हरिद्वार के चंडी घाट पर पीलीभीत के रहने वाले एक परिवार ने हिंदू धर्म अपनाने की बात कही है. परिवार में पति-पत्नी और उनके तीन बच्चे शामिल हैं. बताया गया कि सनातन धर्म में आस्था और उसकी उदारता से प्रभावित होकर परिवार ने हिंदू धर्म में घर वापसी की. घर वापसी करने वालों में पीलीभीत के माहिद, उनकी पत्नी शबीना और उनके तीन बच्चे शामिल हैं. बच्चों में दो लड़के रिहान और आरव तथा एक लड़की इनाया बताई गई है. बताया गया कि माहिद श्री तीर्थ सेवा न्यास के संत रामविशाल दास की प्रेरणा से हरिद्वार पहुंचे. यहां चंडी घाट पर मां गंगा के तट पर गंगा पूजा की गई. इसके बाद पूरे विधि-विधान से हवन हुआ और परिवार ने मां गंगा में स्नान किया. इसके बाद हिंदू धर्म अपनाने की प्रक्रिया पूरी की गई. धर्म परिवर्तन के बाद माहिद का नाम मोहित और उनकी पत्नी शबीना का नाम खुशी बताया गया है.
घर वापसी के बाद मोहित उर्फ माहिद ने अपने फैसले को लेकर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि उन्हें हिंदू धर्म सही लगा, इसलिए वह इसमें आए हैं. उनके मुताबिक, इस धर्म में समाज में सम्मान और दयापन है. इसी वजह से उन्हें हिंदू धर्म अपनाना सही लगा. मोहित ने कहा कि उन्होंने अपनी मर्जी से हिंदू धर्म से जुड़ने का फैसला किया है. उनके मुताबिक, किसी ने उन पर कोई जबरदस्ती या दबाव नहीं बनाया. उन्होंने बताया कि वह पीलीभीत जिले के रहने वाले हैं. उन्होंने अपना पता राजीव कॉलोनी, बरा ग्राम और पप्पू डेयरी के पास बताया. मोहित ने अपने बच्चों के बारे में भी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि उनके तीन बच्चे हैं. इनमें एक का नाम रिहान, दूसरे का आरव और तीसरी बच्ची का नाम इनाया है. उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी का नाम खुशी है और उनका नाम मोहित है. मोहित ने दोहराया कि उन्होंने अपनी राजी-खुशी से यह फैसला लिया है और उन पर किसी तरह का जोर या दबाव नहीं था.
माहिद बोले, अपनी मर्जी से हिंदू धर्म से जुड़े
मोहित की पत्नी शबीना, जिन्हें अब खुशी नाम दिया गया है, ने भी धर्म परिवर्तन को लेकर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि उन्हें पिछले धर्म में अच्छा नहीं लगता था और वह काफी समय से हिंदू धर्म से जुड़ी हुई थीं. खुशी ने कहा कि वह काफी समय से हिंदू धर्म के त्योहार भी मना रही थीं और इसी धर्म से जुड़ी दूसरी चीजें भी करती थीं. उन्होंने कहा कि इसी वजह से अब उन्होंने पूरी तरह हिंदू धर्म अपनाने का फैसला किया. उन्होंने पहचान पत्र में नाम बदलने की बात भी कही. खुशी के मुताबिक, वह काफी समय से इस धर्म से जुड़ी थीं, लेकिन उनकी आईडी में बदलाव नहीं हो रहा था. इसी वजह से अब यह प्रक्रिया पूरी करनी पड़ रही है.
उन्होंने अपने बच्चों के बारे में भी बताया. उनके मुताबिक, बच्चे हिंदू धर्म के बारे में जानते हैं और इसी धर्म से जुड़े नामों को जानते हैं. उन्होंने बताया कि उनके तीन बच्चे हैं, दो लड़के और एक लड़की. बाइट में बच्चों के नाम बताते हुए उन्होंने कुछ नाम अलग तरीके से बताए, जबकि परिवार के मुखिया मोहित ने बच्चों के नाम रिहान, आरव और इनाया बताए थे.
श्री तीर्थ सेवा न्यास के स्वामी रामविशाल दास ने बताया कि एक पूरे परिवार की घर वापसी हुई है. उन्होंने परिवार के सदस्यों के नाम माहिद और उनकी पत्नी शबीना बताए. उन्होंने कहा कि परिवार पीलीभीत का रहने वाला है और इसमें तीन बच्चे हैं. रामविशाल दास के मुताबिक, परिवार लंबे समय से अपने मूल धर्म को लेकर जानकारी हासिल करने की कोशिश कर रहा था. उन्होंने दावा किया कि परिवार ने अपने पूर्वजों के बारे में जानकारी हासिल की और यह माना कि उनकी पिछली कुछ पीढ़ियां हिंदू थीं.
उन्होंने अपने बयान में औरंगजेब का भी जिक्र किया और दावा किया कि कुछ पीढ़ियों पहले उनके पूर्वजों पर अत्याचार करके उन्हें मुसलमान बनाया गया था. रामविशाल दास के मुताबिक, इसी वजह से परिवार के मन में अपने मूल धर्म को जानने की जिज्ञासा पैदा हुई. उन्होंने बताया कि परिवार ने लंबे समय तक इस बारे में पढ़ाई और किताबों का अध्ययन किया. इसके अलावा कई लोगों से विचार-विमर्श भी किया. उनके मुताबिक, परिवार ने उनसे आग्रह किया था कि वह सनातन धर्म में वापस आना चाहता है.
स्वामी रामविशाल दास ने बताया कि हरिद्वार में मां गंगा के तट पर परिवार ने गंगा स्नान किया. इसके बाद हवन किया गया और फिर नामकरण की प्रक्रिया भी होनी थी. उन्होंने बताया कि इसके साथ ही परिवार ने हिंदू धर्म में घर वापसी की. उन्होंने कहा कि परिवार के सदस्य पीलीभीत के रहने वाले हैं. उनके मुताबिक, जिस धर्म से परिवार आया है, वहां उन्हें समस्याएं महसूस हो रही थीं और अब वे उस धर्म से निकलकर सनातन धर्म में आए हैं. रामविशाल दास ने यह भी कहा कि हिंदू धर्म में आने के बाद परिवार का सम्मान और सत्कार किया जाएगा. उन्होंने कहा कि परिवार के साथ प्रेम और सौहार्द के साथ रहने के लिए लोग सहयोग करेंगे. उन्होंने बताया कि सत्यपाल मलिक सहित कई लोग परिवार के साथ पहले से जुड़े हुए हैं और उनकी जरूरतों में सहयोग कर रहे हैं. रामविशाल दास के मुताबिक, आगे भी परिवार की यथासंभव मदद की जाएगी.
पीलीभीत से हरिद्वार पहुंचा परिवार
इस तरह पीलीभीत से हरिद्वार पहुंचे इस परिवार ने चंडी घाट पर धार्मिक प्रक्रिया के बाद हिंदू धर्म अपनाने की बात कही है. परिवार के मुताबिक, यह फैसला उनकी अपनी इच्छा से लिया गया है और इसके पीछे किसी तरह का दबाव नहीं था. परिवार ने गंगा पूजा, हवन और गंगा स्नान के बाद घर वापसी की. परिवार के मुखिया माहिद का नाम मोहित और उनकी पत्नी शबीना का नाम खुशी बताया गया है. उनके तीन बच्चों के नाम रिहान, आरव और इनाया बताए गए हैं. वहीं, श्री तीर्थ सेवा न्यास के स्वामी रामविशाल दास ने इसे परिवार की घर वापसी बताया और कहा कि परिवार ने अपने मूल धर्म को लेकर लंबे समय तक जानकारी जुटाई और इसके बाद हिंदू धर्म में लौटने का निर्णय लिया.
मुदित अग्रवाल