उत्तरकाशी में बिना बारिश धंस रहे पहाड़, गंगोत्री-यमुनोत्री हाईवे पर दरारें, जान जोखिम में डालकर स्कूल जा रहे बच्चे

उत्तरकाशी में पिछले तीन दिनों से बारिश कम होने के बावजूद भू-धंसाव और पहाड़ दरकने की घटनाएं लगातार जारी हैं. गंगोत्री और यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई जगह सड़क धंसने और मलबा आने से यातायात प्रभावित हो रहा है. स्थानीय लोगों ने संवेदनशील क्षेत्रों में स्थायी सुरक्षा कार्य और सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग बनाने की मांग की है.

Advertisement
कुपड़ा गांव के बच्चे जान जोखिम में डालकर पहुंच रहे स्कूल. (Photo: Screengrab) कुपड़ा गांव के बच्चे जान जोखिम में डालकर पहुंच रहे स्कूल. (Photo: Screengrab)

ओंकार बहुगुणा

  • उत्तरकाशी ,
  • 03 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 8:56 PM IST

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में पिछले तीन दिनों से बारिश का दौर अपेक्षाकृत कम रहा है, लेकिन इसके बावजूद पहाड़ों के दरकने और भू-धंसाव की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं. हालात ऐसे हैं कि गंगोत्री और यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर बिना बारिश के भी कई स्थानों पर मलबा आने, सड़क धंसने और दरारें पड़ने की घटनाएं हो रही हैं. इससे यात्रियों और स्थानीय लोगों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है.

Advertisement

गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर पापड़गाड़ के पास हाईवे का करीब 70 मीटर हिस्सा धंस गया. सड़क धंसने से कई स्थानों पर बड़ी दरारें पड़ गईं और करीब दो घंटे तक वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही. सूचना मिलने के बाद सीमा सड़क संगठन यानी बीआरओ की टीम मौके पर पहुंची और प्रभावित हिस्से में मिट्टी भरकर यातायात को दोबारा शुरू कराया.

हालांकि स्थानीय स्तर पर अब भी खतरा बना हुआ है. आशंका जताई जा रही है कि यदि दोबारा तेज बारिश होती है तो इसी स्थान पर बड़ा भू-धंसाव हो सकता है, जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग पर आवागमन पूरी तरह प्रभावित होने का खतरा रहेगा.

गंगोत्री हाईवे का 70 मीटर हिस्सा धंसा

बता दें, भटवाड़ी से हेल्गूगाड़ तक गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग लंबे समय से भू-धंसाव प्रभावित क्षेत्र माना जाता है. वर्ष 2010 में भी भटवाड़ी बाजार से गुजरने वाला हाईवे भू-धंसाव की चपेट में आ गया था. उस समय सड़क पर बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई थीं और कई व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को नुकसान हुआ था. वर्षों बाद भी इस क्षेत्र में खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है.

Advertisement

इस समय कांवड़ यात्रा अपने चरम पर है. ऐसे में यदि गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग का कोई हिस्सा पूरी तरह वॉशआउट हो जाता है तो कांवड़ यात्रा के साथ-साथ स्थानीय लोगों की आवाजाही भी गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती है. उधर यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी हालात चिंताजनक बने हुए हैं. श्याना चट्टी और सिलाई बैंड के पास बिना बारिश के भी बार-बार पहाड़ दरक रहे हैं. इसके कारण कई बार मार्ग बाधित हो चुका है और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

श्याना चट्टी के पास कुपड़ा गांव को जोड़ने वाला संपर्क मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो गया है. वैकल्पिक रास्ता नहीं होने के कारण गांव के स्कूली बच्चों को रोजाना जान जोखिम में डालकर कुपड़ा गाड़ के पानी और दलदली हिस्से को पार कर स्कूल जाना पड़ रहा है.

बच्चे जान जोखिम में डालकर पहुंच रहे स्कूल

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि गंगोत्री और यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग के संवेदनशील स्थानों पर स्थायी सुरक्षा कार्य जल्द कराए जाएं. साथ ही कुपड़ा गांव के लिए सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग का निर्माण भी जल्द कराया जाए, ताकि लोगों को रोजाना जोखिम उठाकर आवागमन न करना पड़े.
 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »