उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के बदियाकोट स्थित मां भगवती के प्राचीन मंदिर में 16 अक्टूबर को आग लगने से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में मायूसी छा गई. लकड़ी पर की गई बारीक और खूबसूरत नक्काशी से सुसज्जित इस मंदिर को भारी नुकसान पहुंचा है. नवरात्र के बीच हुई इस घटना से क्षेत्र के लोगों की धार्मिक भावनाओं को भी गहरा झटका लगा है.
दरअसल, यह मंदिर केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि पहाड़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक स्थापत्य कला का भी अनमोल प्रतीक था. इसकी लकड़ी पर उकेरी गई कलाकृतियां स्थानीय शिल्पकला की पहचान रही हैं. मंदिर की पारंपरिक बनावट क्षेत्र की प्राचीन कला और संस्कृति को दर्शाती थी.
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प्राचीन स्थापत्य कला को नुकसान से मायूसी
मंदिर में आग लगने की खबर से स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं के बीच निराशा है. हालांकि, आग कैसे लगी और मंदिर को कितना नुकसान पहुंचा है, इसकी वास्तविक स्थिति की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. घटना के कारणों को लेकर भी फिलहाल कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है.
नवरात्र के दौरान मां भगवती के इस प्राचीन धाम में हुई घटना से श्रद्धालु दुखी हैं. लोग मां से सभी की रक्षा करने और इस संकट की घड़ी में अपनी कृपा बनाए रखने की प्रार्थना कर रहे हैं. मंदिर को पहुंचे नुकसान से क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को लेकर भी चिंता बढ़ गई है.
जगदीश पाण्डेय