अंकिता भंडारी केस: देहरादून में सड़कों पर उतरी कांग्रेस, दिल्ली में CBI से मिले माता-पिता

अंकिता भंडारी के माता-पिता ने दिल्ली में CBI मुख्यालय पहुंचकर वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की और मामले से जुड़े कई बिंदुओं पर जानकारी दी. CBI ने उन्हें निष्पक्ष और न्यायसंगत जांच का भरोसा दिया. वहीं, देहरादून में उत्तराखंड कांग्रेस ने विरोध में बाइक रैली निकाली.

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अंकिता भंडारी को लेकर कांग्रेस ने देहरादून में किया प्रदर्शन.(Photo-PTI) अंकिता भंडारी को लेकर कांग्रेस ने देहरादून में किया प्रदर्शन.(Photo-PTI)

अंकित शर्मा

  • नई दिल्ली/ देहरादून,
  • 16 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 11:40 PM IST

अंकिता भंडारी के माता-पिता ने शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 को दिल्ली स्थित CBI मुख्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की. अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी और माता सोनी देवी ने मामले से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर अधिकारियों को जानकारी दी. CBI अधिकारियों ने उन्हें मामले के सभी पहलुओं का उचित परीक्षण करते हुए जांच निष्पक्ष और न्यायसंगत तरीके से करने का आश्वासन दिया. इस दौरान अंकिता के माता-पिता के साथ गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी भी मौजूद रहे.

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वहीं, अंकिता भंडारी मामले में न्याय की मांग और दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के विरोध में उत्तराखंड कांग्रेस ने देहरादून में प्रदर्शन किया. कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बाइक रैली निकालकर मामले में निष्पक्ष जांच और जवाबदेही की मांग उठाई. प्रदर्शन में कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत समेत कई नेता शामिल हुए. रैली के दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे.

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने अंकिता भंडारी मामले को लेकर राज्य और केंद्र सरकार पर सवाल उठाए. पार्टी ने दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने पर भी आपत्ति जताई और इस फैसले के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया.

संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया

कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि अंकिता भंडारी मामले में सामने आए सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया है. उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति का नाम इस प्रकरण को लेकर सार्वजनिक चर्चाओं में आया, उसे राज्यपाल जैसे संवैधानिक पद पर नियुक्त किए जाने से लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं.

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शैलजा ने कहा कि उत्तराखंड की जनता और यहां की बेटियां इस मुद्दे को लेकर गंभीर हैं और प्रदेश के लोग इसे अपने सम्मान से जुड़ा मामला मान रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा, केंद्र सरकार और राज्य सरकार संबंधित व्यक्ति को बचाने का प्रयास कर रही हैं. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि मामले में सामने आए कथित ऑडियो और अन्य आरोपों की जांच किस दिशा में आगे बढ़ रही है.

लोगों को जानने का अधिकार

कांग्रेस प्रदेश प्रभारी ने जांच की प्रगति सार्वजनिक करने की मांग की. उन्होंने कहा कि लोगों को यह जानने का अधिकार है कि मामले की जांच कहां तक पहुंची है और संबंधित सवालों पर क्या कार्रवाई की गई है. इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग दोहराई. पार्टी ने कहा कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और किसी भी व्यक्ति के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच कानून के अनुसार की जानी चाहिए. प्रदर्शन के जरिए कांग्रेस ने अंकिता भंडारी मामले को लेकर अपनी मांगें दोहराईं और राज्य सरकार से जवाबदेही तय करने तथा मामले में उठ रहे सवालों पर स्पष्ट जानकारी देने की मांग की. 

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