उत्तराखंड के प्रसिद्ध केदारनाथ धाम में बर्फबारी का सिलसिला लगातार दूसरे दिन भी जारी है. सीजन की पहली भारी बर्फबारी के बाद धाम का नजारा पूरी तरह बदल गया है. आसपास की पहाड़ियां बर्फ की सफेद चादर से ढक गई हैं. मंदिर परिसर और उसके आसपास भी बर्फ जमने लगी है. एक ओर बर्फ से ढके पहाड़ श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर गिरते तापमान और कड़ाके की ठंड ने यात्रियों की परेशानी बढ़ा दी है.
बीती रात से ही केदारनाथ में रुक-रुककर बर्फ गिर रही है. लगातार बर्फबारी के चलते यहां तापमान में काफी गिरावट आई है. मौसम के इस बदले मिजाज से धाम में ठंड का असर बढ़ गया है. खासकर खुले इलाकों में रहने और आवाजाही करने वाले श्रद्धालुओं को ठंड का सामना करना पड़ रहा है.
सफेद बर्फ से ढकी पहाड़ियां, धाम का बदला नजारा
लगातार हो रही बर्फबारी के बाद केदारनाथ के आसपास की चोटियां पूरी तरह सफेद दिखाई दे रही हैं. मंदिर के आसपास का इलाका भी बर्फ से ढक गया है. धाम में मौजूद बर्फबारी के वीडियो सामने आए हैं, जिनमें आसमान से गिरती बर्फ और सफेद चादर में लिपटी पहाड़ियां दिखाई दे रही हैं.
हर साल सर्दियों की शुरुआत के साथ केदारनाथ में तापमान तेजी से गिरने लगता है. इस बार भी भारी बर्फबारी ने ठंड का असर बढ़ा दिया है. मौसम में आए इस बदलाव से धाम पहुंचने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ रही है.
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श्रद्धालुओं के लिए बढ़ी मुश्किलें
लगातार दूसरे दिन बर्फ गिरने से यहां ठंड और बढ़ गई है. ऐसे मौसम में धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए गर्म कपड़े रखना बेहद जरूरी है. बर्फबारी के बीच यात्रा करने वालों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने और सावधानी बरतने की जरूरत है. केदारनाथ में बर्फबारी का यह नजारा भले ही बेहद खूबसूरत हो, लेकिन गिरता तापमान और बदलता मौसम श्रद्धालुओं के लिए चुनौती बना हुआ है.
11 नवंबर को बंद होंगे मंदिर के कपाट
केदारनाथ में हर साल सर्दियों के दौरान भारी बर्फबारी होती है. इस वजह से सर्दियों में मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाते हैं. इस साल 11 नवंबर को भाई दूज के अवसर पर सुबह 8:30 बजे मंदिर के कपाट बंद होंगे. इसके बाद बाबा केदार की उत्सव डोली ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर पहुंचेगी. सर्दियों के दौरान यहीं बाबा की पूजा-अर्चना होगी. अगले साल गर्मियों में शुभ मुहूर्त पर कपाट दोबारा खोले जाएंगे.
प्रवीण सेमवाल