घर बनाने से पहले हमें हर एक छोटी से छोटी चीजों का ध्यान देना पड़ता है. क्योंकि, बिल्डिंग मटेरियल में कोई भी ऐसी छोटी सी चीज भी मिस नहीं होनी चाहिए, जिससे घर की मजबूती प्रभावित हो. आज हम यहां एक ऐसे ही छोटे से बिल्डिंग मटेरियल के बारे में बताएंगे, जो सिर्फ 2 या 4 रुपये में आती है लेकिन घर बनाने में बड़े काम की होती है.
यहां हम बात कर रहे हैं कवर ब्लॉक की. कंस्ट्रक्शन में कवर ब्लॉक सीमेंट, रेत या कंक्रीट से बना एक छोटा सा स्पेसर टुकड़ा होता है. इसका उपयोग सरिया और शटरिंग के बीच पर्याप्त दूरी बनाए रखने के लिए किया जाता है.
कवर ब्लॉक का मुख्य काम ढलाई यानी कास्टिंग के दौरान स्टील की छड़ों को अपनी सही जगह पर उठाकर रखना है. ताकि छड़ें सीधे शटरिंग या जमीन को न छूएं. इससे स्टील और कंक्रीट की बाहरी सतह के बीच एक तय गैप बनता है, जिसे टेक्निकल भाषा में 'क्लियर कवर' कहा जाता है.
इसका इस्तेमाल इस्तेमाल छत, पिलर, नींव और सीढ़ी की ढलाई में किया जाता है. छत के लिए 15 मिमी से 20 मिमी का कवर ब्लॉक का इस्तेमाल होता है. बीम में 25 मिमी का कवर ब्लॉक, पिलर में 40 मिमी का कवर ब्लॉक, नींव में 50 मिमी से 75 मिमी का कवर ब्लॉक और सीढ़ी में 15 मिमी का कवर ब्लॉक इस्तेमाल होता है.
ढलाई से ठीक पहले, मुख्य सरिए के नीचे कवर ब्लॉक को करीने से रख दिया जाता है. साथ ही यह भी तय किया जाता है कि कंक्रीट डालते समय वाइब्रेटर के इस्तेमाल से सरिया अपनी जगह से हिले नहीं और उसके नीचे व चारों तरफ पर्याप्त कंक्रीट भर जाए.
यह भी पढ़ें: नहीं होगा रिपेयर का झंझट, पहले जैसी हो जाएगी दीवार... इस टेक्नोलॉजी से मिनटों में भरेगी दरार
यदि कवर ब्लॉक न लगाया जाए, तो सरिया बाहर दिख सकता है, उसमें नमी के कारण जंग लग सकती है और पूरी इमारत कमजोर हो सकती है. बाजार में कंक्रीट कवर ब्लॉक बेहद सस्ते मिलते हैं. एक कवर ब्लॉक की कीमत मात्र 2 से 4 प्रति पीस होती है.
बिना कवर ब्लॉक कभी ढलाई नहीं करनी चाहिए
जानकारी की कमी के कारण या गांव- देहात में कई बार बिना कवर ब्लॉक के भी छत या पिलर की ढलाई कर दी जाती है. अक्सर ठेकेदार लापरवाही या जानकारी की कमी के कारण ऐसा करते हैं, लेकिन यह घर निर्माण में एक बहुत बड़ी गलती है.
यह भी पढ़ें: गोल या चौकोर... किस तरह का पिलर होता है ज्यादा मजबूत
कई बार कुछ कारीगर कवर ब्लॉक की जगह ईंट के टुकड़े, पत्थर या गिट्टी रख देते हैं या फिर सरिये को सीधा शटरिंग पर ही छोड़ देते हैं. ईंट या गिट्टी लगाने से सरिये की ऊंचाई हर जगह एक समान नहीं रहती और वाइब्रेटर चलने पर वे खिसक या टूट जाते हैं. इस तरह बिना कवर ब्लॉक के छत या पिलर की ढलाई करने से घर की मजबूती और उम्र पर बहुत बुरा असर पड़ता है.
aajtak.in