उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में जांच का दायरा लगातार व्यापक होता जा रहा है. इसी क्रम में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की टीम ने हरिद्वार के भेल (BHEL) स्थित शिवालिक गेस्ट हाउस में ज्वालापुर के पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौड़ से लंबी पूछताछ की. सीबीआई अधिकारियों ने पूर्व विधायक से करीब तीन घंटे तक विभिन्न बिंदुओं पर गहन सवाल-जवाब किए. पूछताछ पूरी होने के बाद सीबीआई टीम और पूर्व विधायक वहां से रवाना हो गए.
पूछताछ के बाद बाहर आने पर पूर्व विधायक सुरेश राठौड़ ने मीडिया से बातचीत की. उन्होंने कहा, "मैंने सीबीआई की जांच में पूरा सहयोग किया है. न इससे कम, न इससे ज्यादा. जो भी जांच से जुड़ी बातें थीं, वह मैंने सत्यता के साथ अधिकारियों को बता दी हैं. मैंने पूरा सहयोग किया है और आगे भी करता रहूंगा."
हालांकि, जब पत्रकारों ने उनसे वायरल ऑडियो और अभिनेत्री उर्मिला सनावर से जुड़े संबंधों को लेकर सवाल किया, तो उन्होंने पल्ला झाड़ते हुए कहा, "जहां तक उर्मिला सनावर की बात है, तो मैं उनके बारे में कुछ नहीं जानता. मुझे नहीं पता कि वह कौन हैं और उनके बारे में मुझे बिल्कुल भी कोई जानकारी नहीं है."
क्यों तेज हुई है CBI जांच की हलचल?
पिछले कुछ दिनों से अंकिता भंडारी मामले में सियासी और कानूनी सरगर्मी काफी बढ़ गई है. हाल ही में राजनीतिक नियुक्तियों और चर्चाओं के बाद अंकिता के माता-पिता ने दिल्ली में धरना-प्रदर्शन किया था और सीबीआई मुख्यालय जाकर वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की थी. परिजनों ने मामले में जल्द से जल्द और कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
इससे पहले सुरेश राठौड़ और उर्मिला सनावर की कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग वायरल होने के बाद काफी विवाद खड़ा हुआ था, जिसके चलते पूर्व विधायक पर कानूनी शिकंजा कसा गया था.
अब सीबीआई इस ऑडियो और हत्याकांड के अन्य अनछुए पहलुओं की कड़ी से कड़ी जोड़ने में जुटी है, ताकि यह साफ हो सके कि इस वीआईपी केस में पर्दे के पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे.
मुदित अग्रवाल