट्रेन में चढ़ना भी उतना ही जरूरी है.

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यह नियम क्यों बनाया गया है?
भारतीय रेलवे से हर दिन करोड़ों यात्री सफर करते हैं. कई बार ऐसा होता है कि कुछ यात्री टिकट बुक करा लेते हैं, लेकिन किसी कारणवश यात्रा नहीं करते. वहीं दूसरी ओर कई लोग वेटिंग या आरएसी टिकट लेकर सफर कर रहे होते हैं. यदि खाली सीटों का उपयोग न किया जाए, तो संसाधनों की बर्बादी होगी और जरूरतमंद यात्रियों को परेशानी होगी. इसी वजह से रेलवे ने यह व्यवस्था बनाई है, ताकि खाली पड़ी सीटों का इस्तेमाल दूसरे यात्रियों को सुविधा देने के लिए किया जा सके.

मान लीजिए आपकी ट्रेन का बोर्डिंग स्टेशन नई दिल्ली है, लेकिन किसी वजह से आप गाजियाबाद या अलीगढ़ जैसे अगले स्टेशन से ट्रेन पकड़ना चाहते हैं. ऐसे में बिना जानकारी दिए पहले स्टेशन से ट्रेन मिस करना आपके लिए नुकसानदायक हो सकता है. इस स्थिति में आपको यात्रा शुरू होने से पहले अपना बोर्डिंग स्टेशन बदलना चाहिए. आईआरसीटीसी की सुविधा के जरिए यात्री ट्रेन रवाना होने से पहले तय समय सीमा के भीतर अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल सकते हैं. ऐसा करने के बाद आपकी सीट सुरक्षित रहती है और रेलवे को पता रहता है कि आप किस स्टेशन से ट्रेन में चढ़ेंगे.

अगर अचानक देरी हो जाए तो क्या करें?
कई बार ट्रैफिक जाम, फ्लाइट लेट होने, बस छूटने या किसी अन्य वजह से यात्री समय पर बोर्डिंग स्टेशन नहीं पहुंच पाता. ऐसी स्थिति में चुप रहने के बजाय तुरंत कदम उठाना बेहतर होता है. यदि संभव हो तो टीटीई से संपर्क करें या रेलवे हेल्पलाइन के माध्यम से अपनी स्थिति की जानकारी दें. हालांकि अंतिम निर्णय टीटीई और लागू रेलवे नियमों के अनुसार ही लिया जाता है. इसलिए पहले से सूचना देना हमेशा बेहतर माना जाता है.

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सिर्फ पहले स्टेशन से ट्रेन मिस करने पर आपका टिकट अपने आप कैंसिल नहीं होता. लेकिन यदि आपने बोर्डिंग स्टेशन नहीं बदला है, ट्रेन में चढ़ने की जानकारी नहीं दी है और अगले दो स्टेशनों तक भी आप यात्रा शुरू नहीं करते हैं, तो टीटीई सीट को खाली मानकर किसी दूसरे पात्र यात्री को आवंटित कर सकता है. इसलिए टिकट आपके नाम पर होने के बावजूद सीट आपके पास रहे, इसकी गारंटी नहीं रहती.

क्या पूरी यात्रा करने का किराया फिर भी देना पड़ेगा?
यदि आपने कंफर्म टिकट बुक कराया है, तो किराया उसी टिकट के अनुसार माना जाएगा. बाद में ट्रेन पकड़ लेने पर भी यह जरूरी नहीं कि आपको वही सीट वापस मिल जाए. यदि सीट किसी अन्य यात्री को आवंटित हो चुकी है, तो आगे की व्यवस्था उपलब्धता के आधार पर की जाएगी.

इन बातों का हमेशा रखें ध्यान
टिकट बुक करते समय सही बोर्डिंग स्टेशन चुनें. यदि किसी दूसरे स्टेशन से चढ़ना है, तो समय रहते बोर्डिंग स्टेशन बदल दें. बिना सूचना दिए अपने बोर्डिंग स्टेशन से ट्रेन मिस न करें. यात्रा में देरी होने पर जहां तक संभव हो, रेलवे या टीटीई को जानकारी दें. ट्रेन छूटने के बाद यह मानकर न चलें कि आपकी सीट पूरी यात्रा तक खाली रहेगी.

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